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सेना प्रमुख मनोज पांडे
– फोटो : Amar Ujala
विस्तार
डिफेंस स्टडीज के सिलेबस में सैन्य रणनीतियों के लिए एक खास किताब जरूर पढ़ाई जाती है, द आर्ट ऑफ वॉर। चीन के सैन्य रणनीतिकार सन त्ज़ु ने ईसा से पांच सदी पहले इस किताब को लिखा था। दुनियाभर में इस किताब को पढ़ाया जाता है। इसमें एक चैप्टर है कि कैसे युद्ध के मैदान में दुश्मन को भ्रमित करो, उसे गुमराह करो और फिर सरप्राइज अटैक करके उसे चकित कर दो। मोदी सरकार भी ठीक इसी रणनीति पर चल रही है। सरकार ने पिछले हफ्ते जब एक असमान्य कदम उठाते हुए थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को एक महीने का सेवा विस्तार दिया, तो इसी थ्योरी की चर्चा होने लगी। आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति में इसकी कोई वजह नहीं बताई गई। रक्षा सूत्रों का कहना है कि सरकार अब नए आर्मी चीफ की नियुक्ति के लिए मैरिट प्रक्रिया का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है।
सरकार ने 25 मई को छठवें चरण के चुनाव के बाद 26 मई को थल सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे को एक महीने का सेवा विस्तार दे दिया और वह अब 30 जून तक इस पद पर बने रहेंगे। इससे पहले वे 31 मई को रिटायर होने वाले थे। रक्षा मंत्रालय का कहना है कि कि आर्मी रूल्स, 1954 के नियम 16 ए (4) के तहत ये सेवा विस्तार दिया गया है। चार जून के बाद अगर भाजपा सरकार 3.0 की वापसी होती है, तो पहले ही अगले 100 दिन के कामकाज को लेकर एजेंडा तैयार कर लिया गया है। इसमें सबसे बड़ा बदलाव डिफेंस सेक्टर में देखने को मिलेगा। सरकार ने अपने घोषणा पत्र में इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने का वादा किया है। इसकी प्रक्रिया भी शुरू हो गई है और इसकी डेडलाइन जून 2025 तय की गई है।
आदर्श आचार संहिता में ताबड़तोड़ हो रही पोस्टिंग
रक्षा सूत्रों का कहना है कि सरकार बस चार जून का इंतजार कर रही है। जब आधिकारिक रूप से चुनाव परिणाम घोषित होंगे। वह कहते हैं कि इंडिया के पास 12 लाख जवानों की मजबूत सेना है, इंटीग्रेटेड थिएटर कमांड बनाने में थल सेना का अहम रोल होगा। यह कहना कि नए आर्मी चीफ की नियुक्ति का फैसला मोदी सरकार ने चार जून के बाद बनने वाली सरकार पर छोड़ा है, इस बात में दम नहीं है, क्योंकि सरकार ने अप्रैल में लोकसभा चुनाव के लिए मतदान से एक दिन पहले ही वाइस एडमिरल दिनेश कुमार त्रिपाठी को मौजूदा नौसेना प्रमुख एडमिरल आर. हरि कुमार की जगह इस पद के लिए चुना गया, जो 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले थे। उनका कहना है कि हाल ही हुईं कई नियुक्तियां और ट्रांसफर देखिए। आदर्श आचार संहिता लागू है, इस तरह के तबादले आमतौर पर तब किए जाते हैं, जब चुनाव पर्यवेक्षकों या विपक्ष की तरफ से शिकायत की जाती है कि अधिकारी अपने कर्तव्यों का निष्पक्षता से निर्वहन नहीं कर रहे हैं। आर्मी चीफ का कार्यकाल एक माह बढ़ाने के अगले दिन ही डीआरडीओ के सचिव और रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन के अध्यक्ष समीर वी कामत का सेवा विस्तार एक साल लिए बढ़ा दिया गया, अब उनका कार्यकाल 31 मई, 2025 को समाप्त होगा। क्योंकि सरकार ने डीआरडीओ में रिफॉर्म्स की याजना बनाई है। सरकार ने इसे अपने 100 दिन के एजेंडा में शामिल किया है। इसके लिए 31 अगस्त की डेडलाइन तय की है।
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