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अभिनेता अनुपम खेर को राह चलते अनजान लोगों से मिलने, उनसे बातें करने और उनके चेहरे पर एक खुशी बिखेर देने में अलग ही आनंद आता है। हाल ही में उनकी पहली फिल्म ‘सारांश’ की रिलीज के 40 साल पूरे हुए हैं। और, अब भी वह उतने ही ऊर्जावान नजर आते हैं, जितने वह अपनी अभिनय यात्रा के हर अहम पड़ाव पर दिखते रहे हैं। किसी देसी एनीमेशन सीरीज पर बनी देश की पहली लाइव एक्शन फिल्म ‘छोटा भीम एंड द कर्स ऑफ दमयान’ में वह छोटा भीम के गुरु के किरदार में दिखेंगे। इसकी सीक्वल का विचार भी वह फिल्म के निर्देशक राजीव चिलका को दे चुके हैं। वीडियो इंटरव्यू कार्यक्रम ‘शुक्ल पक्ष’ के लिए अनुपम खेर, यज्ञ भसीन और निर्देशक राजीव चिलका से ‘अमर उजाला’ के सलाहकार संपादक पंकज शुक्ल ने एक खास मुलाकात की, प्रस्तुत हैं उसके कुछ अंश…
अनुपम जी, आपकी पहली फिल्म ‘सारांश’ की रिलीज से लेकर अब तक आपके उत्साह और ऊर्जा में जो जोश दिखता है, उसका राज क्या है।
मैं अपने को बहुत ही भाग्यशाली समझता हूं। मुंबई में मनोरंजन उद्योग में काम करने के लिए हर रोज सैकड़ों लोग आते हैं और .0001 प्रतिशत लोगों को काम मिलता है। प्रभु की कृपा मुझ पर रही है कि मैं पिछले 40 साल से काम कर रहा हूं। इसलिए हमेशा प्रभु का शुक्रिया अदा करता रहता हूं। मेरे पास दुखी होने का और कोई कारण है नहीं। जो मैं करना चाहता था बचपन से उसी में मुझे काम लगातार मिल रहा है। और, सड़क पर चलने से लेकर अब मेरे पास गाड़ी भी है, रहने को जगह भी है। यज्ञ भसीन (फिल्म ‘छोटा भीम एंड द कर्स ऑफ दमयान’ के छोटा भीम) जैसे उभरते कलाकार के साथ काम करने का भी मौका मिल रहा है। लोग शिकायत करने को अपनी आदत बना लेते हैं। मैंने खुश रहने को अपना शौक बनाया हुआ है।
आपने तमाम विदेशी फिल्मों में काम किया है और पहली बार देश में किसी एनीमेशन सीरीज के किरदार पर बनी लाइव एक्शन फिल्म रिलीज हो रही है..
…और, अंतर्राष्ट्रीय स्तर की बन रही है। मैं बहुत गर्वित महसूस कर रहा हूं कि हमारे देश में एक ऐसे निर्माता, निर्देशक राजीव चिलका हैं, जिन्होंने एक अंतरराष्ट्रीय स्तर की फिल्म बनाई है। वीएफएक्स की, एनीमेशन की ये एक ऐसी कोशिश की है जो विश्व के किसी भी सिनेमा के स्तर का हो सकता है। कोई भारत को जब इस तरह से आगे ले जाता है तो मुझे बहुत गर्व महसूस होता है। इस फिल्म के बाद ऐसी बहुत फिल्में बनेंगी। बाहर की जितनी भी फिल्में हैं, उनका वीएफएक्स जो है, आप यकीन नहीं करेंगे उसमें से 50 फीसदी का वीएफएक्स और एनीमेशन भारत में ही होता है। और, अफसोस की बात है कि भारत में ही वीएफएक्स को लेकर इतनी अच्छी फिल्म नहीं बन पाती है। इस फिल्म में मुझे काम करने का मौका मिला। यंग लोगों के साथ काम करने का मौका मिला, इससे मुझे अपने जिंदा होने का अहसास भी हुआ।
आपके वीडियो जो मैं देखता हूं आपकी मां के साथ, वे एक बहुत अच्छा संदेश है। आपको लगता है कि सोशल मीडिया का उपयोग इसी तरह की सकारात्मकता के प्रचार का होना चाहिए?
जब से पैदा हुआ हूँ तबसे माँ का धन्यवाद करते हुए #माँदिवस मना रहा हूँ! आजकल हर बात का एक दिन बन गया तो Happy #MothersDay to you all. जीवन में खुश रहना चाहते हो तो पूरा जीवन माँ को खुश रखो! जय माता की! ❤️❤️ #राजऔरबिट्टूकीमम्मी #DulariRocks pic.twitter.com/sjIMFOEhrL
— Anupam Kher (@AnupamPKher) May 12, 2024
समाज को प्रभावित करने वाले किरदारों को स्वीकार करते समय कितना सतर्क रहते हैं आप?
कुछ किरदार ऐसे होते हैं जो दुनिया को प्रभावित करते हैं, लोगों पर नई छाप छोड़ते हैं। 90 फीसदी जो हमारा जीवन है वह एकरस ही रहता है, बाकी 10 फीसदी जीवन ही रोमांच है। फिल्म ‘छोटा भीम एंड द कर्स ऑफ दमयान’ का हिस्सा होना जरूरी है। इस पिक्चर को मेरी जरूरत थी, क्योंकि मैंने इतना काम किया है। यज्ञ की कास्टिंग करना बहुत मुश्किल है। बहुत सारे लोगों का ऑडिशन हुआ पर जब मेरा फोटो पोस्टर पर लग जाता है तो पता चल जाता है कि ये अनुपम खेर हैं, इन्होंने इसके पहले 400-500 फिल्में की हैं। जैसे, सुपरमैन के पिता के रोल के लिए उन्होंने बड़ी कोशिश की कि किसको लें, तो फाइनली ये तय हुआ कि सुपरमैन के पिता के रोल के लिए मार्लन ब्रांडो को ही लेना पड़ेगा। मार्लन ब्रांडो ने तीन दिन के काम के लिए कुछ इतने पैसे मांगे थे.., (फिर हंसते हुए) मैंने तो ऐसा नहीं किया।
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