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– फोटो : अमर उजाला
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तेलंगाना के राचकोंडा में जिस मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, वह गिरोह अब तक 50 से ज्यादा बच्चों को बेच चुका है। ज्यादातर बच्चे दिल्ली और पुणे से खरीदकर तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक में बेचे गए। पुलिस अब गैर कानूनी तरीके से बच्चों को खरीदने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
राचकोंडा पुलिस आयुक्त तरुण जोशी ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के आधार पर अब तक 16 बच्चों को बचाया गया है। इनमें से 4 लड़के और 12 लड़कियां हैं। बचाए गए बच्चों की उम्र 23 दिन से 2 वर्ष है। अब इन मासूमों को इनके असली माता-पिता को सौंपने की तैयारी की जा रही है। पुलिस ने बताया कि पुणे, दिल्ली व हैदराबाद से अब तक 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। दिल्ली में बच्चों की खरीद का काम किरण और प्रीति करती थीं, जबकि पुणे में कन्हैया बच्चों को खरीदता था। इनसे पूछताछ के बाद तीन और नाम सामने आए है, जो अभी फरार है। उनकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली व पुणे पुलिस से संपर्क किया गया है।
सिक्योरिटी गार्ड हरिहर गिरोह का सरगना
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शोभारानी, सलीम और स्वप्ना से मिली जानकारी के आधार पर एक सिक्योरिटी गार्ड हरिहर चेतन बंडारी को गिरफ्तार किया गया, जो इस गिरोह का सरगना बताया जा रहा है। चेतन से पूछताछ के आधार पर पद्मा बंडारी, सरोजा बालगम, सारदा मुडावत, राजू मुडावत, मुमताज पठान, अनुराधा जगननादम और ममता याटा को गिरफ्तार किया गया है।
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