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आनंद मोहन परिवार की एंट्री के बाद नाबालिग छात्रा की मौत पर बवाल बढ़ा
– फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार के औरंगाबाद के नबीनगर में एक नाबालिग छात्रा की मौत पर बवाल मचा है। इसे लेकर दो दिनों से नबीनगर बाजार बंद है। सड़क जाम और रोष प्रदर्शन हुआ है। सड़क पर आगजनी की गई है। नबीनगर प्रखंड मुख्यालय से लेकर औरंगाबाद शहर में कैंडल मार्च भी निकाला गया है। परिजन इसे अपहरण के बाद हत्या का मामला बता रहे हैं। एसिड अटैक की भी चर्चा है। वहीं, पुलिस हत्या या आत्महत्या समेत अन्य दृष्टिकोण से मामले की तहकीकात कर रही है। मामले में औरंगाबाद के सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय के एसिड अटैक को नकारते हुए हत्या या आत्महत्या के एंगल से जांच किए जाने के बयान के बाद ट्विस्ट आ गया है, जिससे परिजनों और नबीनगर की अवाम का गुस्सा उबाल पर है।
इस बीच शिवहर की नव निर्वाचित सांसद लवली आनंद, बहुचर्चित राजपूत नेता आनंद मोहन, विधायक चेतन आनंद और डॉक्टर आयुषी की एंट्री से मामले में नया मोड़ आ गया है। लब्बोलुआब यह कि चाहे कोई कुछ भी कहे, लेकिन इतना तो तय है कि छात्रा के साथ कुछ न कुछ अनहोनी तो जरूर हुई है जो मर्डर, आत्महत्या या कुछ और भी हो सकता है।
यह है पूरा मामला
दरअसल, मंगलवार को नाबालिग छात्रा अपने घर से कोचिंग के लिए निकली, लेकिन वापस नहीं लौटी। छात्रा के समय पर घर न लौटने के बाद परिजन खोजबीन करने लगे। पूरे दिन खोजबीन होती रही, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। थक हार कर परिजनों ने नबीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज करा दी।
मोबाइल चैट से मां को हुई अपहरण की आशंका
नाबालिग छात्रा की मां ने प्राथमिकी में अपनी बेटी के अपहरण का आरोप लगाया। प्राथमिकी में मां ने कहा कि मंगलवार को उनकी बेटी सुबह 6:15 बजे घर से कोचिंग जाने के लिए निकली थी, लेकिन कोचिंग का समय समाप्त होने के बावजूद वह घर नहीं लौटी तो हम लोग उसकी खोजबीन करने लगे। इस दौरान जब घर के मोबाइल की जांच की गई तो मोबाइल में पास के ही गांव के एक लड़के का नंबर मिला। मोबाइल में सोमवार की रात 10:30 बजे लड़की और बगल के गांव के एक लड़के के बीच चैट थी। यही नहीं उस मोबाइल नंबर से लड़के की हमेशा बात होती थी। उन्होंने यह भी कहा कि मेरी बेटी की एक सहेली, जो अक्सर हमारे घर आती थी। बेटी के घर नहीं आने पर जब उसकी सहेली को फोन किया लेकिन उसकी मां ने बात कराने से इनकार कर दिया।
इन लोगों पर छात्रा को अगवा करने का शक
मोबाइल चैट और सहेली की मां द्वारा बेटी से बात कराने से इनकार के बाद मामले में छात्रा की मां ने बगल के गांव के एक युवक, बेटी की सहेली और उसकी मां पर अपहरण करने का आरोप लगाया। तीनों की भूमिका को संदिग्ध बताया। मृतका की मां का कहना है कि उसकी बेटी का अपहरण इन्हीं तीन लोगों ने मिलकर किया है।
तीन दिन बाद रोहतास के इंद्रपुरी बैराज के पास मिला शव
घटना के तीन दिन बाद शुक्रवार को छात्रा का शव बगल के रोहतास जिले में इंद्रपुरी सोन बैराज के पास नहर से बरामद किया गया। छात्रा का शव बरामद होते ही सनसनी मच गई। शव मिलने की सूचना मिलते ही परिजनों में हाहाकार मच गया। छात्रा का शव मिलते ही गुस्साए स्थानीय लोगों और परिजनों ने शव के साथ नबीनगर में सड़क जाम कर दिया और जमकर हंगामा किया। इस दौरान काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने सड़क जाम हटवाया। मामले में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया, तब जाकर जाम हटा।
दो दिन से नबीनगर बाजार बंद, निकाला गया कैंडल मार्च
घटना के बाद से हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दो दिनों से नबीनगर बाजार बंद है। घटना के विरोध में नबीनगर से लेकर औरंगाबाद जिला मुख्यालय में कैंडल मार्च भी निकाला गया है। घटना को लेकर लोगों का गुस्सा उबाल पर है।
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