[ad_1]

Smriti Irani in Bengal
– फोटो : ANI
ख़बर सुनें
विस्तार
पश्चिम बंगाल में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती में अनियमितताओं के खिलाफ कोलकाता में अनशन कर रहे टेट अभ्यर्थियों को गुरुवार रात पुलिस द्वारा जबरन हटाए जाने को लेकर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने ममता सरकार पर हमला बोला है। ईरानी ने कहा कि बंगाल में पुलिस को देश के कानून और संविधान के प्रति वफादारी रखनी चाहिए। अगर सीएम की ओर से कोई गलत काम और अन्याय नहीं हुआ तो आधी रात को पुलिस क्यों आई? सीएम नौकरी क्यों नहीं दे रही हैं और इसके बदले लाठीचार्ज क्यों कर रही हैं?
आम लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया?
केंद्रीय मंत्री ने कहा, प्रदर्शनकारियों के साथ-साथ कुछ आम लोगों को क्यों गिरफ्तार किया गया? यह सरकार के खिलाफ लोगों का आंदोलन है, इसलिए सीएम की कार्रवाई किसी राजनीतिक संगठन पर नहीं बल्कि आम लोगों पर है। जमीनी और शहरी केंद्रों में सीएम का भ्रष्टाचार, अन्याय और कुशासन पूरा देश देख रहा है।
सीएम ममता और पुलिस पर शर्म आती है
उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में चोरी-छिपे पुलिस को भेजकर अनशन कर रहे टेट परीक्षार्थियों को वहां से जबरदस्ती घसीट कर हटाया जाना अन्याय है। भाजपा के लोकसभा प्रवास कार्यक्रम के तहत बंगाल दौरे के दूसरे दिन शुक्रवार को हावड़ा के उलूबेरिया लोकसभा क्षेत्र में उन्होंने पत्रकारों से बात की। उन्होंने कहा कि छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलन पर इस तरह के शर्मनाक हमले के लिए ममता बनर्जी और यहां की पुलिस पर शर्म आती है। बंगाल में जो हो रहा है, ऐसा आज तक कहीं नहीं हुआ है। राज्य सरकार को ऐसे कृत्यों की कीमत चुकानी होगी।
स्मृति ईरानी ने कहा कि पिछले आठ वर्षों से टेट पास अभ्यर्थी अपना हक मांग रहे हैं, लेकिन इस निरंकुश सरकार को उनकी कोई फिक्र नहीं है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जब पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पैसा ले रहे थे तो माननीय मुख्यमंत्री क्या कर रही थी? स्मृति ने कहा कि बंगाल के लोग अब सबकुछ जान गए हैं और यही कारण है कि दीदी को सत्ता जाने का डर सता रहा है। मंत्री ने कहा कि अगले साल राज्य में होने वाले पंचायत चुनाव में पार्टी पूरी मजबूती से मैदान में उतरेगी।
[ad_2]
Source link