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Heatwaves hot days: भारत में चढ़ता पारा नित नई उंचाई लेकर डरा रहा है. दुनिया का कोई भी कोना हो, पूरब से पश्चिम या उत्तर से दक्षिण बढ़ते तापमान से लोग हैरान हैं. जानकार जलवायु परिवर्तन (Climate change) को इसके पीछे की वजह को मानते है. इसी वजह से बीते कुछ सालों में हीट वेव और गर्म दिनों की संख्या के मामले में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है. पिछले 12 महीने धरती के अब तक के सबसे गर्म दिन रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक जलवायु परिवर्तन ने पिछले साल गर्मी का सीजन करीब एक महीने के लिए बढ़ा दिया.
पिछले साल 26 दिन ज्यादा रही गर्मी
वैज्ञानिकों का कहना है कि धरती का तापमान बढ़ने की सबसे प्रमुख वजहों में एक जीवाश्म ईंधन का जलना है. जिससे वायुमंडल तेजी से दूषित हुआ है. वैज्ञानिकों ने मंगलवार को कहा कि रिकॉर्ड तोड़ने वाली गर्मी के पिछले सीजन यानी 2023 में पृथ्वी पर औसत व्यक्ति को असामान्य रूप से उच्च तापमान के 26 दिनों से अधिक का अनुभव हुआ. शोधकर्ताओं ने अपने पड़ताल में पाया कि तापमान बढ़ना मैन मेड डिजास्टर, मानव-जनित तापमान वृद्धि के परिणामस्वरूप दुनिया की करीब 80% आबादी ने पिछले साल मई और जून को मिलाकर कम से कम 26 से 31 दिनों तक असामान्य गर्मी का अनुभव किया.
क्या एक महीने बढ़ जाएगा गर्मी का सीजन?
वैज्ञानिकों ने धरती के बढ़ते तापमान की पड़ताल करने के लिए वैश्विक जलवायु के गणितीय मॉडलिंग का उपयोग करके ये अनुमान लगाया है कि हालात नहीं सुधरे तो गर्म दिनों की संख्या और बढ़ जाएगी. शोधकर्ताओं ने पाया कि कुछ देशों में यह अंतर एक हफ्ते का रहा तो कहीं-कहीं दो या तीन सप्ताह तक अतिरिक्त गर्मी महसूस की गई.
शोधकर्ताओं में से एक एंड्रयू पर्सिंग ने कहा, ‘यह बहुत बड़ा बोझ है जो हमने प्रकृति पर थोपा है. दक्षिण अमेरिका और अफ्रीका के कुछ हिस्सों में जलवायु परिवर्तन से होने वाले ऐसे बदलाव कुछ ज्यादा ही देखने को मिल सकते हैं.’
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