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अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हाल ही में टेक्सास शहर के एक स्कूल में पिज्जा खाने के बाद एलर्जिक रिएक्शन होने से 11 वर्षीय लड़की की मौत हो गई। लड़की के परिवार का आरोप है कि अगर स्टाफ ने समय पर इलाज उपलब्ध करा दिया होता तो जान बचाई जा सकती थी।
पिज्जा खाने से किसी की मौत कैसे हो सकती है? क्या सभी लोगों को जंक-फास्ट फूड्स से बिल्कुल दूरी बना लेनी चाहिए? आइए इसके कारणों को समझते हैं।
पिज्जा खाने के बाद मौत का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले पिछले साल नवंबर में इटली में पिज्जा खाने के बाद 46 वर्षीय महिला की मौत हो गई थी। पिज्जा खाने से बाद उसे पेट में ऐंठन होने लगी थी। मौत के लिए बोटुलिनम नामक बैक्टीरिया के कारण हुई फूड पॉइजनिंग को कारण माना जा रहा था।
वहीं हालिया मामले में मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एमर्सन केट कोल (11 वर्ष) टेक्सास के एक स्कूल की छात्रा थी। पिज्जा खाने के बाद उसे एलर्जी (डेयरी एलर्जी) हुई जिससे तबीयत बिगड़ती गई। इलाज के लिए किए गए प्रयासों के बावजूद कोल की मृत्यु हो गई। परिवार के सदस्यों ने समय पर उचित उपचार की व्यवस्था न करने के कारण स्कूल प्रशासन पर केस फाइल किया है।
डेयरी या मिल्क एलर्जी दूध युक्त उत्पादों के प्रति, इम्यून सिस्टम की असामान्य प्रतिक्रिया है। दूध से एलर्जी के कारण घरघराहट, उल्टी, पित्ती और पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ स्थितियों में ये एनाफिलेक्सिस का कारण भी बन सकती है जो एक गंभीर और जानलेवा प्रतिक्रिया होती है।
एनाफिलेक्सिस एक आपातकालीन समस्या है। दूध पीने या डेयरी उत्पादों के सेवन के तुरंत बाद इसके लक्षण शुरू हो सकते हैं।
डेयरी एलर्जी के लक्षण हर व्यक्ति में अलग-अलग होते है। जिन लोगों को इस तरह की एलर्जी रही है उन्हें दूध और इससे संबंधित अन्य उत्पादों के सेवन से बचना चाहिए। दूध से होने वाली एलर्जी के कारण आपको पित्ती, घरघराहट, होंठों या मुंह के आसपास खुजली या झुनझुनी महसूस होना, जीभ या गले में सूजन, खांसी या सांस लेने में तकलीफ और उल्टी की दिक्कत हो सकती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, कुछ लोगों में इस एलर्जी के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है जिसमें तत्काल आपातकालीन चिकित्सा की जरूरत हो सकती है।
मेडिकल रिपोर्ट्स के मुताबिक डेयरी एलर्जी के कारण कुछ लोगों को एनाफिलेक्सिस जैसी गंभीर दिक्कतें भी हो सकती हैं। इसके कारण वायुमार्गों में सिकुड़न, गले में सूजन, सांस लेने में तकलीफ, चेहरे पर लालिमा-खुजली और शॉक लगने का भी खतरा हो सकता है। इस तरह से जोखिमों से बचे रहने के लिए अपने एलर्जी के बारे में पता करें और इससे बचाव के उपाय करते रहें।
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नोट: यह लेख मेडिकल रिपोर्टस से एकत्रित जानकारियों के आधार पर तैयार किया गया है।
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