Home World 300 साल पहले डूबे जहाज पर लदा था सोने-चांदी और जवाहरात का खजाना, इस देश ने शुरू की तलाश

300 साल पहले डूबे जहाज पर लदा था सोने-चांदी और जवाहरात का खजाना, इस देश ने शुरू की तलाश

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300 साल पहले डूबे जहाज पर लदा था सोने-चांदी और जवाहरात का खजाना, इस देश ने शुरू की तलाश

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Spanish Treasure Ship San Jose: कोलंबिया ने 300 से भी ज्यादा साल पहले डूबे खजाने की खोज शुरू की है. 62 तोपों वाला स्पेनिश जहाज ‘सैन जोस’ 1708 में कार्टाजेना के ठीक दक्षिण में डूब गया था. यह तीन-मस्तूल वाला गैलियन (एक तरह का स्पेनिश जहाज) था. 1698 में लॉन्च हुए इस जहाज पर डूबने के समय अरबों अमेरिकी डॉलर मूल्य के सोने, चांदी और जवाहरात लदे हुए थे. 2015 में कोलंबियाई सरकार को कार्टाजेना के पास समुद्र में ‘सैन जोस’ जहाज का मलबा मिला. करीब एक दशक बाद, उस जहाज का मुआयना करने को टीम भेजी गई है. पहले स्टेज में रिमोट सेंसर्स की मदद से जहाज की तस्वीरें ली जाएंगी. फिर जहाज के मलबे से बहुमूल्य धातुओं और पुरातात्विक रूप से महत्वपूर्ण वस्तुओं को निकालने की कोशिश होगी. कोलम्बियाई मानव विज्ञान और इतिहास संस्थान (ICANH) ने मलबे वाली जगह को ‘संरक्षित पुरातात्विक क्षेत्र’ घोषित कर दिया है.

युद्ध के दौरान डूब गया था खजाने से लदा स्पेनिश जहाज

18वीं सदी का स्पेन दुनिया की प्रमुख शक्तियों में से एक था. स्पेनिश कॉलोनियों में मौजूद खदानों से सोना, चांदी और अन्य बहुमूल्य रत्न जहाजों में लाद कर स्पेन लाए जाते थे. स्पेन ने ऐसे मालवाहक जहाजों की सुरक्षा के लिए उन पर तोपें भी लगा रखी थीं. पुर्तगाल और स्पेन में विकसित हुए ऐसे जहाजों को गैलियन कहा जाता है. 18वीं सदी की शुरुआत में स्पेनिश साम्राज्य पर उत्तराधिकार की जंग छिड़ी. उसी दौर में, पेरू से खजाना लादकर स्पेनिश टुकड़ा का सबसे बड़ा गैलियन, ‘सैन जोस’ कोलंबिया की ओर बढ़ा. रास्ते में कार्टाजेना के पास ब्रिटिश जहाजों से लड़ाई के दौरान इसे काफी नुकसान पहुंचा. उस समय जहाज पर लगभग 600 लोग सवार थे, जब यह कैरेबियन में डूबा.

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डूबा खजाना मिला तो उस पर किसका अधिकार होगा?

कोलंबिया के लिए सैन जोस की खोज बेहद महत्वपूर्ण है. जहाज के खजाने में दुर्लभ सांस्कृतिक और ऐतिहासिक कलाकृतियां भी हो सकती हैं. खजाने से 18वीं सदी की शुरुआत में यूरोप के आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक माहौल से जुड़े सुराग भी मिल सकते हैं. हालांकि, खजाने को लेकर अरबों डॉलर की कानूनी लड़ाई भी छिड़ गई है. कोलंबिया का कहना है कि उसने 2015 में अंतरराष्ट्रीय वैज्ञानिकों की मदद से सैन जोस को खोजा.

कोलंबिया के इस दावे को Sea Search-Armada (SSA) नाम की अमेरिकी कंपनी ने चुनौती दी है. इस कंपनी का कहना है कि उसने 1980s की शुरुआत में ही जहाज का मलबा खोज लिया था. SSA ने परमानेंट कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन में कोलंबियाई सरकार के खिलाफ कानूनी जंग छेड़  दी है. वह जहाज के खजाने के अनुमानित मूल्य का आधा हिस्सा – लगभग 10 बिलियन डॉलर – की मांग कर रही है. 

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