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नारा लोकेश
– फोटो : एएनआई
विस्तार
देश में गठबंधन की सरकार की स्थिति में 16 सीटें जीतने वाली तेदेपा एनडीए की अहम घटक दल बनकर उभरी है। ऐसे में चर्चाएं चल रही हैं कि तेदेपा केंद्र सरकार को समर्थन के बदले आंध्र प्रदेश को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग कर सकती है। जब इस बारे में तेदेपा के राष्ट्रीय महासचिव और तेदेपा प्रमुख चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश से बात की गई तो उन्होंने बताया कि एनडीए को समर्थन के बदले उनकी पार्टी क्या चाहती है।
एनडीए को समर्थन के बदले क्या चाहती है तेदेपा?
नारा लोकेश ने कहा ‘आंध्र प्रदेश और खासकर तेदेपा के सांसदों की भूमिका अहम है। आंध्र प्रदेश ने एनडीए को 21 सीटें दी हैं और ये बेहद अहम जनादेश है। राजनीति से इतर देखें तो सशक्त राज्य ही मजबूत राष्ट्र बनाते हैं। प्रधानमंत्री देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना चाहते हैं। मुझे लगता है कि आंध्र प्रदेश ही अकेले एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन सकता है। हम बंदरगाह आधारित, मैन्यफैक्चरिंग आधारित विकास कर सकते हैं। हम पेट्रोकेमिकल कॉरिडोर बना सकते हैं। ग्रीन हाइड्रोजन की लहर है। हम कम से कम दो मेगाप्रोजेक्ट राज्य में कर सकते हैं। राज्य के विकास के कई अवसर हैं। हमने पूर्व में भी राज्य में विकास किया है। हमारा एनडीए को समर्थन बिना किसी शर्त के हैं, लेकिन हम सिर्फ ये चाहते हैं कि हमारा राज्य विकास करे।’
#WATCH | When asked about his views on the central government policies, TDP National General Secretary Nara Lokesh says, “Clearly, Andhra Pradesh and specifically TDP MP’s have a role to play. Andhra has given a clear 21-seat mandate to the NDA government. It’s a very, very… pic.twitter.com/hxaxHxFCBK
— ANI (@ANI) June 7, 2024
हैदराबाद को लेकर ये बोले नारा लोकेश
नारा लोकेश ने कहा कि ‘साल 2014 में आंध्र प्रदेश के लोगों की इच्छा के खिलाफ राज्य का बंटवारा कर दिया गया। लोगों की नाराजगी की बड़ी वजह हैदराबाद का नुकसान है। हैदराबाद आर्थिक गतिविधियों का पावरहाउस है और कई लोग इस पर निर्भर हैं। ऐसे में हम चाहते हैं कि राज्य को थोड़ा समय दिया जाए ताकि हम फिर से पुनर्निर्माण कर सकें। हम राज्य में निवेश के लिए बेहतर माहौल बनाना चाहते हैं। हमें राज्य में सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियां पैदा करनी होंगी। इसलिए हम एनडीए के साथ मिलकर काम करने की तरफ देख रहे हैं।’ नारा लोकेश ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में आवंटन बढ़ना चाहिए। हम पाठ्यक्रम में बदलाव करेंगे। महिला सशक्तिकरण और महिलाओं के प्रति सम्मान हमारे पाठ्यक्रम का अहम हिस्सा होगा। हमें स्वास्थ्य क्षेत्र को भी बेहतर करने की जरूरत है।
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