Home Breaking News Sikkim: सिक्किम में बारिश का कहर, तीन दिन में नौ लोगों की मौत; लाचुंग में 1200 से अधिक पर्यटक फंसे

Sikkim: सिक्किम में बारिश का कहर, तीन दिन में नौ लोगों की मौत; लाचुंग में 1200 से अधिक पर्यटक फंसे

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Sikkim: सिक्किम में बारिश का कहर, तीन दिन में नौ लोगों की मौत; लाचुंग में 1200 से अधिक पर्यटक फंसे

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Nine people die, over 1200 tourists stranded during last three days due to landslides in Sikkim

सिक्किम में बारिश और भूस्खलन
– फोटो : ANI

विस्तार


सिक्किम में पिछले कुछ दिनों से जारी बारिश और भूस्खलन के कारण भारी नुकसान हुआ है। कहीं सकड़ें टूट गई है तो कहीं सड़कें नदी में समा गई हैं। भारी बारिश और भूस्खलन से मंगन जिले में रास्ते बंद होने से लाचुंग में 1,200 से अधिक घरेलू और 15 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो गई है जबकि कई घायल हैं। घायलों का इलाज विभिन्न अस्पतालों में कराया जा रहा है। पूर्वी सिक्किम के दिक्चू में सड़कें अवरुद्ध हो गई हैं कई घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। दक्षिण सिक्किम में लिंगी-पायॉन्ग को जोड़ने वाली मुख्य सड़क बारिश से पूरी तरह तबाह हो गई है। तीस्ता नदी लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे नदी तट के आसपास रहने वाले लोगों में दहशत बढ़ गई है।

इस बीच, मुख्यमंत्री प्रेम तमांग ने उच्चस्तरीय बैठक कर हालात का जायजा लिया। जानकारी के मुताबिक भारी और भूस्खलन से मंगन जिले में रास्ते बंद होने से लाचुंग में 1,200 से अधिक घरेलू और 15 विदेशी पर्यटक फंसे हुए हैं। विदेशी पर्यटकों में थाईलैंड के दो, नेपाल के तीन और बांग्लादेश के दस पर्यटक शामिल हैं। फंसे हुए सभी पर्यटक सुरक्षित बताए गए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें अपने स्थानों पर ही रहने और कोई जोखिम लेने से बचने की सलाह दी है। भोजन की कमी का तत्काल कोई कमी नहीं है। क्योंकि सभी फंसे हुए व्यक्तियों को भोजन उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त आपूर्ति और राशन उपलब्ध है।

पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की हुई मौत

इस बीच, सिक्किम के चीफ सेक्रेटरी वीबी पाठक के अनुसार सिक्किम जारी बारिश और भूस्खलन में पिछले तीन दिनों में नौ लोगों की मौत हो गई है और कई लोग घायल भी हैं। घायलों का इलाज चल रहा है। उन्होंने बताया कि दो जगह प्राकृतिक आपदा की घटना हुई। नामची जिले के यांयांग सब डिविजन में प्राकृतिक आपदा आई है। यहां पर तीन लोगों की मौत हुई है। इसी तरह से गुरुवार और शुक्रवार की रात को मंगन जिले में भी प्राकृतिक आपदा आई, जिसमें छह लोगों की मौत हुई है। कुछ लोग घायल भी हुए हैं। युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य जारी हैं। एक राहत कैंप भी बनाया गया है। उन्होंने बताया कि कई जगह सड़कें बह गई हैं या धंस गई हैं। उनको ठीक करने में पांच से सात दिन लग सकते हैं।

फंसे हुए पर्यटकों को किया जाएगा एयरलिफ्ट 

सिक्किम के मुख्य सचिव के कार्यालय ने मौसम अनुकूल होने पर पर्यटकों की संभावित एयरलिफ्टिंग के लिए भारत सरकार के साथ चर्चा शुरू कर दी है। वैकल्पिक रूप से, यदि आवश्यक हो, तो सड़क मार्ग से निकासी की व्यवस्था की जाएगी। सिक्किम का पर्यटन और नागरिक उड्डयन विभाग पर्यटकों की सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए मंगन जिले में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और स्थानीय पर्यटन हितधारकों के साथ मिलकर काम कर रहा है। अधिकारी सभी फंसे हुए पर्यटकों की सहायता कर रहे हैं। यह भी स्पष्ट किया गया है कि केवल लाचुंग प्रभावित है, जबकि शेष सिक्किम यात्रा के लिए खुला और सुरक्षित है।

मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय बैठक, हालात का लिया जायजा

मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने शुक्रवार को राज्य में हालिया आपदा से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में अधिकारियों ने गंभीर सड़क व्यवधानों और प्रभावित लोगों के लिए तत्काल चुनौतियों पर ध्यान केंद्रित करते हुए नुकसान की जानकारी दी। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्थिति की बारीकी से निगरानी करने और कनेक्टिविटी और राहत प्रयासों को फिर से स्थापित करने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक में ग्रामीण विकास विभाग (आरडीडी) मंत्री अरुण उप्रेती, सड़क एवं पुल मंत्री एन.बी. दहल सहित सभी विभागों के मुखिया उपस्थित थे।





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