Home Breaking News Lok Sabha: प्रोटेम स्पीकर के सहायक पैनल के लिए सुदीप बंदोपाध्याय से मिले किरेन रिजिजू, रंग नहीं लाई मुलाकात

Lok Sabha: प्रोटेम स्पीकर के सहायक पैनल के लिए सुदीप बंदोपाध्याय से मिले किरेन रिजिजू, रंग नहीं लाई मुलाकात

0
Lok Sabha: प्रोटेम स्पीकर के सहायक पैनल के लिए सुदीप बंदोपाध्याय से मिले किरेन रिजिजू, रंग नहीं लाई मुलाकात

[ad_1]

Pro-tem Speaker row Rijiju meets Sudip opposition firm on staying away from panel of chairpersons

किरेन रिजिजू और सुदीप बंदोपाध्य्य
– फोटो : एक्स @KirenRijiju

विस्तार


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने 18वीं लोकसभा के पहले सत्र की पूर्व संध्या पर तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय से संपर्क किया। उन्होंने बंदोपाध्य्य से प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए पीठासीन अधिकारियों के पैनल पर चर्चा की, हालांकि मुलाकात रंग नहीं लाई। बंदोपाध्य्य ने कहा कि वे पैनल में शामिल नहीं होंगे और इंडिया गठबंधन के फैसले पर अडिग रहेंगे। 

प्रोटेम स्पीकर के पीठासीन अधिकारियों के पैनल में बंदोपाध्याय का नाम

इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कटक से सात बार सांसद रहे भर्तृहरि महताब को प्रोटेम स्पीकर नियुक्त किया था। इसके अलावा महताब की सहायता के लिए पीठासीन अधिकारियों के पैनल में कांग्रेस नेता कोडिकुन्निल सुरेश, डीएमके नेता टीआर बालू, भाजपा नेता राधा मोहन सिंह, फग्गन सिंह कुलस्ते और टीएमसी नेता सुदीप बंदोपाध्याय को नामित किया था। इसके बाद इंडिया गठबंधन ने पैनल से अपने नेताओं का नाम वापस ले लिया था। इसी मुद्दे को लेकर केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सुदीप बंदोपाध्य्याय से मुलाकात की। बंदोपाध्याय ने रिजिजू से कहा कि वे इंडिया गठबंधन द्वारा लिए गए फैसले पर अडिग हैं।

किरेन रिजिजू ने ‘एक्स’ पर लिखीं ये बातें

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा ‘तृणमूल कांग्रेस के नेता सुदीप बंदोपाध्याय से मुलाकात हुई। सांसद के रूप में उनका कार्यकाल काफी लंबा रहा है। उनके अनुभवों से 18वीं लोकसभा को काफी लाभ मिलेगा।’

कांग्रेस ने महताब की नियुक्ति पर आपत्ति जताकर दलील दी थी कि आठ बार के लोकसभा सदस्य और दलित नेता कोडिकुन्निल सुरेश के नाम को नजरअंदाज कर दिया गया। इंडिया गठबंधन ने कहा है कि विपक्ष के नेता कोडिकुन्निल सुरेश, टीआर बालू और सुदीप बंदोपाध्याय प्रोटेम स्पीकर की सहायता के लिए पीठासीन अधिकारियों के पैनल में शामिल नहीं होंगे।







[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here