Home World खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कनाडा पुलिस ने किया एक और भारतीय नागरिक अरेस्ट

खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कनाडा पुलिस ने किया एक और भारतीय नागरिक अरेस्ट

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खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर हत्याकांड में बड़ा खुलासा, कनाडा पुलिस ने किया एक और भारतीय नागरिक अरेस्ट

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Canada : खालिस्तान समर्थक अलगाववादी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में कनाडा पुलिस ने एक और भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है. बता दें, कि इसके पहले पिछले हफ्तें कनाडा पुलिस ने तीन भारतीयों को गिरफ्तार किया था. खालिस्तानी अलगाववादी निज्जर की बीते साल जून में सरे स्थित एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. ब्रिटिश कोलंबिया की पुलिस टीम ने चौथे आरोपी की पहचान अमनदीप सिंह (22) के रूप में की है.

बता दें, कि कनाडाई पुलिस की ‘इंटीग्रेटेड होमिसाइड इंवेस्टिगेशन टीम’ (IHIT) ने बताया कि निज्जर की हत्या में सिंह की भूमिका के लिए उसे 11 मई को गिरफ्तार किया गया. आधिकारिक विज्ञप्ति में कहा गया है कि आरोपी हथियार रखने के एक मामले में पहले से ही ओंटारिया पुलिस की हिरासत में था, जिसका निज्जर हत्याकांड से संबंध नहीं है.

IHIT अधिकारी ने क्या कहा

IHIT के अधिकारी मनदीप मूकर ने कहा, कि यह गिरफ्तारी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भूमिका निभाने वालों को जिम्मेदार ठहराने के लिए जारी हमारी जांच की प्रकृति को दर्शाती है. पुलिस ने एक बयान में कहा, ‘‘आईएचआईटी ने सबूत इकट्ठा किए और अमनदीप सिंह पर हत्या और हत्या की साजिश के आरोपों के समर्थन में जानकारी हासिल की है.

 

जांचकर्ताओं ने कहा कि जांच जारी रहने और अदालती प्रक्रियाओं के वजह से इस मामले में गिरफ्तारी की और कोई जानकारी नहीं दी जा सकती है. मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र के हवाले से ‘ग्लोबल न्यूज’ ने कहा कि ऐसा माना जा रहा है कि निज्जर पर गोली चलाने वाले दो हथियारबंद लोगों में से एक अमनदीप सिंह था. इसके बाद हमलावरों को एक कार से फरार होते हुए देखा गया. 

सूत्र ने बताया कि अपने सह-आरोपी की तरह सिंह अस्थायी वीजा पर कनाडा पहुंचा और वह हिंसक अपराध में कथित तौर पर शामिल रहा. उसने बताया कि चारों हमलावर का बिश्नोई गिरोह से संबंध होने का संदेह है. सिंह उन पांच लोगों में से एक है जिन पर तीन नवंबर, 2023 को पील पुलिस स्पेशलाइज्ड एन्फोर्समेंट ब्यूरो द्वारा ब्रैम्पटन में आग्नेयास्त्र और नशीली दवाओं के अपराध का आरोप लगाया गया था. 

ये हैं आरोपी

आईएचआईटी ( IHIT ) के जांचकर्ताओं ने इस मामले में तीन भारतीय नागरिकों करण बराड़ (22), कमलप्रीत सिंह (22) और करणप्रीत सिंह (28) को तीन मई को गिरफ्तार किया था. ये तीनों आरोपी एडमॉन्टन के रहने वाले हैं और उन पर हत्या और हत्या की साजिश रचने के आरोप हैं. 

कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने पिछले साल सितंबर में निज्जर की हत्या में भारतीय एजेंटों की ‘‘संभावित’’ संलिप्तता के आरोप लगाए थे जिसके बाद से भारत और कनाडा के बीच रिश्तों में तनाव है. भारत ने ट्रूडो के आरोपों को ‘‘बेतुका और प्रेरित’’ बताकर खारिज किया है. कनाडा में सिख अलगाववादी समूहों की मौजूदगी पर भारत लंबे समय से आपत्ति जताता रहा है. उसने निज्जर को ‘‘आतंकवादी’’ घोषित किया था. 

 

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है, कि खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों को राजनीतिक प्रश्रय देकर कनाडा सरकार यह संदेश दे रही है कि उसका वोट बैंक कानून के शासन से “ज्यादा शक्तिशाली” है. जयशंकर ने कहा था कि भारत अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान और पालन करता है, लेकिन इसका मतलब विदेशी राजनयिकों को धमकाने, अलगाववाद को समर्थन देने या हिंसा की वकालत करने वाले तत्वों को राजनीतिक प्रश्रय देने की स्वतंत्रता नहीं है. 

 

पंजाब के सिख प्रवासियों के बीच खालिस्तान समर्थकों का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री ने इस बात पर भी आश्चर्य जताया कि संदिग्ध पृष्ठभूमि वाले लोगों को कनाडा में प्रवेश करने और रहने की अनुमति कैसे दी जा रही है. उन्होंने कहा था, “किसी भी नियम-आधारित समाज में आप लोगों की पृष्ठभूमि, वे कैसे आए, उनके पास कौन सा पासपोर्ट था, आदि चीजों की जांच करेंगे.” विदेश मंत्री ने कहा था, “अगर आपके यहां ऐसे लोग हैं जो संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर वहां मौजूद हैं, तो यह आपके बारे में क्या कहता है? यह वास्तव में कहता है कि आपका वोट बैंक आपके कानून के शासन से ज्यादा शक्तिशाली है.

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