[ad_1]
ख़बर सुनें
विस्तार
पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने भाजपा और इसके नेताओं को झूठ की फैक्टरी कहा है। जयराम रमेश ने भाजपा नेताओं को यह तमगा राहुल गांधी की टी-शर्ट, यात्रा में कंटेनर और उसकी भव्यता पर झूठी चर्चा समेत तमाम बयानों पर दिया है। वह कहते हैं कि अब क्या चर्चा के लिए टी-शर्ट, जूता और बनियान यही बचे हैं। वहीं कांग्रेस के ट्विटर हैंडल से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की जलती हुई हाफ पैंट की तस्वीर भी वायरल हो रही है। इसे लेकर भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा कहते हैं कि कांग्रेस के इरादे ठीक नहीं हैं। वह लोगों में हिंसा भड़काना चाहती है। पात्रा ने इसके लिए गांधी परिवार और कांग्रेस पार्टी पर हमला बोला है।
पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा अभी केरल में है और केरल में संघ और भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं की कितनी हत्याएं हुई हैं। कांग्रेस और भाजपा के बीच मचे इस घमासान पर एक पूर्व केंद्रीय मंत्री कहते हैं कि भाजपा राहुल गांधी की यात्रा से घबरा गई है। राहुल गांधी महात्मा गांधी के रास्ते पर चल रहे हैं। वह पांच महीने की पद यात्रा पर निकले हैं। लोगों से मिल रहे हैं और लोग उनसे मिल रहे हैं। यात्रा में लोगों के हुजूम के साथ भाजपा की परेशानी बढ़ रही है।
स्मृति ईरानी के ‘वायरल झूठ’ पर कांग्रेस का जवाब
राहुल गांधी की पदयात्रा में केसी वेणुगोपाल भी चल रहे हैं। शशि थरूर हैं। कहते हैं कि भाजपा की घबराहट के बारे में क्या कहना। वह तो साफ दिखाई दे रही है। तमिलनाडु से कांग्रेस के नेता एसवी रमणी कहते हैं कि स्मृति ईरानी का साफ-साफ झूठ सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। केंद्रीय मंत्री सोशल मीडिया पर ट्रोल हो रही हैं। बड़े गुस्से में हैं। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा पर आक्रामक प्रहार के साथ सीख दे रही हैं कि कन्याकुमारी से यात्रा शुरू करने से पहले उन्हें स्वामी विवेकानंद को नमन कर लेना चाहिए था। लोगों ने स्मृति ईरानी के वक्तव्य के साथ एक वीडियो भी जोड़ा है। इसमें राहुल गांधी कन्याकुमारी में यात्रा आरंभ करने से पहले विवेकानंद जी को नमन कर रहे हैं। रमणी कहते हैं कि अब भाजपा के दुष्प्रचार को लेकर इससे बड़े किस प्रमाण की जरुरत है। स्मति ईरानी के इस बयान पर जयराम रमेश भी कहते हैं कि सात सितंबर को 3.30 बजे राहुल गांधी कहां थे? ईरानी को पहले पता कर लेना चाहिए कि राहुल गांधी कहां थे। अगर इसके लिए उन्हें चश्मा चाहिए, तो वह देने के लिए तैयार हैं।
‘भाजपा नेताओं ने गलत ट्रैक पकड़ लिया है’
कांग्रेस नेता कहते हैं कि भाजपा के नेता प्रोपेगेंडा फैलाने में माहिर हैं। उनका कहना है कि भाजपा भारत जोड़ो यात्रा के शुरू होने से पहले ही अपने काम में लग गई है, लेकिन इस बार उनके नेताओं ने गलत ट्रैक पकड़ लिया है। राहुल गांधी की टीम के एक सदस्य का कहना है कि पूरी कोशिश राहुल गांधी को ‘पप्पू’ साबित कर देने की शुरू हुई थी। जैसे भाजपा के नेताओं ने पहले आलू से सोना बनाने को लेकर गलतबयानी की थी, उसी तर्ज पर इस बार भी हमले की शुरुआत हुई। लेकिन इस बार सब उल्टा पड़ रहा है। कांग्रेस के नेता एम रामचंद्रन ने अमर उजाला से कहा कि भारत जोड़ो यात्रा की सफलता देखकर भाजपा नेता बौखला गए हैं। इसलिए जो मन में आ रहा है, टीवी पर बोल रहे हैं। मजे की बात यह भी है कि श्यामा प्रसाद मुखर्जी संस्थान के निदेशक अनिर्बन गांगुली जैसे बुद्धिजीवी भी राहुल गाधी की इस यात्रा को देश की जनता के लिए एक मनोरंजन से जोड़ रहे हैं।
आखिर इस जुबानी जंग के मायने क्या हैं?
एम. वेंकट कहते हैं कि राजनीतिक रूप से दक्षिण भारत काफी समृद्ध है। राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की शुरुआत कन्याकुमारी से की है। उन्हें जनता का अपार समर्थन मिल रहा है। लेकिन इसका फायदा कांग्रेस की अगुआई वाली यूपीए और उसके सहयोगी दलों को दक्षिण से लेकर उत्तर और पूरे भारत में मिलेगा। वेंकट के मुताबिक राज्यों के विधानसभा चुनाव से लेकर लोकसभा चुनाव 2024 इस यात्रा के कारण भाजपा को बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है। अनिरुद्ध कुमार लंबे समय से देश की राजनीति का मूड भांप रहे हैं। सेफोलॉजिस्ट यानी चुनाव विश्लेषक के क्षेत्र में काफी सक्रिय हैं। अनिरुद्ध का कहना है कि देश की जनता मंहगाई, बेरोजगारी समेत तमाम समस्याओं को झेल रही है। कोरोना काल के बाद से इसका असर सरकार के प्रति लोगों की नाराजगी को बढ़ा रहा है। दूसरे उत्तर और मध्य भारत में भाजपा की स्थिति मजबूत है और इन्ही राज्यों में उसे बड़ी चुनौती मिलने के आसार दिखाई दे रहे हैं। इसलिए भाजपा के नेता कांग्रेस को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
दूसरी तरफ कांग्रेस के पास इससे अधिक खोने के लिए नहीं है। इसलिए वह सबको साथ लेकर पुराने दिन लौटने का सपना देख रही है। दिल्ली में आम आदमी पार्टी के लिए लोगों का मूड भांपने में लगे राजेश चौधरी इसे अलग नजरिए से देख रहे हैं। उनका कहना है कि 2024 में पश्चिम बंगाल और बिहार से भाजपा को बड़ा नुकसान होने की संभावना दिखाई दे रही है। राजस्थान, मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में उसकी सीटें घट सकती हैं। कुछ और ऐसे राज्य हैं, जहां से भाजपा को अपने दम पर 272 सीटों का आंकड़ा छूने के लिए मशक्कत करनी पड़ सकती है। 10 साल शासन करने के बाद अब उनके नेताओं को जनता को जवाब देना होगा। इसे भाजपा के रणनीतिकार महसूस कर रहे हैं। इसलिए वह ऑपरेशन डैमेज कंट्रोल में कांग्रेस को पूरी तरह नाकारा साबित करने का कोई अवसर नहीं गंवाना चाहते।
[ad_2]
Source link