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Harbhajan-Yusuf 2003 World Cup Controversy : भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर होने वाली जंग हमेशा से रोमांचक रही है. खासकर वर्ल्ड कप में होनी वाली भिड़ंत. कई बार दोनों टीमों के खिलाड़ियों के बीच कहासुनी या तीखी बहस भी देखने को मिल जाती है. चूंकि, मौजूदा टी20 वर्ल्ड कप में भारत और पाकिस्तान का सामना 9 जून को होना है, चलिए जानते हैं उस कहानी के बारे में जब 2003 वर्ल्ड कप में मोहम्मद यूसुफ और हरभजन सिंह के बीच बड़ा विवाद हो गया. मजाक करते-करते दोनों पूर्व खिलाड़ी कब सीरियस हो गए, पता ही नहीं चला. दोनों ने अपना आपा खो दिया और लगभग एक दूसरे पर कांटा (Fork) से हमला करने को तैयार हो गए.
2003 वर्ल्ड कप इंडिया-पाकिस्तान मैच
कौन भूल सकता है 2003 वर्ल्ड कप का वो भारत-पाकिस्तान के बीच टक्कर जिसमें सचिन तेंदुलकर की 98 रनों की ऐतिहासिक पारी के लिए हमेश के लिए यादगार बन गई. पाकिस्तान से मिले 274 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए सचिन तेंदुलकर के दम पर भारत ने यह मुकाबला 276 रन बनाकर 6 विकेट से अपने नाम किया. इसी मुकाबले में मैदान से बाहर बैठे हरभजन सिंह और मोहम्मद युसूफ के बीच बड़ा विवाद हो गया था.
हरभजन ने किया था खुलासा
पूर्व भारतीय दिग्गज स्पिनर हरभजन सिंह ने 2003 वर्ल्ड कप में मोहम्मद यूसुफ के साथ हुए विवाद का खुलासा 16 साल बाद किया था. 2019 में एक इंटरव्यू के दौरान हरभजन ने बताया, ‘यह एक मजाक से शुरू हुआ लेकिन फिर बात बढ़ गई. मुझे उस मैच से बाहर कर दिया गया और अनिल भाई (कुंबले) को प्लेइंग-11 में शामिल किया क्योंकि टीम मैनेजमेंट को लगा कि पाकिस्तान के खिलाफ उनके अच्छे रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए वह बेहतर विकल्प थे. मैं थोड़ा निराश था और ऐसा हो सकता है जब आप प्लेइंग-11 में नहीं होते हैं.’
हाथ में कांटे और…
भज्जी ने आगे कहा, ‘लंच के समय मैं एक टेबल पर बैठा था और यूसुफ और शोएब अख्तर कॉमन एरिया में दूसरी टेबल पर बैठे थे. हम दोनों पंजाबी बोलते हैं और अचानक जब हम एक-दूसरे की टांग खिंचाई कर रहे थे, तो उसने पहले पर्सनल कमेंट कर दिया और फिर मेरे धर्म के बारे में टिप्पणी की. मैंने उसे करारा जवाब दिया. इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, हम दोनों ने अपने हाथों में कांटा (Fork) ले लिया और एक-दूसरे पर हमला करने के लिए अपनी कुर्सियों से उठ खड़े हुए.’
अगर नहीं होते ये तो…
हरभजन ने आगे बताया, ‘राहुल (द्रविड़) और श्री (जवागल श्रीनाथ) ने मुझे रोका, जबकि वसीम भाई और सईद भाई यूसुफ को ले गए. दोनों पक्षों के सीनियर खिलाड़ी चिढ़ गए और हमें बताया गया कि यह सही व्यवहार नहीं है. अब 16 साल हो गए हैं. अब जब मैं यूसुफ से मिलता हूं, तो हम दोनों इस पर खूब हंसते हैं.’
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