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Mosab Hassan Yousef: एक तरफ इजरायल पूरी तरह हमास के खात्मे के लिए जंग लड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ इस्लामिक कट्टरपंथी आतंकी संगठन हमास के सह संस्थापक शेख हसन यूसुफ के बेटे मोसाब हसन यूसुफ ने एक बार फिर से हमास की क्रूरता का खुलासा किया है. मोसाब का कहना है कि अगर इस्लाम के खिलाफ नहीं लड़ा गया तो पूरी दुनिया खतरे में आ सकती है.
आइए जानते हैं कौन है मोसाब हसन यूसुफ, जो हमास का कर रहा विरोध
फलस्तीन के आतंकी संगठन हमास से अलग होने के बाद इजरायल की सिक्योरिटी एजेंसी शिन बेट के लिए काम करने वाले मोसाब हसन यूसुफ ने बहुत ही गहरे राज खोले हैं. उन्होंने खुलासे करते हुए बताया कि हमास किस तरह आतंक फैलाता है. यह कोई पहली बार नहीं है, इसके पहले भी हमास के सह-संस्थापक शेख हसन यूसुफ के बेटे मोसाब हसन यूसुफ हमास की आलोचना और खुलासा करते रहे हैं.
पिता पर लगाया गंभीर आरोप
सीएनएन को दिए एक इंटरव्यू में यूसुफ ने बताया कि उनके पिता और हमास एक कभी न खत्म होने वाला धार्मिक युद्ध लड़ रहे हैं, इसके पहले उन्होंने कहा था कि हमास अगर इजरायल के बंधकों को न रिहा करे तो उनके पिता जो इस समय इजरायल के कैद में हैं, उन्हें मार देना चाहिए.
हमास का क्या है इरादा
सीएनएन के मुताबिक, मोसाब ने कहा, ‘ये एक धार्मिक आंदोलन है, ये बात कहने से हर कोई डरता है. अगर हमास एक राजनीतिक आंदोलन होता, तो हम उसकी राजनीतिक महत्वाकांक्षा को पूरा कर सकते थे. लेकिन हमास एक धार्मिक आंदोलन है जो राजनीतिक सीमाओं में विश्वास नहीं करता. वो इजरायल के मलबे पर एक इस्लामी राज्य स्थापित करना चाहता है.’
यहूदियों के लिए हमास का प्लान
उन्होंने आगे बताया कि हमास का इरादा यहूदी लोगों और इजरायल को मिटाना है. वो हर उस शख्स को मार डालना चाहता है, जो इसरायल के अस्तित्व का समर्थन करता है. और फिर इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहता है. मोसाब ने सीएनएन से कहा, ‘लेकिन इसका अंत यहीं नहीं होता, क्योंकि उनकी महत्वाकांक्षा वैश्विक स्तर पर है. वो एक इस्लामिक राज्य, एक वैश्विक इस्लामिक राज्य की स्थापना करना चाहता है.’ हमास को जब भी वित्तीय मदद की जरूरत होती है, वो इजरायल के साथ जंग छेड़ देता है.
पैसों के लिए हमास करता है जंग
मोसाब कहते हैं, ‘इस जंग की शुरुआत इजरायल ने नहीं की. हमास ने जंग शुरू की है. हमास, पैसे के लिए खून… वो हर कुछ साल में जंग शुरू कर देता है, जब भी उसे पैसा चाहिए होता है, वो बच्चों का खून बहाते हैं और इसे रोकना होगा. इसे रोकना होगा. इसका अंत होना ही है. लेकिन दुर्भाग्य से इसकी कीमत सस्ती नहीं होगी. मुझे इजरायल के लिए बहुत दुख हो रहा है कि उन्हें गाजा में जाना पड़ा जहां हर जगह बूबी ट्रैप्स हैं… मुझे नहीं पता कि हमास को खत्म करने के लिए कितने इजरायली सैनिकों को मरना होगा.’
ISIS से ज्यादा खतरनाक हमास
मोसाब हसन यूसुफ ने फॉक्स न्यूज को भी इंटरव्यू दिया है. यहां उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमास ISIS से ज्यादा खतरनाक है. वो कहते हैं, ‘हमास के कारण फैले विभाजन और वैश्विक भ्रम को देखें. उसने अपनी क्रूरता और बर्बरता से किसी तरह हमें घुटनों पर ला दिया है. हमास एक धार्मिक आंदोलन है. ये इजरायल के खिलाफ एक उग्र धार्मिक आंदोलन है. मेनस्ट्रीम मीडिया ऐसा खुलकर नहीं कह सकता क्योंकि उसे धार्मिक युद्ध भड़कने का डर है. जो मैं बोल रहा हूं, वैसा पहले से ही है. वो यहूदी लोगों को मिटाना चाहते हैं क्योंकि वो यहूदी हैं, क्योंकि वो एक यहूदी देश से हैं.’
ईस्लाम से ईसाई बने युसूफ
यूसुफ ने इस्लाम धर्म को छोड़कर ईसाई धर्म अपना लिया है. उन्हें ‘ग्रीन प्रिंस’ के नाम से भी जाना जाता है. इसके पहले वह इजरायल की शिन बेट के लिए लंबे समय तक काम किया है वो 1997 से 2007 तक इजरायल के जासूस रहे. उन्होंने इजरायल को ऐसी जरूरी जानकारियां दीं, जिनके कारण उसे आत्मघाती बम हमलों और आतंकवादी घटनाओं को रोकने में मदद मिली. मोसाब को पूर्व फिलिस्तीनी आतंकी के रूप में भी जाना जाता है. साल 1997 में मोसाब इजरयाल चले गए थे. बाद में अमेरिका चले गए और इन दिनों वहीं रहते भी हैं, उन्हें अमेरिका की नागरिकता भी मिल चुकी है.
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