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देश में 5G की लॉन्चिंग हो चुकी है। एयरटेल ने जहां 8 शहरों के लिए अपनी 5जी सेवा शुरू की है, वहीं रिलायंस जियो ने चार शहरों में बीटा ट्रायल शुरू किया है और वोडाफोन आइडिया के यूजर 5G के लिए अभी इंतजार कर रहे हैं। हर कोई अपने फोन में 5G नेटवर्क के लिए बेचैन है लेकिन क्या वास्तव में 5G मोबाइल के लिए है? क्या आपको 5G नेटवर्क की जरूरत है? वास्तव में 5G का इस्तेमाल कहां-कहां होगा और कहां-कहां 5G नेटवर्क की जरूरत होगी, इसे विस्तार से समझने की जरूरत है। आज की इस रिपोर्ट हम 5G के इस्तेमाल के बारे में ही बात करेंगे…..
देश की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो से ही बात शुरू करते हैं, हालांकि एयरटेल और वोडाफोन के 5जी नेटवर्क का इस्तेमाल भी इसी पैटर्न पर होने वाला है। जियो ने अपनी वेबसाइट पर 5G के इस्तेमाल के बारे में विस्तार से जानकारी दी है। पहले नंबर पर स्मार्ट एग्रीकल्चर लिखा हुआ है। अब स्मार्ट एग्रीकल्चर का मतलब क्या है। आप कहेंगे कि खेती-बाड़ी में भला 5G की क्या जरूरत है लेकिन हकीकत यही है कि खेती-बाड़ी में इसका इस्तेमाल होगा। स्मार्ट एग्रीकल्चर का मतलब है कि खेती-बाड़ी स्मार्ट तरीके से होगी यानी अधिकतर काम रोबोट करेंगे। तय समय पर पानी खेतों में अपने आप जाएगा।
फसलों को पानी की कब जरूरत है, इस बारे में आपको चिंता नहीं करनी होगी। फसलों की कटाई भी स्मार्ट रोबोट करेंगे। खेतों में नेटवर्क से कनेक्टेड ट्रैक्टर का इस्तेमाल होगा जो रियल टाइम में आपको डाटा देंगे। इसके अलावा रियल टाइम में गाय-भैंस या अन्य पालतू जानवरों की सेहत के बारे में जानकारी हासिल की जा सकेगी। इसके अलावा जानवरों की लोकेशन और बीमारियों के बारे में भी रियल टाइम डाटा मिलेगा। वे कब कहां हैं, इसकी ट्रैकिंग हो सकेगी।
5जी नेटवर्क का दूसरा सबसे बड़ा इस्तेमाल मेडिकल और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्री में होने वाला है। रोबोटिक सर्जरी में 5जी का इस्तेमाल बड़े स्तर पर होगा। इसके अलावा फैक्टरी में इंसानों की जगह कनेक्टेड रोबोट काम करेंगे। 5जी की स्पीड की मदद से रोबोट सर्जरी कर सकेंगे और हेल्थ सेक्टर को इसका बड़ा फायदा मिलेगा। इमरजेंसी में कनेक्टेड एंबुलेंस में इलाज हो सकेगा और रियल टाइम में डॉक्टर के पास डाटा पहुंचाया जा सकेगा। ग्रामीण इलाकों में वीडियो कॉलिंग के लिए बेहतर इलाज संभव होगा।
5G का इस्तेमाल कनेक्टेड ड्रोन में भी होगा। ड्रोन का इस्तेमाल तो आज भी हो रहा है लेकिन कनेक्टेड ड्रोन का फायदा होगा कि लाइव कवरेज हो सकेगी और रियल टाइम में सर्वे भी किया जा सकेगा। स्मार्ट ड्रोन के जरिए रियल टाइम में ट्रैफिक सर्विलांस आसान हो जाएगा। आपात स्थितियों में जरूरी सेवाएं रियल टाइम मॉनिटरिंग के साथ पहुंचाई जा सकेंगी। इसके अलावा दुर्गम इलाकों में भी लोगों को मदद मिल सकेगी।
वीडियो गेमिंग का भविष्य क्लाउड पर शिफ्ट होने जा रहा है और यह तभी संभव है जब आपको लो लैंटेंसी वाला नेटवर्क मिले। आग्युमेंट रियलमी और वर्चुअल रियलिटी आधारित गेमिंग में 5जी जैसे हाई-स्पीड नेटवर्क की जरूरत होगी। 5जी नेटवर्क की मदद से दो प्लेयर रियल टाइम में कनेक्ट होकर गेम खेल सकेंगे। अच्छी स्पीड के कारण गेमिंग ग्राफिक्स तेजी से लोड होंगे तो लैग जैसी कोई समस्या नहीं रहेगी।
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