Home Breaking News CRPF: अर्धसैनिक बल का आदेश- अब कम्पोजिट अस्पतालों में रिटायर्ड कर्मियों-शहीदों के आश्रितों को IPD सुविधा नहीं

CRPF: अर्धसैनिक बल का आदेश- अब कम्पोजिट अस्पतालों में रिटायर्ड कर्मियों-शहीदों के आश्रितों को IPD सुविधा नहीं

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CRPF: अर्धसैनिक बल का आदेश- अब कम्पोजिट अस्पतालों में रिटायर्ड कर्मियों-शहीदों के आश्रितों को IPD सुविधा नहीं

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Paramilitary force's order: Now IPD facility dependents of retired personnel-martyrs in composite hospitals

सीआरपीएफ से जुड़े नए आदेश से असंतोष
– फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार


देश के सबसे बड़े केंद्रीय अर्धसैनिक बल ‘सीआरपीएफ’ में जारी हुआ एक आदेश रिटायर्ड कर्मियों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। अलायंस ऑफ ऑल एक्स पैरामिलिट्री फोर्सेस वेलफेयर एसोसिएशन के अनुसार, अब सीआरपीएफ कम्पोजिट अस्पतालों में बल के रिटायर्ड कर्मियों और शहीद परिवारों के सदस्यों को ‘इन-पेशेंट डिपार्टमेंट’ यानी आईपीडी की सुविधा नहीं मिलेगी। उन्हें ओपीडी सुविधा तो मिलेगी, मगर आईपीडी नहीं दी जाएगी। आईपीडी सुविधा बंद होने से रिटायर्ड कर्मियों और शहीद परिजनों के सदस्यों को बल के कम्पोजिट अस्पतालों में पंजीकरण, मेडिकल जांच व दवाइयां नहीं दी जाएंगी।

आईपीडी सुविधा पर रोक, इस बाबत 2022 में पुलिस उपमहानिरीक्षक (कल्याण) महानिदेशालय सीआरपीएफ, द्वारा बेतार संख्या एम. पांच 1/2021-22 सीडब्ल्यूएफ के तहत एक आदेश जारी किया गया था। उस आदेश में लिखा था कि अब सेवानिवृत्त अर्धसैनिकों व उनके पारिवारिक सदस्यों, शहीद परिवार व उनके आश्रितों को इन-पेशेंट डिपार्टमेंट (आईपीडी) के तहत पंजीकरण, मेडिकल जांच व दवाइयां, ये सब सुविधाएं नहीं मिलेंगी। उक्त आदेशों के तहत ही पुलिस उप महानिरीक्षक (चिकित्सा), संयुक्त अस्पताल सीआरपीएफ बेंगलुरु ने 31 मई को एक पत्र जारी किया है। इस पत्र में कहा गया है कि सीआरपीएफ के रिटायर्ड कर्मी, पत्नी व आश्रित बच्चों को बल के कंपोजिट अस्पताल में चिकित्सक द्वारा ओपीडी परामर्श दिया जाएगा।

उन्हें आईपीडी में रजिस्ट्रेशन, इन्वेस्टिगेशन और दवाइयां, उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी। शहीदों के आश्रितों के लिए भी उक्त व्यवस्था ही जारी रहेगी। यानी उन्हें भी आईपीडी में रजिस्ट्रेशन, इन्वेस्टिगेशन और दवाइयां, ये सुविधाएं नहीं मिलेंगी। एसोसिएशन के महासचिव रणबीर सिंह का कहना है, यह आदेश ठीक नहीं है। जिस जवान ने अपनी जिंदगी के महत्वपूर्ण 40 साल, देश की एकता अखंडता व कानून व्यवस्था बनाए रखने और देश की चाक चौबंद चौकसी में गुजार दिए, अब उन्हें सीआरपीएफ कम्पोजिट अस्पतालों में आईपीडी सुविधा से वंचित किया जा रहा है।

बतौर महासचिव, 8 फरवरी 2022 को जारी इस आदेश के समय देशवासी आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहे थे। इस डिजिटल युग में यह गैर जिम्मेदाराना फरमान, पुलिस उप महानिरीक्षक (चिकित्सा) बेंगलुरु तक पहुंचने में दो साल नब्बे दिन लग गए। एक तरफ केंद्र सरकार, सीएपीएफ में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं की खातिर आयुष्मान भारत योजना लेकर आई है। एसोसिएशन महासचिव के अनुसार, इसके तहत पांच लाख तक का मुफ्त इलाज दिया जाता है। दूसरी तरफ, सीआरपीएफ कम्पोजिट अस्पतालों में आईपीडी सुविधा बंद कर दी गई है।

बेहतर इलाज की आस लगाए बल के हजारों परिवारों ने कम्पोजिट अस्पतालों के आसपास महंगे आवास बनाए, ताकि उन्हें इलाज की सुविधा मिलती रही। अब उन शहीदों के आश्रितों पर क्या बीतेगी, जिन्होंने राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर कर दिया। शहीद जवानों के बुजुर्ग मां-बाप अब इलाज के लिए कहां जाएंगे। एसोसिएशन ने सीआरपीएफ महानिदेशक से आग्रह किया है कि वे उक्त आदेश को वापस लें। पहले की भांति सीआरपीएफ कम्पोजिट अस्पतालों में बल के रिटायर्ड कर्मियों और शहीद परिवारों के सदस्यों ‘इन-पेशेंट डिपार्टमेंट’ सुविधा मिलती रहे।





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