Home World रूस यूक्रेन युद्ध में अब ताक पर मानवता, संवेदनाएं शून्य.. क्रूरता की हदें पार

रूस यूक्रेन युद्ध में अब ताक पर मानवता, संवेदनाएं शून्य.. क्रूरता की हदें पार

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रूस यूक्रेन युद्ध में अब ताक पर मानवता, संवेदनाएं शून्य.. क्रूरता की हदें पार

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Russia Ukrain War: युद्ध में कोई नियम नहीं होते, खून खराबा होता है, युद्ध जीतने के लिए लड़ा जाता है। लेकिन दुनिया देख रही है कि कैसे यूक्रेन रूसी सैनिकों को चुन-चुन कर मार रहा है। और रूस भी यूक्रेन के सैनिकों से कैसे ज्यादती कर रहा है। सिर पर मौत मंडरा रही है, सैनिक रहम की भीख मांग रहा है लेकिन उसे बख्शा नहीं गया। ऐसा टॉर्चर कि नीचे सैनिक घायल हालत में जमीन पर है और उसके ऊपर से एक ड्रोन के जरिए मौत गिरा दी जाती है।

असल में सिर पर मंडराने वाली इस मौत से बचना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है, आपको बताएंगे कि ये तकनीक कैसे काम करती है, ये अद्श्य मौत कितनी खौफनाक है। रूस-यूक्रेन युद्ध की ये तस्वीरें पीड़ादायक हैं लेकिन युद्ध सिर्फ बारूद की गंध को ही जानता है। क्योंकि हारे हुए को कोई याद नहीं रखता, सिर्फ जीतने वाला ही सिकंदर कहलाता है। क्योंकि युद्ध जीतने के लिए लड़े जाते हैं।

तो रूस और यूक्रेन में युद्ध में किस तरह से संवेदनाओं की भी हत्या की जा रही है..उसूलों का गला घोंटा जा रहा है उसका अभी आपने बस छोटा सा ट्रेलर देखा है..अब हम आपको रूस यूक्रेन युद्ध के बीच से ऐसी तस्वीरों से पूरी फिल्म दिखाएंगे…जिन्हें शायद आपने आज से पहले कभी देखा नहीं होगा…ये सिर्फ हमले की तस्वीरें नहीं है…बल्कि खत्म होती मानवीय संवेदनाओं और तकनीक के बढ़ते खतरे की तरफ भी बड़ा इशारा करती हैं…

रूस और यूक्रेन युद्ध के 2 साल 4 महीने बाद आई युद्ध की सबसे वीभत्स और डरा देने वाली तस्वीरें.. ये तस्वीरें दिल दहला देंगी….ये तस्वीरें दिमाग सुन्न कर सकती हैं….इन्हें देखकर दिल चौगुने रफ्तार से भागने लग सकता है…क्योंकि युद्ध के मैदान में ऐसी तस्वीरें अबतक दुर्लभ ही थीं.

तो सांसें थामकर बैठिए क्योंकि यहां रूस का सैनिक भागकर बचना चाहता है लेकिन ड्रोन की निगाहों ने उसे ढूंढ लिया है..वो हाथ जोड़कर जान बख्शने की गुहार लगाता है..लेकिन ये ड्रोन काल बनकर आता है और लाख बचने की कोशिश के बावजूद इसके ऊपर फट जाता है…ये बचने के लिए कूदता है…लेकिन मौत के चंगुल से बच नहीं पाता

अब रूस का क्रूर चेहरा देखिए…यूक्रेन का सैनिक खेत में निहत्था खड़ा है…ये सरेंडर करता है…गुहार लगाता है….लेकिन फिर भी ड्रोन इसका पीछा करके इसके सामने दग जाता है…सैनिक वहीं का वडीं ढेर…सोचिए युद्ध नीति क्या कहती है कि सरेंडर पर हमला नहीं होना चाहिए लेकिन यहां सारे कायदे कानून बारूद के विस्फोट में उड़ा दिये गए

क्रूरता की एक और घिनौनी करतूत देखिए…सैनिक नीचे घायल पड़ा है…उसे मदद की जरूरत है लेकिन मिलता क्या है…ऊपर से गिरा हुआ बम…जो ठीक उसके पैर के पास गिरकर उसे और घायल कर देता है धड़ाम की आवाज़ लगाएं जहां जहां आवाज़ ना हो

इस सैनिक को लगता है कि इसे कोई देख नहीं रहा…इसीलिए इसने खुद को गड्ढे़ में लकड़ियों के पीछे छिपा लिया..इसने सोचा कि लड़कियों की आड़ इसे ड्रोन हमले से बचा लेगी..लेकिन इसे क्या पता था कि मौत इसके करीब ही नाच रही है…इसकी हरकत देख रही है…और अगले ही पल ड्रोन इसके ऊपर जाकर 

अगली तस्वीर में रूस के पांच सैनिक हैं जो ड्रोन देखकर छिपने की कोशिश करते हैं..यहां बंकर में छिपने की तैयारी है…ये करीब करीब छिप भी चुके थे…ये देखिए…सिर्फ अंतिम सैनिक छिपने की तैयारी में है…लेकिन यूक्रेन का ड़्रोन इनकी सारी हरकतें देख रहा था और फिर होता है जोरदार धमाका…इन पांचों सैनिकों की सारी मेहनत खाक में…खाक में मिल गए ये सारे सैनिक 

तो अगली तस्वीर में में भी मौत इसी तरह उड़कर आती है…मोटरसाइकिल पर रूस के सैनिक बेखबर हैं…कि उनमें से एक पर टारगेट सेट हो चुका है…और फिर जोरदार धमाके के साथ टारगेट हिट होता है…सैनिक वहीं गिर जाता है….हालांकि उसके साथी विचलित नहीं होते…उसे साथ ले जाने की कोशिश करते हैं….

अब रूस के इस दिलेर सैनिक को भी देखिए…ये पैरों से घायल है…जमीन पर पड़ा है…लेकिन सिर पर नाच रहे मौत से भरे ड्रोन को देखकर हमले के लिए उकसा रहा है…हमला होता है…लेकिन ये बच जाता है..और दोबारा हमले के लिए उकसाने की कोशिश करता है..शायद इसे मौत का खौफ नहीं है

अगली तस्वीर में सैनिकों पर नहीं पूरे के पूरे आर्मर्ड व्हीकल पर टारगेट साधा जाता है…जिस पर कितनी तेज रफ्तार के साथ उड़कर आई मौत गिरती है….उसे देखकर कलेजा मुंह को आता जाता है… ये तस्वीरें बताती हैं कि कोई कहीं भी छिप जाए….मौत बनकर घूम रहे ये ड्रोन कहीं भी घुस सकते हैं..कहीं भी पहुंच सकते हैं और इनका कंट्रोलर कहीं दूर बैठकर भी बरबादी की बड़ी स्क्रिप्ट लिख सकता है….

जिस तरह से ये ड्रोन ये हवाई हमले रूस और यूक्रेन दोनों ही तरफ से हो रहे हैं…इसमें मानवीयता खत्म है…और संवेदनाएं शून्य…ह्दय क्रूरता की सारी हदें पार कर चुका है…और मकसद अगर दरिंदगी की हद पार करके भी पूरा हो तो भी पूरा करने की कसम उठा ली गई है…कहने को ये विज्ञान का चमत्कार है…लेकिन ये चमत्कार सुकून भरी दुनिया के लिए और जिस तरीके से इनका इस्तेमाल हो रहा है…वो बहुत बडा खतरा बनकर उभर रहा है…

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