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इजरायल के शीर्ष सैन्य प्रवक्ता ने बुधवार को यह बयान देकर अपनी ही सरकार को चौंका दिया कि हमास को समाप्त नहीं किया जा सकता. इसके तुरंत बाद सरकार ने अपनी प्रतिक्रिया जाहिर की और दोहराया कि वह फिलिस्तीनी आतंकवादी समूह के विनाश के लिए प्रतिबद्ध है.
युद्ध को शुरू हुए 8 महीने से ज्यादा समय हो गया है लेकिन हमास को हमास को जड़ से मिटा देने का लक्ष्य हासिल करने में इजरायल नाकाम रहा है. इस बीच उसे गाजा में की जा रही अपनी सैन्य कार्रवाईयों के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय की आलोचना का भी शिकार होना पड़ा है.
सैन्य प्रवक्ता ने क्या कहा?
एएफपी के मुताबिक रियर एडमिरल डैनियल हैगरी ने इजरायल के चैनल 13 से कहा, ‘यह कहना कि हम हमास को गायब कर देंगे, लोगों की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। अगर हम कोई विकल्प नहीं देते हैं, तो अंत में हम हमास को ही पाएंगे.’ उन्होंने कहा, ‘हमास एक विचारधारा है, हम किसी विचारधारा को ख़त्म नहीं कर सकते.’
हैगरी की टिप्पणियों को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने तुरंत खारिज कर दिया. सरकार कहती रही है कि गाजा पर उनका आक्रमण तब तक समाप्त नहीं होगा जब तक हमास को पराजित नहीं कर दिया जाता.
पीएम ऑफिस ने अपने बयान में और क्या कहा?
पीएम ऑफिस ने एक बयान में कहा, ‘प्रधानमंत्री नेतन्याहू की अध्यक्षता वाली राजनीतिक और सुरक्षा कैबिनेट ने युद्ध के लक्ष्यों में से एक के रूप में हमास की सैन्य और सरकारी क्षमताओं को नष्ट करना परिभाषित किया है. आईडीएफ निश्चित रूप से इसके लिए प्रतिबद्ध है.’
अपने टेलीग्राम चैनल पर एक अलग बयान में, सेना ने स्पष्ट किया कि हगरी ने हमास को ‘एक विचारधारा के रूप में संबोधित किया था… और उनका बयान बिल्कुल स्पष्ट था कोई भी अन्य दावा बयान को संदर्भ से बाहर ले जाना है.’
7 अक्टूबर को इजरायल पर हमास के हमले ने इस युद्ध को जन्म दिया. इजरायल में 1,194 लोगों की मौत हुई, जिनमें से ज़्यादातर नागरिक थे. हमास के लड़ाकों ने 251 लोगों को बंधक बना लिया और उन्हें गाजा ले गए. इनमें से 116 गाजा में रह गए हैं, हालांकि सेना का कहना है कि 41 मारे गए हैं.
हमास द्वारा संचालित क्षेत्र के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमास को समाप्त करने के मकसद से इजरायल के जवाबी हमले में गाजा में कम से कम 37,396 फिलिस्तीनी मारे गए हैं.
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