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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
– फोटो : एएनआई
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट परीक्षा का पेपर लीक होने के आरोप को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि ‘नीट परीक्षा में पेपर लीक का कोई सबूत नहीं मिला है। एनडीए में भ्रष्टाचार नहीं मिला है। यह बहुत विश्वसनीय निकाय है।’ केंद्रीय मंत्री ने कहा कि ‘सुप्रीम कोर्ट मामले पर सुनवाई कर रहा है और हम उनका आदेश मानेंगे। हम ये सुनिश्चित करेंगे कि किसी छात्र को नुकसान न हो।’
सुप्रीम कोर्ट ने 1563 बच्चों की फिर से परीक्षा कराने का आदेश दिया
नीट मामले पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि नीट-यूजी 2024 की परीक्षा में जिन 1,563 छात्रों को ग्रेस मार्क्स दिए गए, उन्हें रद्द कर दिया गया है और उन्हें 23 जून को फिर से परीक्षा देने का विकल्प दिया गया है। अगर कोई उम्मीदवार दोबारा परीक्षा नहीं देना चाहता है तो उनके ग्रेस मार्क्स काट लिए जाएंगे।
दोषियों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा ‘कोई भ्रष्टाचार नहीं हुआ है। नीट की परीक्षा में 24 लाख छात्र बैठे। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है और यह सुनवाई 1563 छात्रों के संबंध में है। सरकार कोर्ट में जवाब देने के लिए तैयार है। इस मुद्दे पर सरकार ने शैक्षिक जगत से जुड़े लोगों की एक समिति बनाई जा रही है। इस समिति की रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एनटीए ने देश में तीन बड़ी परीक्षाएं नीट, जेईई और सीयूईटी सफलतापूर्वक आयोजित कराईं हैं। घटना में जो भी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।’
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