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नई दिल्ली. इसे सिर्फ दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश मुकाबले का नहीं, बल्कि अब तक के टी20 वर्ल्ड कप के सारे मुकाबलों का सबसे रोमांचक ओवर कहा जा सकता है. एक ऐसा ओवर जिसमें बांग्लादेश को जीत के लिए 11 रन की जरूरत थी और उसके 5 विकेट बाकी थे. क्रीज पर दो स्पेशलिस्ट बैटर थे. एक बैटर तो 45 मिनट से क्रीज पर था. जैसे सारी कायनात ही बांग्लादेश ((Bangladesh) को जिताने को जुट गई थी. लेकिन केशव महाराज को यह मंजूर ना था. केशव आए और उन्होंने अपने मैच के इस आखिरी ओवर में बांग्लादेश का काम तमाम कर दिया. दक्षिण अफ्रीका (South Africa) को हारी बाजी जिता दी. इसके साथ ही दक्षिण अफ्रीका टी20 वर्ल्ड कप (ICC T20 World Cup) के सुपर-8 में पहुंचने वाली पहली टीम बन गई.
दक्षिण अफ्रीका और बांग्लादेश (Bangladesh vs South Africa) नासाऊ काउंटी की उसी पिच पर खेला गया, जिस पर भारत-पाकिस्तान का मैच हुआ था. पिच बैटिंग के लिए बिलकुल भी अच्छी नहीं थी, यह बात अब कोई रहस्य ना थी. पूरी दुनिया को पता थी यह बात. नतीजा दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एडेन मार्करम टॉस जीतते ही कहा कि वे पहले बैटिंग करेंगे. तर्क दिया कि बाद में बैटिंग मुश्किल हो जाएगी.
दक्षिण अफ्रीका (South Africa) इस इरादे से मैदान पर उतरी कि जो रन बनाने हैं फटाफट बना लो. बाद में तो बनने नहीं. लेकिन उसकी यह सोच तब उलटी पड़ती दिखी जब उसने 5 ओवर के भीतर 23 रन पर 4 विकेट गंवा दिए. कहां तो 120-130 का ख्वाब था और कहां टीम को 50 रन के लाले पड़ने लगे. ऐसे वक्त पर टीम के दो सीनियर बैटर काम आए. हेनरिक क्लासेन और डेविड मिलर ने टी20 मैच में टेस्ट मैच का खेल दिखाया. इरादा साफ था कि आउट नहीं होना है, रन तो बन ही जाएंगे. क्लासेन और मिलर अपने इरादे में कामयाब रहे. उन्होंने पांचवें विकेट के लिए 79 रन की साझेदारी कर टीम को संकट से उबार लिया. दक्षिण अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवर में 113 रन बनाए. यह रन उतने ही थे, जितना बनाकर पाकिस्तान हार गया था. यानी दक्षिण अफ्रीका के रन उम्मीद से 10-15 कम रह गए थे. इसकी भरपाई उसके गेंदबाजों ने बांग्लादेश को 109 के स्कोर पर रोककर की.
114 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरे बांग्लादेश की शुरुआत भी खराब रही. उसने 50 रन के भीतर 4 विकेट गंवा दिए. लेकिन इसके बाद तौहीद हृदय (37) और महमूदुल्लाह (20) ने पारी संभाल ली. यह जोड़ी तौहीद के आउट होने पर तब टूटी जब बांग्लादेश 94 रन तक पहुंच चुका था.
तौहीद के आउट होने के बाद बांग्लादेश को जीत के लिए 17 गेंद पर 20 रन की जरूरत थी. लक्ष्य मुश्किल ना था. यहां से महमूदुल्लाह और जाकेर अली (8) टीम को 102 रन तक लाए. अब बांग्लदेश को आखिरी ओवर यानी 6 गेंद पर जीत के लिए 11 रन बनाने थे और महमूदुल्लाह व जाकेर अली क्रीज पर थे.
केशव महाराज मैच का आखिरी ओवर लेकर आए. पलड़ा बांग्लादेश का भारी था, लेकिन केशव ने ‘चोकर’ का ठप्पा लग चुकी टीम को यह मैच जिताने का ठान लिया था. केशव की पहली गेंद वाइड रही, लेकिन उन्होंने खुद पर दबाव नहीं आने दिया. उन्होंने दूसरी गेंद फेंकी, जो लेंथ बॉल थी और इस पर महमूदुल्लाह सिर्फ एक रन बना सके. अब क्रीज पर जाकेर आए और उन्होंने अगली गेंद पर 2 रन बनाए. अब बांग्लादेश को आखिरी 4 गेंद पर जीत के लिए बनाने थे 7 रन. लड्डू खाने जैसा लक्ष्य हो चला था लेकिन तभी केशव महाराज ने जाकेर को लॉन्गऑन पर कैच करवा दिया. खेल बदल रहा था. मोमेंटम शिफ्ट हो चला था क्योंकि क्रीज पर नया बैटर आ चुका था.
बांग्लादेश को आखिरी तीन गेंद पर जीत के लिए 7 रन चाहिए थे. केशव ने 20वें ओवर की चौथी गेंद फेंकी, जिस पर बांग्लादेश को लेग बाई के जरिए एक रन मिला. अब क्रीज पर थे महमूदुल्लाह और बांग्लादेश को जीत के लिए चाहिए थे छह रन. बड़े शॉट खेलने में माहिर महमूदुल्लाह ने बाउंड्री के बाहर शॉट खेलने को सोचा लेकिन वे भी जाकेर की तरह लॉन्गऑन पर लपके गए. केशव दक्षिण अफ्रीका को जीत के करीब ले आए थे लेकिन एक गेंद अब भी बाकी थी. बांग्लादेश के बैटर तस्कीन अहमद के पास यह मौका था कि वे छक्का मारकर अपनी टीम को जिता दें लेकिन केशव ने उन्हें ऐसा नहीं करने दिया. केशव ने अपनी आखिरी गेंद पर भी एक रन ही खर्च किया और इस तरह दक्षिण अफ्रीका ने 4 रन से मैच जीत लिया.
Tags: Bangladesh, Icc T20 world cup, South africa, T20 World Cup
FIRST PUBLISHED : June 11, 2024, 07:02 IST
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