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Israel Hamas War Update in Hindi: इजरायल और आतंकी संगठन हमास के बीच चल रहे घमासान में लगातार गाजा पट्टी में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है. इजराइली सेना की ओर से गुरुवार सुबह किए गए हमले में 14 बच्चों और 9 महिलाओं समेत 30 लोगों की मौत हो गई. गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक मरने वालों ने मध्य गाजा के एक स्कूल में बने शरणार्थी शिविर में शरण ले रखी थी. वहीं इजराइली सेना का कहना है कि हमास के आतंकी इस शरणार्थी शिविर में छिपे हुए हैं और वहां लोगों के बीच रहकर हमलों को अंजाम दे रहे थे.
कंबल और प्लास्टिक में लिपटे दिखे शव
रिपोर्ट के मुताबिक गाजा में रात में एक घर पर भी हमला हुआ, जिसमें 6 छह लोगों की मौत हो गई. दोनों हमले नुसेरात में हुए, जो गाजा में बने कई शरणार्थी शिविरों में से एक है. सोशल मीडिया में प्रसारित तस्वीरों के मुताबिक अस्पताल के प्रांगण में कंबल और प्लास्टिक की थैलियों में लिपटे शव कतारों में रखे दिखे थे. अस्पताल के पास शरण लिए हुए एक विस्थापित फलस्तीनी मोहम्मद अल-करीम ने कहा कि उसने लोगों को शवों के बीच अपने प्रियजनों को तलाशते हुए देखा. एक महिला चिकित्साकर्मियों से शवों का चेहरा दिखाने की गुहार लगा रही थी क्योंकि हमले के बाद से उसका बेटा लापता है.
स्कूल की तीसरी मंजिल पर दागीं मिसाइलें
गाजा शहर से विस्थापित होने के बाद स्कूल में शरण लिए अयमान रशीद ने बताया कि मिसाइलों ने दूसरी और तीसरी मंजिल पर बनी स्कूल की कक्षाओं को निशाना बनाया, जहां परिवार शरण लिए हुए थे. उन्होंने बताया कि पांच लोगों के शव को बाहर निकालने में उन्होंने मदद की है, जिनमें एक बुजुर्ग व्यक्ति और दो बच्चे शामिल थे. घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे हैं जिनमें दिखाई दे रहा है कि अस्पताल के फर्श पर कई घायल लोगों का इलाज किया जा रहा है. अस्पताल के अधिकांश हिस्से में बिजली गुल है क्योंकि जनरेटर के लिए ईंधन की आपूर्ति सीमित मात्रा में हो रही है.
आम लोगों को ढाल बना रहे हमास के आतंकी
इजराइली सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने फलस्तीनियों को सहायता प्रदान करने वाली संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी द्वारा संचालित स्कूल पर हमला किया. इजराइली सेना ने दावा किया कि ‘हमास’ और ‘इस्लामिक जिहाद’ संगठनों ने अपनी गतिविधियों के लिए स्कूल का इस्तेमाल ढाल के रूप में किया. इजराइली सेना ने कहा, ‘हमले के दौरान निर्दोष नागरिकों को नुकसान पहुंचने के जोखिम को कम करने के लिए हमला करने से पहले कई कदम उठाए गए थे, जिनमें हवाई निगरानी करना और अतिरिक्त खुफिया जानकारी शामिल हैं.
इजराइली सैनिकों ने गाजा पट्टी के इस हिस्से में बार-बार वापसी की है और वे पहले भी यहां पर हमले पर कर चुके हैं. चश्मदीदों और अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि अल-सरदी स्कूल पर तड़के हमला किया गया. इस स्कूल का संचालन फलस्तीनी शरणार्थियों के लिए संयुक्त राष्ट्र की एजेंसी करती है जिसे UNRWA के नाम से जाना जाता है.
गाजा में अब तक 36 हजार की मौत
नुसेरात शरणार्थी शिविर गाजा पट्टी के मध्य में है. यह मध्य गाजा में बना एक फलस्तीनी शरणार्थी शिविर है जो 1948 के अरब-इजराइल युद्ध के समय से है. इजराइल और हमास के बीच इस युद्ध की शुरुआत पिछले साल 7 अक्टूबर को उस वक्त हुई, जब हमास के आतंकियों ने इजराइल में घुसकर 1200 से ज्यादा निर्दोष लोगों को मार दिया था और 250 को बंधक बना लिया था. वे बंधक अब भी आतंकियों के कब्जे में हैं. उन्हें छुड़ाने के लिए इजराइल की सेना लगातार गाजा पर बम बरसा रही है. फिलीस्तीनी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में गाजा के 36 हजार से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं.
(एजेंसी भाषा)
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