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Maharashtra: ठाकरे परिवार में फिर पड़ी फूट? भाई, भतीजे से लेकर भाभी तक ने दिया झटका, जानें पूरा परिवार

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Maharashtra: ठाकरे परिवार में फिर पड़ी फूट? भाई, भतीजे से लेकर भाभी तक ने दिया झटका, जानें पूरा परिवार

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महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे परिवार को बार-बार झटके मिल रहे हैं। पहले पार्टी के नेताओं ने बगावत कर दी और अब एक-एक करके परिवार के लोग भी उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ रहे हैं। रविवार को उद्धव ठाकरे के भतीजे निहार ठाकरे ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात कर आने वाले उपचुनाव के लिए अपना समर्थन दे दिया। निहार ने कहा कि वह अंधेरी ईस्ट विधानसभा के उपचुनाव में एकनाथ शिंदे गुट के प्रत्याशी के लिए प्रचार करेंगे। 

ठाकरे परिवार में निहार पहले सदस्य नहीं हैं, जिन्होंने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ा है। अब तक ठाकरे परिवार में कई बार फूट पड़ चुकी है। आइए जानते हैं कि ठाकरे परिवार के किस-किस सदस्य ने उद्धव ठाकरे का साथ छोड़ा है? परिवार में कौन-कौन लोग हैं और उनक बाला साहेब ठाकरे से क्या रिश्ता रहा है? यही नहीं, निहार अगर उद्धव ठाकरे के खिलाफ प्रचार करते हैं तो इसका एकनाथ शिंदे गुट को कितना फायदा मिल सकेगा? 

 

पहले ठाकरे परिवार की जड़ के बारे में जान लीजिए

शुरुआत बाला साहेब ठाकरे से करते हैं। बाला साहेब ठाकरे का जन्म 23 जनवरी 1926 को पुणे में हुआ था। पिता का नाम प्रबोधंकर ठाकरे और मां का नाम रमा बाई ठाकरे था। बाला साहेब ठाकरे आठ भाई-बहन थे। बाला साहेब और श्रीकांत के अलावा उनके एक और भाई का नाम रमेश है। बाला साहेब की पत्नी मीना ताई और उनके भाई श्रीकांत की पत्नी कुंदा आपस में बहनें थीं। बाला साहेब की पांच बहनें संजीवनी, प्रेमा, सुधा, सरला और सुशीला भी हैं। 

प्रबोधंकर ठाकरे का असली नाम केशव सीताराम ठाकरे था। उन्होंने अंधविश्वास, छुआछूत, बाल विवाह और दहेज के खिलाफ अभियान चलाया था। वह संयुक्त महाराष्ट्र समिति के प्रमुख नेताओं में से एक थे, जिसने महाराष्ट्र के भाषाई राज्य के लिए सफल अभियान चलाया था। इसके साथ ही प्रबोधंकर एक लेखक भी थे।

 

अब बाला साहेब के परिवार की बात कर लेते हैं

बाला साहेब ठाकरे की शादी मीना ठाकरे से हुई थी। बाला और मीना के तीन बच्चे हुए। इनमें बिन्दुमाधव ठाकरे, जयदेव ठाकरे और उद्धव ठाकरे। 

1. बिन्दुमाधव ठाकरे : बाला साहेब के सबसे बड़े बेटे बिन्दुमाधव ठाकरे थे। 20 अप्रैल 1996 को बिन्दु माधव का एक सड़क हादसे में निधन हो गया था। उस वक्त उनकी उम्र महज 42 साल थी। घटना के वक्त बिन्दुमाधव, उनकी पत्नी माधवी, बेटे निहार, बेटी नेहा लोनावाल से छुट्टियां मनाकर लौट रहे थे। उनके साथ दो बॉडीगार्ड और ड्राइवर भी थे। बिन्दुमाधव फिल्म निर्माता थे। उनकी राजनीति में रुचि नहीं थी। बिन्दुमाधव के बेटे निहार की शादी पिछले साल ही महाराष्ट्र सरकार के पूर्व मंत्री हर्षवर्धन पाटिल की बेटी से हुई थी। वहीं, नेहा के पति डॉ. मनन ठक्कर मुंबई के मशहूर डॉक्टर हैं। 

 

2. जयदेव ठाकरे : बिन्दुमाधव के बाद बारी आती है जयदेव ठाकरे की। आमतौर पर सुर्खियों से दूर रहने वाले जयदेव ठाकरे पिता के निधन के वक्त सार्वजनिक तौर पर नजर आए थे। इसके बाद परिवार से संपत्ति विवाद के चलते सुर्खियों में रहे थे। हालांकि, बाद में उन्होंने ये केस वापस ले लिया था। दरअसल, बाला साहेब ने अपनी वसीयत में जयदेव को कुछ भी नहीं दिया था। जयदेव ने वसीयत को गलत बताते हुए कहा कि उनके पिता की ‘मानसिक स्थिति ठीक नहीं’ थी और भाई उद्धव ठाकरे का उन पर प्रभाव था। 

जयदेव ने तीन शादियां कीं। पहली शादी जयश्री केलकर से हुई थी। जिनसे उनका एक बेटा जयदीप है। उनकी दूसरी शादी स्मिता ठाकरे से हुई है। स्मिता समाजसेवी और फिल्म निर्माता हैं। वह राहुल प्रोडक्शंस और मुक्ति फाउंडेशन की अध्यक्ष और संस्थापक हैं। उनकी संस्था महिला सुरक्षा, एचआईवी/एड्स जागरूकता और शिक्षा के क्षेत्र में काम करती है। 

स्मिता बॉलीवुड की पार्टियों में भी अक्सर नजर आती हैं। स्मिता और जयदेव के दो बेटे राहुल और एश्वर्य हैं। हालांकि स्मिता और जयदेव का 2004 में तलाक हो चुका है। स्मिता से तलाक के बाद जयदेव और बाला साहेब ठाकरे के रिश्ते खराब हो गए थे। इस तलाक के बाद स्मिता अपने ससुराल वालों के साथ मातोश्री में रहती रहीं। वहीं, जयदेव परिवार से अलग रहने लगे। तलाक के बाद जयदेव ने तीसरी शादी अनुराधा से की। अनुराधा और जयदेव की एक बेटी माधुरी हैं। स्मिता भी उद्धव ठाकरे से बगावत कर चुकी हैं। स्मिता, जयदेव और उनके बच्चों ने पहले ही एकनाथ शिंदे को अपना समर्थन दे दिया है। 

 

3. उद्धव ठाकरे : बाला साहेब के सबसे छोटे बेटे उद्धव ठाकरे हैं। जो जून तक महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे। उद्धव ने रश्मि ठाकरे से शादी की है। रश्मि भी शिवसेना के संगठन में सक्रिय रही हैं। वहीं, उद्धव के बड़े बेटे आदित्य ठाकरे उनकी सरकार के दौरान मंत्री थे। आदित्य वर्ली के विधायक भी हैं। आदित्य के छोटे भाई तेजस अपने पिता की ही तरह फोटोग्राफी के शौकीन हैं। तेजस की भी राजनीति में आने की अटकलें कफी अर्से से चल रही हैं। 

 



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