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Varun Aaron : इंटरनेशनल क्रिकेट में कई ऐसे स्टार रहे हैं, जिन्हें बेहद कम उम्र में मौका मिल गया, लेकिन वह उस मौके का फायदा नहीं उठा सके और कुछ मैच खेलकर ही करियर का अंत कर लिया. ऐसे ही एक भारतीय क्रिकेट की कहानी लेकर हम आए हैं, जिसने महज 21 साल में भारत के लिए डेब्यू किया और पहले ही मैच में छा भी गया. दिग्गज मानने लगे कि यह टीम इंडिया का फ्यूचर स्टार है और मैच विनर की भूमिका निभाएगा. हालांकि, ऐसा हो न सका और सिर्फ 18 इंटरनेशनल मैच खेलकर ही करियर खत्म हो गया. धोनी की कप्तानी में इस क्रिकेटर ने भारत के लिए पहला मैच खेला था.
पहले मैच में ही बना स्टार
हम बात कर रहे हैं भारतीय तेज गेंदबाज वरुण आरोन की. अपनी तेज रफ्तार गेंदों से कहर बरपाने वाले इस पेसर ने पहले ही मैच में तीन विकेट लेकर कमाल कर दिया था. धोनी की कप्तानी में अक्टूबर 2011 में वनडे मैच से वरुण का इंटरनेशनल डेब्यू हुआ, जब इंग्लैंड टीम भारत के दौरे पर आई थी. सीरीज के चौथे वनडे में वरुण आरोन को प्लेइंग-11 में शामिल किया गया और उन्होंने भी इस मौके को भुनाते हुए 3 इंग्लिश बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई. ODI डेब्यू करने के अगले ही महीने उन्हें टेस्ट टीम से भी खेलने का मौका मिल गया. टेस्ट डेब्यू में भी उन्होंने प्रभावी गेंदबाजी की और वेस्टइंडीज के खिलाफ हुए मुकाबले में 3 विकेट चटकाए.
लंबे ब्रेक के बाद फिर मिला मौका
महीनेभर के अंदर भारत की टेस्ट और वनडे टीम में शामिल हो चुके वरुण आरोन को कुछ मैच खेलकर ही टीम से ड्रॉप कर दिया गया. उन्हें लगभग 2 साल तक टीम में जगह नहीं मिली. किस्मत जागी और 2014 में फिर वह भारतीय स्क्वॉड में शामिल हुए, जब टीम इंडिया न्यूजीलैंड दौरे पर गई थी. इसके बाद वह टीम से अंदर बाहर होते रहे और साउथ अफ्रीका के खिलाफ नवंबर 2015 में खेला गया टेस्ट मैच उनका आखिरी इंटरनेशनल मुकाबला बन गया. इसके बाद उन्हें किसी भी फॉर्मेट में फिर से टीम इंडिया की जर्सी पहनने का मौका नहीं मिला.
सिर्फ 25 की उम्र में खेला आखिरी मैच
वरुण आरोन ने साउथ अफ्रीका के खिलाफ 2015 में जो टेस्ट मैच खेला, उस समय उनकी उम्र सिर्फ 25 साल थी. उन्होंने खुद भी नहीं सोचा होगा कि इस उम्र में वह अपने इंटरनेशनल करियर का आखिरी मैच खेल लेंगे, लेकिन सच तो यही है. अपने लगभग 4 साल के इंटरनेशनल करियर में उन्हें 18 मैच खेलने का मौका मिला, जिसमें उन्होंने कुल 29 विकेट चटकाए. वनडे और टेस्ट दोनों में ही 9-9 मैच खेले और क्रमशः 11 और 18 विकेट चटकाए. आखिरी वनडे मैच उन्होंने नवंबर 2014 में खेला था, जबकि इसके एक साल बाद उनका आखिरी टेस्ट मैच रहा.
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