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Game Zone Tragedy: एक आरोपी हादसे के दिन ही जलकर मरा; IAS-IPS के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मांग

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Game Zone Tragedy: एक आरोपी  हादसे के दिन ही जलकर मरा; IAS-IPS के खिलाफ भी मुकदमा चलाने की मांग

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गुजरात के राजकोट में गेम जोन में लगी आग के बाद का नजारा
– फोटो : ANI

विस्तार


गुजरात के राजकोट में हुए अग्निकांड में आरोपी की हादसे के दिन ही आग से जलकर मौत हो गई थी। अब डीएनए जांच के बाद इसका खुलासा हुआ है। वहीं इस अग्निकांड में पुलिस ने गेम जोन के एक और सह-मालिक और हादसे के आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस तरह अब तक इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या पांच हो गई है। 

एक आरोपी की हुई गेम जोन में ही हुई मौत

राजकोट के डिप्टी पुलिस कमिश्नर ने बताया कि अग्निकांड के आरोपी किरीट सिंह जडेजा, जो रेसवे एंटरप्राइजेज में पार्टनर है, उसे राजकोट कालावाड रोड से मंगलवार रात को गिरफ्तार किया गया। जडेजा अग्निकांड के जिम्मेदार छह सह-मालिकों में से एक है। वहीं एक सह-मालिक प्रकाश हिरेन की हादसे वाले दिन ही आग से जलकर मौत हो गई थी। एक शव का डीएनए हिरेन के परिजनों से मैच कर गया है, जिसके बाद पुलिस ने हिरेन की मौत की पुष्टि की। पुलिस ने अब तक इस मामले में गेम जोन के सह-मालिक युवराज सिंह सोलंकी, राहुल राठौड़, धवल ठक्कर के साथ ही गेम जोन के मैनेजर नितिन जैन को गिरफ्तार किया है। 

राजकोट हादसे में 27 लोगों की जलकर मौत हो गई थी। अधिकतर शव इस कदर जल चुके थे कि डीएनए जांच के बाद ही उनकी पहचान हो सकी। वहीं स्थानीय कोर्ट में एक याचिका दायर हुई है, जिसमें राजकोट के आईएएस और आईपीएस को भी आरोपी बनाने की मांग की गई है। इस याचिका पर कोर्ट ने मामले की जांच कर रही एसआईटी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। 

अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग

राजकोट अग्निकांड की आपराधिक जांच कराने की मांग वाली याचिका में राजकोट पुलिस के कमिश्नर राजू भार्गव, नगर निगम के आयुक्त आनंद पटेल, दो अन्य आईपीएस अधिकारियों और नौ अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर करने की मांग की गई है। कोर्ट ने एसआईटी को नोटिस जारी कर मामले की जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी है। विनेश छाया नामक याचिकाकर्ता ने यह याचिका दायर की है। इस मामले में कई अधिकारियों के ट्रांसफर किए गए हैं। इस पर याचिकाकर्ता ने कहा है कि जिस आधार पर अधिकरियों का ट्रांसफर किया गया है, उस आधार पर इनके खिलाफ एफआईआर भी हो सकती है। याचिका में अधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 304, 337 और 338 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की गई है। 

टीआरपी गेम जोन बीते तीन-चार वर्षों से बिना किसी लाइसेंस के चल रहा था। बता दें कि राजकोट अग्निकांड में डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस सुधीर कुमार देसाई, अतिरिक्त कमिश्नर ऑफ पुलिस विधि चौधरी, नगर निगम कमिश्नर आनंद पटेल का ट्रांसपर कर दिया गया है। वहीं नगर निगम के चीफ फायर ऑफिसर इलेश खेर, डिप्टी चीफ फायर अफसर भीखाभाई ठेबा, असिस्टेंट इंजीनियर जयदीप चौधरी, असिस्टेंट टाउन प्लानर गौतम जोशी, फायर स्टेशन अफसर राहित विगोरा, डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ऑफ रोड एंड बिल्डिंग एम आर सुमा, असिस्टेंट इंजीनियर पारस कोठिया और पुलिस इंस्पेक्टर वीआर पटेल और एनटी राठौड़ को निलंबित कर दिया गया है। 




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