[ad_1]

सिक्किम में बारिश और भूस्खलन
– फोटो : ANI
विस्तार
सिक्किम में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश और भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है। कहीं सकड़ें टूट गई है तो कहीं सड़कें नदी में समा गई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से मंगन जिले में रास्ते बंद होने से लाचुंग में 1,200 से अधिक घरेलू और 15 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है। पूर्वी सिक्किम के दिक्चू में सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दक्षिण सिक्किम में लिंगी-पायॉन्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बारिश से पूरी तरह तबाह हो गई है। तीस्ता नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे नदी तट के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत बढ़ गई है।
इस बीच, मुख्यमंत्री प्रेम तमांग ने उच्चस्तरीय बैठक कर हालात का जायजा लिया। जानकारी के मुताबिक भारी और भूस्खलन से मंगन जिले में रास्ते बंद होने से लाचुंग में 1,200 से अधिक घरेलू और 15 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। विदेशी पर्यटकों में थाईलैंड के दो, नेपाल के तीन और बांग्लादेश के दस पर्यटक शामिल हैं। फंसे हुए सभी पर्यटक सुरक्षित बताए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें अपने स्थानों पर ही रहने और कोई जोखिम लेने से बचने की सलाह दी है। भोजन की कमी का तत्काल कोई कमी नहीं है। क्योंकि सभी फंसे हुए व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त आपूर्ति और राशन उपलब्ध है।
पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की हुई मौत
इस बीच, सिक्किम के चीफ सेक्रेटरी वीबी पाठक के अनुसार सिक्किम जारी बारिश और भूस्खलन में पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल भी हैं। घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो जगह प्राकृतिक आपदा की घटना हुई। नामची जिले के यांयांग सब डिविजन में प्राकृतिक आपदा आई है। यहां पर तीन लोगों की मौत हुई है। इसी तरह से गुरुवार और शुक्रवार की रात को मंगन जिले में भी प्राकृतिक आपदा आई, जिसमें छह लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग घायल भी हुए हैं। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं। एक राहत कैंप भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कई जगह सड़कें बह गई हैं या धंस गई हैं। उनको ठीक करने में पांच से सात दिन लग सकते हैं।
[ad_2]
Source link