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इब्राहिम रईसी
– फोटो : पीटीआई
विस्तार
ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी को लेकर जा रहे काफिले का हेलीकॉप्टर रविवार को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पायलट ने हेलीकॉप्टर से नियंत्रण खो दिया था, जिसके चलते हादसा हुआ। घटना के कई घंटे बीत जाने के बाद भी अभी तक हेलीकॉप्टर का पता नहीं चल सका है। अब रईसी के हेलीकॉप्टर को ढूंढने के लिए सऊदी अरब, रूस और खाड़ी देशों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं।
ईरानी एजेंसियों की सहायता करने के लिए तैयार
सऊदी अरब ने रविवार को ईरान के राष्ट्रपति रईसी को ले जा रहे हेलीकॉप्टर के लापता होने पर चिंता जताई और मदद करने के लिए पूछा। ईरान का लंबे समय तक दुश्मन रहे खाड़ी देश के विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘इस कठिन समय में हम ईरान के इस्लामी गणराज्य के साथ हैं। ईरानी एजेंसियों की किसी भी तरह की सहायता करने के लिए तैयार है।
बचाव कार्य में परेशानी
63 साल के रईसी को ढूंढने के लिए घटनास्थल पर राहत और बचाव कार्य जारी है। हालांकि धुंध और पहाड़ी इलाका होने के चलते बचाव कार्य में परेशानी आ रही है। हादसे में किसी की मौत या घायल होने की कोई जानकारी नहीं है।
कतर ने भी घटना पर दुख जताया। इसके अलावा उसने हेलीकॉप्टर को ढूंढने के लिए अपना पूरा सहयोग देने की बात कही।
कठिन परिस्थितियों में ईरान के साथ खड़े
खाड़ी देश के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने घटना पर चिंता जताई है। साथ ही रईसी और उनके सहयोगियों की सुरक्षा के लिए कामना भी की है। यूएई ने भी कहा कि वह भी बचाव और खोज कार्य में मदद करने को तैयार है। कुवैत ने एलान किया कि वह इन कठिन परिस्थितियों में इस्लामी गणराज्य ईरान के साथ खड़ा है।
ईरान और सऊदी अरब के बीच लंबे समय तक रही खटास
शिया बहुल ईरान और सुन्नी बहुल सऊदी अरब लंबे समय से लेबनान, सीरिया, इराक और यमन सहित क्षेत्रीय संघर्षों के विरोधी पक्षों में रहे हैं। 2016 में सऊदी अरब द्वारा शिया धर्मगुरु निम्र अल-निम्र को फांसी दिए जाने के विरोध में ईरान में सऊदी राजनयिक मिशनों पर हमलों के बाद द्विपक्षीय संबंध टूट गए थे। हालांकि, पिछले साल मार्च में दोनों देशों के बीच के संबंध सुधारने के लिए चीन ने मध्यस्थता की। हाल के दिनों में दोनों लगातार संपर्क में हैं। वे इस्राइल पर हमास के सात अक्तूबर के हमले के बाद से गाजा में शुरू हुए युद्ध को रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
हेलीकॉप्टर में ईरानी राष्ट्रपति के साथ विदेश मंत्री और कई शीर्ष नेता भी सवार
हादसे के बारे में अधिक जानकारी नहीं मिल पाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, काफिले के एक हेलीकॉप्टर में ईरानी राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी के साथ ही ईरान के विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दोल्लाहियन भी सवार हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, ईरानी राष्ट्रपति के काफिले में तीन हेलीकॉप्टर थे और इनमें से दो हेलीकॉप्टर सुरक्षित अपने गंतव्य पर उतर चुके हैं।
पहाड़ी इलाका होने की वजह से बचाव कार्य में हो रही परेशानी
रिपोर्ट्स के अनुसार, पायलट ने हेलीकॉप्टर से नियंत्रण खो दिया, जिसके चलते हादसा हुआ। बचाव कार्य में 16 टीमों को लगाया गया है। हादसे में किसी की मौत या घायल होने की कोई जानकारी नहीं है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रईसी (63 वर्षीय) पूर्वी अजरबैजान जा रहे थे। इसी दौरान अजरबैजान के सीमावर्ती शहर जोल्फा के करीब दुर्घटना घटी, जो ईरान की राजधानी तेहरान से 600 किलोमीटर दूर है। वह रविवार तड़के अजरबैजान के राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव के साथ एक बांध का उद्घाटन करने वाले थे। यह तीसरा बांध है, जिसे दोनों देशों ने अरास नदी पर बनाया है। पूर्वी अजरबैजान प्रांत के गवर्नर भी राष्ट्रपति के काफिले में शामिल थे।
कौन हैं इब्राहिम रईसी?
इब्राहिम रईसी एक कट्टरपंथी हैं, जिन्होंने पूर्व में देश की न्यायपालिका का नेतृत्व किया था। उन्हें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के करीबी के रूप में देखा जाता है और कुछ विश्लेषकों का कहना है कि वह 85 वर्षीय नेता (खामेनेई) की मृत्यु या पद से इस्तीफा देने के बाद उनकी जगह ले सकते हैं।
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