[ad_1]
नया कोरोना वैरिएंट फिलर्ट (KP.2) ओमिक्रॉन का ही सब-वैरिएंट है, हालांकि इसमें कुछ ऐसे म्यूटेशन देखे गए हैं जो इसे वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा प्रणाली को चकमा देने और इंसानों में तेजी से संक्रमण बढ़ाने के योग्य बनाते हैं।
सिंगापुर स्वास्थ्य विभाग ने सभी लोगों को सावधान करते हुए कहा है कि कोरोना के जोखिमों को लेकर अलर्ट रहें। अगले महीने संक्रमण के मामलों में और अधिक उछाल आने की आशंका है।
ये भी पढ़ें- Covid-19: नए वैरिएंट ने बढ़ाई मुसीबत, भारत में भी दर्ज किए गए मामले
नए वैरिएंट को लेकर किए गए अध्ययनों की रिपोर्ट के आधार पर विशेषतज्ञों ने बताया KP.2 जिस गति से बढ़ रहा है ऐसे में यह बहुत जल्दी अब तक सबसे तेजी से फैलने वाले JN.1 वैरिएंट की जगह ले सकता है। कोरोना के लगभग 50% सैंपल के अध्ययन में KP.2 को ही प्रमुख कारक माना जा रहा है।
सिंगापुर इस नए वैरिएंट से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, वर्तमान में सिंगापुर में दो-तिहाई से अधिक मामले KP.1 और KP.2 के हैं। 3 मई तक, विश्व स्वास्थ्य संगठन ने KP.2 को ‘वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग’ के रूप में वर्गीकृत किया है।
सिंगापुर स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, 5 से 11 मई के सप्ताह में यहां कोविड-19 के 25,900 से अधिक मामले रिपोर्ट किए गए। इसके पिछले सप्ताह 13,700 से अधिक संक्रमण दर्ज किए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक संक्रमितों के साथ-साथ कोविड के कारण अस्पताल में भर्ती होने वाले लोगों के आंकड़े भी काफी तेजी से बढ़ रहे हैं।
सिंगापुर में कोविड-19 के मामलों में जिस गति की वृद्धि देखी जा रही है ऐसे में जून के मध्य तक यहां संक्रमण के मामलों के पीक पर पहुंचने की आशंका जताई गई है। स्वास्थ्य मंत्री ओंग ये कुंग ने कहा, संक्रमण अभी शुरुआती स्थिति में है, ऐसे में समय रहते इसे नियंत्रित करने के उपाय जरूरी हैं।
महाराष्ट के साथ-साथ देश के कई राज्यों में कोरोना के इस नए वैरिएंट के मामले बढ़ते हुए रिपोर्ट किए गए हैं। महाराष्ट में अब तक KP.2 वैरिएंट के 146 केस दर्ज किए गए हैं। इसके बाद पश्चिम बंगाल 36 संक्रमितों के साथ दूसरे स्थान पर है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक देश में ज्यादातर संक्रमितों में हल्के स्तर के ही लक्षण देखे जा रहे हैं। नए वैरिएंट के कारण अस्पताल में भर्ती होने या गंभीर मामले फिलहाल नहीं हैं।
महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल के अलावा गुजरात में 23, राजस्थान में 21, ओडिशा में 17, उत्तराखंड में 16 और गोवा में 12 लोगों में KP.2 वैरिएंट के कारण संक्रमण की पुष्टि की गई है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, कोरोना के इस नए वैरिएंट के कारण बढ़ते जोखिमों को लेकर सभी लोगों को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। सुरक्षात्मक तौर पर मास्क लगाने और कोविड एप्रोप्रिएट बिहेवियर का पालन करते रहना जरूरी है। हम अभी संक्रमण के शुरुआती दौर में हैं, अभी से अगर सावधानी बरती गई है तो मामलों में उछाल आने से रोका जा सकता है।
————–
नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
अस्वीकरण: अमर उजाला की हेल्थ एवं फिटनेस कैटेगरी में प्रकाशित सभी लेख डॉक्टर, विशेषज्ञों व अकादमिक संस्थानों से बातचीत के आधार पर तैयार किए जाते हैं। लेख में उल्लेखित तथ्यों व सूचनाओं को अमर उजाला के पेशेवर पत्रकारों द्वारा जांचा व परखा गया है। इस लेख को तैयार करते समय सभी तरह के निर्देशों का पालन किया गया है। संबंधित लेख पाठक की जानकारी व जागरूकता बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है। अमर उजाला लेख में प्रदत्त जानकारी व सूचना को लेकर किसी तरह का दावा नहीं करता है और न ही जिम्मेदारी लेता है। उपरोक्त लेख में उल्लेखित संबंधित बीमारी के बारे में अधिक जानकारी के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श लें।
[ad_2]
Source link