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Post-Poll Violence: गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट में कहा- बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाने पर आपत्ति नहीं

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Post-Poll Violence: गृह मंत्रालय ने हाईकोर्ट में कहा- बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ाने पर आपत्ति नहीं

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Post-poll violence: No reservation if central forces' stay in Bengal extended, Home Ministry to HC

कलकत्ता हाईकोर्ट
– फोटो : एएनआई

विस्तार


गृह मंत्रालय (एमएचए) ने कलकत्ता हाईकोर्ट को सूचित किया कि यदि राज्य में चुनाव के बाद हिंसा के आरोपों के मद्देनजर बंगाल में केंद्रीय बलों की तैनाती और कुछ समय तक बढ़ाई जाती है तो उसे कोई आपत्ति नहीं है।

अदालत ने केंद्र और पश्चिम बंगाल सरकार को याचिकाकर्ताओं की ओर से लगाए गए चुनाव बाद हिंसा के आरोपों के बाद स्थिति का आकलन करने और 21 जून को सुनवाई की अगली तारीख पर इनसे संबंधित सभी प्रासंगिक तथ्यों का खुलासा करने का निर्देश दिया। सुनवाई के दौरान, गृह मंत्रालय का प्रतिनिधित्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अशोक चक्रवर्ती ने किया।

डीजी ने हाईकोर्ट को सौंपी रिपोर्ट, मिलीं 560 शिकायतें

पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद हिंसा मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट को राज्य सरकार ने एक रिपोर्ट सौंपी है। राज्य पुलिस डीजी संजय मुखर्जी ने रिपोर्ट में बताया है कि 6 से 12 जून तक मेल में कुल 560 शिकायतें मिली हैं।

रिपोर्ट में डीजी ने अब तक कितनी प्राथमिकियां दर्ज की गई हैं और क्या कदम उठाए गए हैं, उसकी भी जानकारी दी है। इस संबंध में एक संगठन और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने चुनाव बाद हिंसा को लेकर हाईकोर्ट में मामला दायर किया है। मामले पर मंगलवार को सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन सभी पक्षों के पास रिपोर्ट नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी। इस पर सुनवाई अगले बृहस्पतिवार को होगी। उल्लेखनीय है कि कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश पर यह रिपोर्ट 14 जून को राज्य पुलिस के डीजी ने सौंपी है।

उल्लेखनीय है कि चुनाव के बाद हिंसा और हिंसा के आरोप सामने आने लगे थे। कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश कौशिक चंदर की खंडपीठ ने 6 जून को एक आदेश पारित किया। कोर्ट ने निर्देश दिया था कि चुनाव के बाद हिंसा से प्रभावित लोग राज्य के महानिदेशक को शिकायत ईमेल कर सकते हैं। कोर्ट ने शिकायत की जांच कर एफआईआर दर्ज करने का भी आदेश दिया था।

डीजी ने यह दी रिपोर्ट में जानकारी

सूत्रों के मुताबिक, 560 शिकायतों में से 107 एफआईआर दर्ज की गई है। 92 शिकायतों में कोई संज्ञेय अपराध नहीं पाया गया। 114 मामलों की जांच की गई और कोई अपराध नहीं पाया गया। 18 आरोप चुनाव के बाद के हिंसा से से संबंधित नहीं हैं। एक ही घटना के संबंध में 88 शिकायतें दूसरी बार दर्ज की गईं। सूत्रों के मुताबिक, तीन शिकायतों में शिकायतकर्ता का कोई पता नहीं है। 138 शिकायतों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।





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