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हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड के आदेश के बाद करनाल जिला प्रशासन ने यूपी से हरियाणा में बिक्री के लिए आने वाले धान पर रोक लगा दी। बॉर्डर पर धान को रोके जाने के बाद किसानों ने मेरठ-करनाल हाईवे पर हंगामा शुरू कर दिया और हरियाणा में प्रवेश की कोशिश की।
आरोप है कि हरियाणा पुलिस ने किसानों पर लाठियां भांजी और कुछ किसानों को हिरासत में ले लिया है। इसके विरोध में यूपी के किसानों ने सुबह छह बजे बॉर्डर पर हंगामा किया और हरियाणा पुलिस पर मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए धरने पर बैठ गए। धरने के कारण मेरठ-करनाल हाईवे पर दो किमी लंबा जाम लग गया।
वहीं किसानों के गुस्से को देखते हुए दोनों राज्यों के पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को विश्वास में लेकर वार्ता की और दोषी पुलिसकर्मियों पर एफआईआर का आश्वासन दिया। जिस पर किसानों ने दोपहर तीन बजे जाम खोल दिया। लेकिन कुछ ही देर बाद धान के वाहन रोकने पर किसानों ने हरियाणा की सीमा में फिर से धरना शुरू कर दिया।
धरने में भाकियू जिलाध्यक्ष कपिल खाटियान, ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद, राजकुमार, कालूराम राठी, मैनपाल चौहान आदि मौजूद रहे। इस दौरान एसडीएम निकिता शर्मा, सीओ कैराना अमरदीप मौर्या व एसओ झिंझाना, चौसाना पुलिस सहित अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।
हरियाणा पुलिस पर सिख समाज के अपमान का आरोप
बुधवार की शाम से यूपी के किसानों का धान बॉर्डर पर रोका जा रहा था, जिसका किसान विरोध कर रहे थे। इस दौरान पुलिस ने किसानों को हिरासत में लेने का प्रयास किया तो आरोप है कि डोकपुरा निवासी सिख जसवंत सिंह की पगड़ी को हरियाणा पुलिस ने पैरों में रौंदा। जिसका वीडियो भी वायरल हुआ है।
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