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जानिए तस्लीमा के गौरी नागौरी उर्फ शकीरा बनने की कहानी
नागौर के मेड़ता की रहने वाली 24 साल की तस्लीमा बानो को गौरी नागौरी और इंडियन शकीरा के नाम से भी जाना जाता है। गौरी के यहां तक पहुंचने की कहानी जिद, जुनून, संघर्ष और रोमांच से भरी हुई है। एक मुस्लिम परिवार से होने के नाते गौरी के लिए डांस करना कभी भी आसान नहीं रहा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गौरी ने बहुत छोड़ी उम्र से ही डांस करना शुरू कर दिया था। वह जब कक्षा छह में पढ़ती थीं तब से डांस कर रहीं हैं। उनके सर पर डांस करने का मानो भूत सवार रहता था, लेकिन ऐसा ही एक भूत उनके परिवार के लोगों पर भी सवार था। यानी डांस नहीं करने देने का। गौरी के पिता नूर मोहम्मद और मां बेगम मोहम्मद बेटी के डांस करने पर बहुत नाराज होते थे। एक बार एक पारिवारिक कार्यक्रम में उन्होंने गौरी को डांस करते देख लिया तो इतना नाराज हो गए कि उसे करीब 12 दिन तक कमरे में बंद रखा। इसके बाद भी गौरी नहीं मानीं तो उसकी पिटाई भी की गई।
गौरी के अुनसार एक बार उसने अपने स्कूल के एक कार्यक्रम में भाग लिया था। जिसमें उसे डांस करना था, इस कार्यक्रम में उसके पिता नूर मोहम्मद भी आए हुए थे। उस समय गौरी ने ऐसा डांस किया कि काफी देर तक वहां तालियां बजती रहीं और वह पहले स्थान पर भी रही। कार्यक्रम में बाद गौरी के स्कूल के शिक्षक उनके पिता से भी मिले। उन्होंने गौरी के डांस की जमकर तारीफ की। इसके बाद से उसके पिता ने गौरी का साथ देना शुरू कर दिया, लेकिन उसकी मां को बेटी का डांस करना फिर भी पसंद नहीं आया।
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