[ad_1]

पीएम मोदी और सीईओ सैम ऑल्टमैन
– फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
देश में लोकसभा चुनाव के बीच चैटजीपीटी के निर्माता ओपनएआई ने एक बड़ा खुलासा किया है। उसका दावा है कि उसने भारतीय चुनावों पर केंद्रित गुप्त अभियानों में एआई के भ्रामक इस्तेमाल को रोकने के लिए 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की। ऐसे में इसके इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में खास बढ़ोतरी नहीं हुई। वहीं, ओपनएआई ने सनसनीखेज दावा किया कि इस्राइल की एक कंपनी ने एआई का इस्तेमाल कर लोकसभा चुनावों को बाधित करने की कोशिश की है। इसके मुताबिक, इस कंपनी ने जनता की राय में हेरफेर करने या राजनीतिक नतीजों को प्रभावित करने के लिए ओपनएआई का इस्तेमाल किया।
24 घंटे के भीतर कार्रवाई की
ओपनएआई ने अपनी वेबसाइट पर एक रिपोर्ट में कहा कि उसने भारतीय चुनावों पर केंद्रित गुप्त अभियानों में एआई के भ्रामक इस्तेमाल को रोकने के लिए 24 घंटे के भीतर कार्रवाई की। इसका नतीजा यह निकला की इसका इस्तेमाल करने वाले लोगों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई। ओपनएआई के मुताबिक भारतीय चुनावों को प्रभावित करने का प्रयास किया गया।
ओपनएआई ने आगे रिपोर्ट में कहा कि इस्राइल की एक राजनीतिक अभियान प्रबंधन फर्म एसटीओआईसी ने जीरो जेनो नाम से अभियान चलाया था। इसके अंतर्गत गाजा संघर्ष के साथ-साथ भारतीय चुनावों पर भी कुछ सामग्री तैयार की।
[ad_2]
Source link