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बता दें कि इंदौर के AICTSL ऑफिस में शनिवार को बैठक आयोजित की गई थी। इसमें कलेक्टर मनीष सिंह, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, इंदौर विकास प्राधिकरम के अध्यक्ष जयपाल सिंह चावड़ा, नगर निगम कमिश्नर प्रतिभा पाल, पुलिस कमीश्नर हरिनारायणचारी मिश्र मौजूद थे। साथ ही स्टार्टअप के कुछ लीडर भी थे, जिन्होंने प्रजेंटेशन के माध्यम से बताया कि रातभर शहर खुला रखने से विकास में किस तरह योगदान लिया जा सकता है।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि शहर विकास को देखते हुए यहां की वर्किंग को 24 घंटे सातों दिन वाली स्थिति में जाना चाहिए। ये वर्किंग प्लानिंग न केवल आईटी कंपनियों, बीपीओ, स्टूडेंटों को सपोर्ट करेगी, बल्कि पूरे शहर की इकॉनॉमी को सपोर्ट करेगी। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने इस पर काम करने के निर्देश दिए थे। उस पर हम लोग काम कर रहे थे। चुनाव की वजह से थोड़ा विलंब हुआ है।
कलेक्टर मनीष सिंह ने बताया कि इसमें जो भी हिस्सा लिया जाएगा, वहां हमें सुरक्षा का भी ध्यान रखना होगा। पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू करना होगा। शुरू में थोड़ा रेगुलेट करना पड़ेगा। यह भी तय किया है कि कौन-कौनसी एक्टिविटीज नहीं चल सकती है। सभी शराब की दुकानें निर्धारित समय पर ही बंद की जाएंगी। वो सभी होटल, जिन्हें बार का लायसेंस है। वो भी समय पर ही बंद किए जाएंगे। साथ ही एक कमेटी बनाई गई है, जो इसमें निर्णय करेगी कि क्या बंद रहना चाहिए।
लालवानी ने कहा कि धीरे-धीरे रातभर खुला रहने वाला दायरा बढ़ाएंगे। पहले चरण में भंवरकुआं क्षेत्र जहां पर अधिकतर हॉस्टल हैं और एबी रोड के वह इलाके जहां छात्रों व देर रात लौटने वाले नौकरीपेशा लोगों को बाजार खुले रखने से सुविधा मिलेगी, ये दोनों इलाके शामिल होंगे।
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