Home Breaking News आज का शब्द: संकल्प और श्रीकांत वर्मा की कविता- वह मेरी नियति थी

आज का शब्द: संकल्प और श्रीकांत वर्मा की कविता- वह मेरी नियति थी

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आज का शब्द: संकल्प और श्रीकांत वर्मा की कविता- वह मेरी नियति थी

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                            'हिंदी हैं हम' शब्द शृंखला में आज का शब्द है- संकल्प, जिसका अर्थ है- दृढ़ निश्चय, पक्का विचार, सभा समिति आदि में किसी विषय में विचारपूर्वक किया हुआ पक्का निश्चय, मन्तव्य। प्रस्तुत श्रीकांत वर्मा की कविता- वह मेरी नियति थी
                                                                 
                            

कई बार मैं उससे ऊबा 
और 
नहीं—जानता—हूँ—किस ओर 
चला गया। 

कई बार मैंने संकल्प किया। 
कई बार 
मैंने अपने को 
विश्वास दिलाने की कोशिश की— 
हममें से हरेक 
संपूर्ण है। 

कई बार मैंने निश्चय किया 
जो होगा सो होगा 
रह लूँगा— 
और इस ख़याल पर 
मुग्ध होता हुआ 
कि मैं एक पहाड़ हूँ 
समूचे आकाश को 
अकेला सह लूँगा। 
कई बार मैंने पौरुष का नक़ाब ओढ़ 
वह कुछ छिपाना चाहा 
जो अंदर 
कुरेद रहा था। 

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10 घंटे पहले

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