[ad_1]

धरने पर बैठे किसान।
– फोटो : amar ujala
ख़बर सुनें
विस्तार
यूपी के धान को हरियाणा में वहां की पुलिस घुसने नहीं दे रही है। इसके चलते मेरठ करनाल मार्ग पर यमुना नदी पर बने बिडौली पुल पर शामली की सीमा में ट्रक और ट्रैक्टर ट्रालियों की करीब दस किमी से अधिक लाइनें नजर आ रही हैं। धान न आने देने से नाराज किसानों ने शुक्रवार को पूरा यातायात ठप करा दिया है और दूसरे दिन भी यहां किसानों का धरना जारी रहा।
ग्राम डोकपुरा के किसानों के साथ हरियाणा पुलिस के मारपीट के मामले और यूपी से हरियाणा जा रहे धान को रोके जाने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। गुरुवार की सुबह से भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने मेरठ-करनाल हाईवे स्थित बिड़ौली पुल पर धरना शुरू कर दिया था, जो शुक्रवार को भी जारी रहा। इसके चलते लगे जाम में दो दिन से वाहन फंसे हैं और उनके चालकों को खाने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मेरठ-करनाल मार्ग पर जगह-जगह सड़क के दोनों ओर ट्रकों के खड़े होने से यातायात पूरी तरह से प्रभावित हो गया है।
अन्य पुलों को भी जाम करने की चेतावनी दी
शामली में शुक्रवार दोपहर बाद प्रेस वार्ता में भाकियू के जिलाध्यक्ष कपिल खटियान ने कहा कि उनकी मांगे नहीं मानीं तो कैराना पुल, यमुना नगर पुल, लखनौती पुल को पूर्ण रूप से बंद किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पानीपत, यमुनानगर आदि पुलों से हरियाणा में किसान धान ले जा रहे हैं तो बिड़ौली पुल से ले जाने पर करनाल प्रशासन को क्या एतराज है।
यह भी पढ़ें: मेरठ: थप्पड़ से आहत थी BDS की छात्रा, चौथी मंजिल से लगा दी छलांग, सहपाठी की गिरफ्तारी से सामने आया सच
[ad_2]
Source link