Home Breaking News Pune: ‘नाबालिग के दादा ने ड्राइवर को तोहफे-नकदी का लालच दिया’, पुणे कार हादसे में पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे

Pune: ‘नाबालिग के दादा ने ड्राइवर को तोहफे-नकदी का लालच दिया’, पुणे कार हादसे में पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे

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Pune: ‘नाबालिग के दादा ने ड्राइवर को तोहफे-नकदी का लालच दिया’, पुणे कार हादसे में पुलिस के चौंकाने वाले खुलासे

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Teen’s family driver was offered cash, gifts and later threatened to take blame for crash: Police

पुणे कार हादसा
– फोटो : ANI

विस्तार


पुणे के एक रियल एस्टेट डेवलपर के नाबालिग बेटे ने नशे में धुत होकर सड़क पर तेज रफ्तार से लग्जरी कार चलाई। कार ने एक मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी और दो लोगों की मौत हो गई। जब अदालत ने नाबालिग को सड़क दुर्घटना पर 300 शब्दों का निबंध लिखने को दिया तो देश भर में चर्चाएं शुरू हो गईं। सवाल उठने लगे तो शासन-प्रशासन हरकत में आ गया। अब इस मामले में पुणे के पुलिस प्रमुख अमितेश कुमार ने कई खुलासे किए हैं। 

अदालत ने सुरेंद्र अग्रवाल को रिमांड पर भेजा

पुणे पुलिस आयुक्त कहा कि नाबालिग के पिता और दादा ने अपने ड्राइवर को पहले तोहफे और नकद राशि का लालच दिया। इसके बाद उसे धमकाया गया कि इस हादसे की जिम्मेदारी अपने सिर पर ले। ड्राइवर और उसके परिवार को अब पुलिस ने सुरक्षा प्रदान की है। इस मामले में खून और डीएनए के नमूनों की रिपोर्ट अगले सप्ताह तक आने की उम्मीद है। पुलिस ने नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया और और सात दिन की हिरासत की मांग की। अदालत ने अग्रवाल को 28 मई तक रिमांड पर भेजा है। 

ड्राइवर काफी घबराया हुआ था- पुलिस

पुलिस आयुक्त का कहना है कि पूर्व में ड्राइवर द्वारा बयान दिया जा चुका था कि हादसे के दिन वह कार चला रहा था। इसके बाद इस बात का खुलासा हुआ कि कार को ड्राइवर नहीं बल्कि नाबालिग के द्वारा चलाया गया था। पुलिस आयुक्त ने आगे कहा कि ड्राइवर काफी घबराया हुआ था। तथ्यों की पुष्टि के बाद, नाबालिग के पिता और दादा के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया गया।

नाबालिग के दादा और पिता ने ड्राइवर को धमकाया 

अमितेश कुमार ने आगे कहा कि जब ड्राइवर यरवदा पुलिस स्टेशन जा रहा था तो नाबालिग के पिता और दादा ने उसे अपनी कार में बिठाया। इसके बाद दोनों ने ड्राइवर का फोन जब्त कर उसे अपने बंगले में कैद कर लिया। नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल और पिता विशाल अग्रवाल ने ड्राइवर को धमकाया कि उनके निर्देशों के हिसाब से बयान दे। इसके बाद ड्राइवर को तोहफे और नकदी की पेशकश की गई। इस दौरान उसे धमकी दी गई कि सारे आरोपों को अपने सिर पर ले। पुलिस के अनुसार ड्राइवर की पत्नी अगले दिन सुरेंद्र अग्रवाल और विशाल अग्रवाल के बंगले पर पहुंची और अपने पति को मुक्त कराया। 

सुरेंद्र अग्रवाल पर इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

विशाल अग्रवाल और सुरेंद्र अग्रवाल पर आईपीसी की धारा 365 (किसी व्यक्ति कैद करने के इरादे से अपहरण करना) और 368 (गलत तरीके से कैद में रखना) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुणे पुलिस ने इस मामले में लापरवाही बरतने के लिए के लिए यरवदा पुलिस स्टेशन के एक निरीक्षक सहित दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया है। उधर, नाबालिग को 5 जून तक एक संप्रेक्षण गृह में रखा गया है।

क्या है पूरा मामला?

पुणे शहर में 18-19 मई की दरम्यानी रात को करीब तीन करोड़ रुपये की पोर्श कार को तेज गति से दौड़ाने के चक्कर में 17 साल के लड़के ने एक बाइक को टक्कर मार दी थी। गाड़ी की टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक अपना संतुलन खोकर काफी दूर तक सड़क पर घिसटते चली गई, जिससे उस पर सवार दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने हादसे की सूचना पुलिस को दी, जिसके बाद आरोपी नाबालिग को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस घटना के 14 घंटे बाद आरोपी नाबालिग को कोर्ट से कुछ शर्तों के साथ जमानत मिल गई थी। कोर्ट ने उसे 15 दिनों तक ट्रैफिक पुलिस के साथ काम करने और सड़क दुर्घटनाओं के प्रभाव-समाधान पर 300 शब्दों का निबंध लिखने का निर्देश दिया था। बाद में विवाद बढ़ा तो कोर्ट ने उसकी जमानत रद्द कर दी। हालांकि, पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी शराब के नशे में था और बेहद तेज गति से कार को चला रहा था।



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