Home World US: बाइडेन की बढ़ती उम्र को चुनावी मुद्दा बनाने वाले ट्रंप का 78 वां जन्मदिन, अपनी बर्थ-डे पार्टी के लिए चुना ये ड्रेस कोड

US: बाइडेन की बढ़ती उम्र को चुनावी मुद्दा बनाने वाले ट्रंप का 78 वां जन्मदिन, अपनी बर्थ-डे पार्टी के लिए चुना ये ड्रेस कोड

0
US: बाइडेन की बढ़ती उम्र को चुनावी मुद्दा बनाने वाले ट्रंप का 78 वां जन्मदिन, अपनी बर्थ-डे पार्टी के लिए चुना ये ड्रेस कोड

[ad_1]

US Presidential Election 2024: डोनाल्ड ट्रंप ने जो बाइडेन की बढ़ती उम्र को अपने चुनावी अभियान का मुख्य मुद्दा बनाया है. कभी-कभी अस्थिर रहने वाले 81 वर्षीय डेमोक्रेटिक राष्ट्रपति के ऊर्जावान विकल्प के रूप में ट्रंप ने खुद को स्थापित करने की कोशिश की है. हालांकि रिपब्लिकन पूर्व राष्ट्रपति शुक्रवार को अपना 78वां जन्मदिन मना रहे हैं और उन्होंने शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से धीमे होने के संकेत भी दिखाए हैं.

लगभग हर दिन, ट्रंप की कैंपेन टीम बाइडेन के लड़खड़ाने या हकलाने, थके हुए दिखने या सार्वजनिक कार्यक्रमों में भ्रमित दिखने के वीडियो जारी करती है.

एएफपी के मुताबिक ट्रम्प के वरिष्ठ सहयोगी जेसन मिलर ने गुरुवार को कहा, ‘इस समय उनका दिमाग बिल्कुल खराब है.’

हालांकि बाइडेन की उम्र को मुद्दा बनाने के लिए ट्रंप की आलोचना भी होती है. लेकिन ट्रंप की टीम की पूरी कोशिश है कि मतदाताओं का ध्यान ट्रंप की उम्र पर न जाए जो बाइडेन से सिर्फ साढ़े तीन साल से छोटे हैं.

ट्रंप शुक्रवार रात को फ्लोरिडा में भव्य अंदाज में अपना जन्मदिन मनाने जा रहे हैं. उन्होंने अपने निमंत्रण में लिखा, ‘अब तक के सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रपति के जन्मदिन का जश्न मनाने में हमारे साथ शामिल हों.’ इस पार्टी में मेहमानों से अमेरिकी ध्वज के रंग के कपड़े पहनकर आने के लिए कहा गया है.

5 नवंबर को होने वाले चुनाव में जो भी जीतेगा, वह पद की शपथ लेने वाला सबसे उम्रदराज अमेरिकी राष्ट्रपति होगा. लेकिन मतदाताओं के लिए क्या वाकई उम्मीदवारों की उम्र कोई बड़ा मुद्दा है.

अमेरिकी विश्वविद्यालय में सरकार के लेक्चरर मैथ्यू फोस्टर, इस बारे में निश्चित नहीं हैं. उन्होंने कहा, ‘हमें खुद से यह बड़ा सवाल पूछना होगा – क्या कोई ट्रम्प को इसलिए वोट देगा क्योंकि वह युवा और अधिक ऊर्जावान दिखते हैं?” उन्होंने यह भी कहा कि उनका मानना ​​है कि अर्थव्यवस्था, गर्भपात और आव्रजन जैसे मुद्दों का अधिक जोर रहेगा.

फोस्टर ने कहा, ‘एक राजनीतिक रूप से ध्रुवीकृत राष्ट्र में, जहां चुनाव केवल दसियों हज़ार वोटों तक सीमित हो सकता है, उम्मीदवारों की उम्र ‘निर्णायक कारक नहीं होने जा रही है.’

.

[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here