Home Breaking News Economics Nobel 2022: विजेताओं ने बताया वित्तीय संकट के बीच बैंकों की क्या हो भूमिका? जानें उनके बारे में

Economics Nobel 2022: विजेताओं ने बताया वित्तीय संकट के बीच बैंकों की क्या हो भूमिका? जानें उनके बारे में

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Economics Nobel 2022: विजेताओं ने बताया वित्तीय संकट के बीच बैंकों की क्या हो भूमिका? जानें उनके बारे में

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अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2022

अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार 2022
– फोटो : Economics Nobel 2022

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अर्थशास्त्र में इस साल के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन सहित अमेरिका के तीन अर्थशास्त्रियों को चुना गया है। उन्हें ‘बैंकों और वित्तीय संकट पर शोध’ के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।

स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज में नोबेल समिति ने सोमवार को बेन एस बर्नान्के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। इनमेंं बेन एस बर्नान्के अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन रह चुके हैं। अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग नौ लाख अमेरिकी डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार 10 दिसंबर को प्रदान किया जाएगा।

नोबेल समिति ने कहा है कि इस बार के विजेताओं ने उनके शोध में बताया है कि ‘बैंक को पतन से बचना क्यों महत्वपूर्ण है?’ समिति ने कहा कि 1980 के दशक की शुरुआत में अपने शोध के साथ इन अर्थशास्त्रियों ने वित्तीय बाजारों को विनियमित करने और वित्तीय संकट से निपटने की नींव रखी।

आइए जानते हैं इस बार के नोबेल पुरस्कार विजेताओं और उनके योगदानों के बारे में 

बेन एस. बर्नान्के

बेन एस. बर्नान्के का जन्म वर्ष 1953 में अमेरिका के ऑगस्ता शहर में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1979 में मैसेच्युट्स इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कैम्ब्रिज से  पीएचडी की उपाधि हासल की। वे वाशिंगटन डीसी के द ब्रूकिंग्स इंस्टीच्यूशन के आर्थिक अध्ययन विभाग में प्रतिष्ठित वरिष्ठ फेलो रहे हैं।  बर्नान्के (68) इस समय भी संस्थान के साथ जुड़े हैं। उन्होंने 1930 के दशक की महामंदी पर शोध किया और यह बताया कि यदि घबराए हुए बचतकर्ता अपनी जमा राशि निकालते हैं, तो बैंक की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है।

डगलस डब्ल्यू. डायमंड

वहीं आर्थशास्त्र के दूसरे नोबेल विजेता का जन्म वर्ष 1953 में हुआ। उन्होंने अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से वर्ष 1980 में पीएचडी की उपाधि हासिल की। 68 वर्षीय डायमंड शिकागो युनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनांस के वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में जुड़े हैं।  

फिलिप एच. डायबविग

तीसरे नोबेल विजेजा फिलिप एच फिलिप एच. डायबविग का जन्म वर्ष 1955 में हुआ। 67 वर्षीय डायबविग ने भी वर्ष 1979 में येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल की। वे वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सेंट लुईस, ओलिन बिजनेस स्कूल से जुड़े हैं। डायमंड और डायबविग ने अपने शोध में बताया कि कैसे जमा पर सरकारी गारंटी वित्तीय संकट को बढ़ने से रोक सकती है?

विजेताओं को पुरस्कार राशि के रूप में मिलेंगे सात करोड़ 30 लाख रुपये 

अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार के लिए समिति के अध्यक्ष टोरे एलिंगसन ने कहा, ‘पुरस्कार विजेताओं की अंतर्दृष्टि ने गंभीर संकट और भारी-भरकम राहत पैकेज, दोनों से बचने की हमारी क्षमता में सुधार किया है।’ अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत, अर्थशास्त्र के पुरस्कार का उल्लेख अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत में नहीं था, बल्कि इस पुरस्कार की शुरुआत उनकी स्मृति में स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने की थी। पहला विजेता 1969 में चुना गया था। पुरस्कार के रूप में विजेताओं को 10 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 7,30,70,500 रुपये) दिए जाएंगे। इन्हें विजेताओं के बीच समान रूप से साझा किया जाएगा।

विस्तार

अर्थशास्त्र में इस साल के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए फेडरल रिजर्व के पूर्व चेयरमैन सहित अमेरिका के तीन अर्थशास्त्रियों को चुना गया है। उन्हें ‘बैंकों और वित्तीय संकट पर शोध’ के लिए यह पुरस्कार दिया गया है।

स्टॉकहोम में रॉयल स्वीडिश अकेडमी ऑफ साइंसेज में नोबेल समिति ने सोमवार को बेन एस बर्नान्के, डगलस डब्ल्यू डायमंड और फिलिप एच डायबविग को अर्थशास्त्र का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की। इनमेंं बेन एस बर्नान्के अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के चेयरमैन रह चुके हैं। अर्थशास्त्र के नोबेल पुरस्कार के तहत एक करोड़ स्वीडिश क्रोनर (लगभग नौ लाख अमेरिकी डॉलर) का नकद पुरस्कार दिया जाता है। यह पुरस्कार 10 दिसंबर को प्रदान किया जाएगा।

नोबेल समिति ने कहा है कि इस बार के विजेताओं ने उनके शोध में बताया है कि ‘बैंक को पतन से बचना क्यों महत्वपूर्ण है?’ समिति ने कहा कि 1980 के दशक की शुरुआत में अपने शोध के साथ इन अर्थशास्त्रियों ने वित्तीय बाजारों को विनियमित करने और वित्तीय संकट से निपटने की नींव रखी।

आइए जानते हैं इस बार के नोबेल पुरस्कार विजेताओं और उनके योगदानों के बारे में 

बेन एस. बर्नान्के

बेन एस. बर्नान्के का जन्म वर्ष 1953 में अमेरिका के ऑगस्ता शहर में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1979 में मैसेच्युट्स इंस्टीच्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, कैम्ब्रिज से  पीएचडी की उपाधि हासल की। वे वाशिंगटन डीसी के द ब्रूकिंग्स इंस्टीच्यूशन के आर्थिक अध्ययन विभाग में प्रतिष्ठित वरिष्ठ फेलो रहे हैं।  बर्नान्के (68) इस समय भी संस्थान के साथ जुड़े हैं। उन्होंने 1930 के दशक की महामंदी पर शोध किया और यह बताया कि यदि घबराए हुए बचतकर्ता अपनी जमा राशि निकालते हैं, तो बैंक की स्थिति कितनी खतरनाक हो सकती है।

डगलस डब्ल्यू. डायमंड

वहीं आर्थशास्त्र के दूसरे नोबेल विजेता का जन्म वर्ष 1953 में हुआ। उन्होंने अमेरिका के येल विश्वविद्यालय से वर्ष 1980 में पीएचडी की उपाधि हासिल की। 68 वर्षीय डायमंड शिकागो युनिवर्सिटी के बूथ स्कूल ऑफ बिजनेस से फाइनांस के वरिष्ठ प्रोफेसर के रूप में जुड़े हैं।  

फिलिप एच. डायबविग

तीसरे नोबेल विजेजा फिलिप एच फिलिप एच. डायबविग का जन्म वर्ष 1955 में हुआ। 67 वर्षीय डायबविग ने भी वर्ष 1979 में येल यूनिवर्सिटी से पीएचडी की उपाधि हासिल की। वे वाशिंगटन विश्वविद्यालय के सेंट लुईस, ओलिन बिजनेस स्कूल से जुड़े हैं। डायमंड और डायबविग ने अपने शोध में बताया कि कैसे जमा पर सरकारी गारंटी वित्तीय संकट को बढ़ने से रोक सकती है?

विजेताओं को पुरस्कार राशि के रूप में मिलेंगे सात करोड़ 30 लाख रुपये 

अर्थशास्त्र में नोबेल पुरस्कार के लिए समिति के अध्यक्ष टोरे एलिंगसन ने कहा, ‘पुरस्कार विजेताओं की अंतर्दृष्टि ने गंभीर संकट और भारी-भरकम राहत पैकेज, दोनों से बचने की हमारी क्षमता में सुधार किया है।’ अन्य नोबेल पुरस्कारों के विपरीत, अर्थशास्त्र के पुरस्कार का उल्लेख अल्फ्रेड नोबेल की 1895 की वसीयत में नहीं था, बल्कि इस पुरस्कार की शुरुआत उनकी स्मृति में स्वीडन के केंद्रीय बैंक ने की थी। पहला विजेता 1969 में चुना गया था। पुरस्कार के रूप में विजेताओं को 10 मिलियन स्वीडिश क्रोनर (करीब 7,30,70,500 रुपये) दिए जाएंगे। इन्हें विजेताओं के बीच समान रूप से साझा किया जाएगा।



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