Home Breaking News आज का शब्द: मौलिक और रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘मैं माध्यम हूँ मौलिक विचार नहीं’

आज का शब्द: मौलिक और रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘मैं माध्यम हूँ मौलिक विचार नहीं’

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आज का शब्द: मौलिक और रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘मैं माध्यम हूँ मौलिक विचार नहीं’

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हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है - मौलिक जिसका अर्थ है 1. मूलभूत 2. असली; वास्तविक। कवि रामधारी सिंह दिनकर ने अपनी कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

मैं माध्यम हूँ, मौलिक विचार नहीं,
कनफ़्युशियस ने कहा ।

तो मौलिक विचार कहाँ मिलते हैं,
खिले हुए फूल ही
नए वृन्तों पर
दुबारा खिलते हैं ।

आकाश पूरी तरह
छाना जा चुका है,
जो कुछ जानने योग्य था,
पहले ही जाना जा चुका है ।

जिन प्रश्नों के उत्तर पहले नहीं मिले,
उनका मिलना आज भी मुहाल है ।

चिंतकों का यह हाल है
कि वे पुराने प्रश्नों को
नए ढंग से सजाते हैं
और उन्हें ही उत्तर समझकर
भीतर से फूल जाते हैं ।
मगर यह उत्तर नहीं,
प्रश्नों का हाहाकार है ।
जो सत्य पहले अगोचर था,
वह आज भी तर्कों के पार है ।

10 hours ago

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