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भाजपा में शामिल हुईं किरण चौधरी
– फोटो : अमर उजाला
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हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल के बेटे चौ. सुरेंद्र सिंह की पत्नी किरण चौधरी ने आज भाजपा का दामन थाम लिया। ससुर और पति की मौत के बाद किरण चौधरी ने बंसीलाल की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया था।
5 जून 1955 को जन्मी किरण चौधरी तोशाम से चार बार विधायक रह चुकी हैं।
अहीरवाल में बढ़ेगा भाजपा का कद
भाजपा के साथ जाने से किरण चौधरी का भिवानी के साथ ही अहीरवाल में राजनीतिक कद बढ़ सकता है क्योंकि भिवानी-महेंद्रगढ़ संसदीय सीट भाजपा के खाते में हैं। लोकसभा चुनाव के दौरान यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रैली में मंच से पूर्व मुख्यमंत्री चौ. बंसीलाल का नाम लिया था और 1996 के संस्मरण को साझा कर बंसीलाल के समर्थकों को साधा था। वैसे किरण के कांग्रेस से अलगाव का बीज चरखी दादरी में हुई रैली में राहुल गांधी के सामने ही पड़ गया था, क्योंकि ऐन चुनाव के वक्त किरण और राव दान सिंह के बीच तल्खी सार्वजनिक हो गई थी और चुनाव के बाद राव दान सिंह ने साथ नहीं देने का आरोप भी लगाया था।
अब कांग्रेस में भतीजे का रास्ता साफ
कांग्रेस में किरण के रहते तोशाम से चुनाव लड़ने के अभिलाषी अनिरुद्ध चौधरी की ख्वाइश भी अब पूरी हो सकती है। अपनी चाची किरण चौधरी के कांग्रेस में रहते यह संभव नहीं हो सकता था। वहीं बाढ़डा सीट पर पूर्व विधायक व बंसीलाल के बड़े बेटे रणबीर महेंद्रा भी कांग्रेस से मैदान में आ सकते हैं। बंसीलाल परिवार में महेंद्रा और किरण के बीच पारिवारिक विवाद भी जगजाहिर है। ऐसे में बंसीलाल परिवार का एक धड़ा कांग्रेस तो एक धड़ा भाजपा में रह सकता है।
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