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Haryana: दीपावली पर उद्योगों को मनोहारी तोहफा, CNG-PNG इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को वैट में 50 फीसदी छूट

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Haryana: दीपावली पर उद्योगों को मनोहारी तोहफा, CNG-PNG इस्तेमाल करने वाले उद्योगों को वैट में 50 फीसदी छूट

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हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल।
– फोटो : @mlkhattar

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हरियाणा सरकार ने दीपावली पर उद्योगों को मनोहारी तोहफा दिया है। ऊर्जा की आवश्यकता जेनरेेटर सेट के बजाय प्राकृतिक गैस (सीएनजी-पीएनजी) से पूरी करने वाले उद्योगों को मूल्य संवर्धन कर (वैट) में 50 फीसदी छूट मिलेगी। योजना एमएसएमई सहित पूरे उद्योगों पर लागू होगी और अधिसूचना जारी होने से दो वर्ष तक इसका लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे।  कमेटी ने हरियाणा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माता कंपनियों को प्रति वर्ष विभिन्न मदों में 164.66 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने को भी मंजूरी दी है। 
 

वैट में 50 फीसदी छूट से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में स्थित सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। एनसीआर में डीजल से चलने वाले जेनरेटर सेट प्रतिबंधित हैं। इसलिए सरकार यह छूट देने जा रही है।

नई औद्योगिक नीति में सीएनजी-पीएनजी पर वैट की दर पहले ही 12.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी थी। अब प्राकृतिक गैस का ही इस्तेमाल करने वाले उद्योगों के लिए इसमें 50 प्रतिशत की और कटौती कर दी जाएगी। इससे सरकार पर करोड़ों रुपये का बोझ पड़ेगा। 

धुआं छोड़ने वाले 8000 उद्योग  

प्रदेश भर में 16 हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, इनमें से 13 हजार बड़ी और तीन हजार अन्य हैं। लगभग 8000 इकाइयां धुआं छोड़ने वाली हैं। पानीपत, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, जींद, फरीदाबाद, रोहतक में ऐसे उद्योगों की संख्या अधिक है। कुछेक इकाइयां अपंजीकृत भी हैं, जिनमें तारकोल, टायर जलाने, भट्ठे व कोयला बनाने वाली इकाइयां तक शामिल हैं।

प्रदूषण कम करने के लिए ईवी नीति

ईवी नीति पर्यावरण संरक्षण, कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए लाई गई है। सरकार ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए खरीद पर विशेष छूट दे रही है। शैक्षिक व अनुसंधान संस्थानों में शोध को प्रोत्साहन दिया जाएगा। वर्ष 2030 तक हरियाणा राज्य परिवहन के स्वामित्व वाले बस बेड़े को शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों या अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित प्रौद्योगिकियों में बदलने का प्रयास रहेगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईएम) शहरों में शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों में तबदील करने का फैसला लिया है।

विस्तार

हरियाणा सरकार ने दीपावली पर उद्योगों को मनोहारी तोहफा दिया है। ऊर्जा की आवश्यकता जेनरेेटर सेट के बजाय प्राकृतिक गैस (सीएनजी-पीएनजी) से पूरी करने वाले उद्योगों को मूल्य संवर्धन कर (वैट) में 50 फीसदी छूट मिलेगी। योजना एमएसएमई सहित पूरे उद्योगों पर लागू होगी और अधिसूचना जारी होने से दो वर्ष तक इसका लाभ उठा सकेंगे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में शनिवार को हुई स्टैंडिंग फाइनेंस कमेटी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित रहे।  कमेटी ने हरियाणा इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) नीति 2022 के तहत इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माता कंपनियों को प्रति वर्ष विभिन्न मदों में 164.66 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने को भी मंजूरी दी है। 

 

वैट में 50 फीसदी छूट से राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के जिलों में स्थित सूक्षम, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बड़ा फायदा होगा। एनसीआर में डीजल से चलने वाले जेनरेटर सेट प्रतिबंधित हैं। इसलिए सरकार यह छूट देने जा रही है।

नई औद्योगिक नीति में सीएनजी-पीएनजी पर वैट की दर पहले ही 12.5 प्रतिशत से घटाकर 5 प्रतिशत कर दी थी। अब प्राकृतिक गैस का ही इस्तेमाल करने वाले उद्योगों के लिए इसमें 50 प्रतिशत की और कटौती कर दी जाएगी। इससे सरकार पर करोड़ों रुपये का बोझ पड़ेगा। 


धुआं छोड़ने वाले 8000 उद्योग  

प्रदेश भर में 16 हजार औद्योगिक इकाइयां संचालित हैं, इनमें से 13 हजार बड़ी और तीन हजार अन्य हैं। लगभग 8000 इकाइयां धुआं छोड़ने वाली हैं। पानीपत, गुरुग्राम, सोनीपत, झज्जर, जींद, फरीदाबाद, रोहतक में ऐसे उद्योगों की संख्या अधिक है। कुछेक इकाइयां अपंजीकृत भी हैं, जिनमें तारकोल, टायर जलाने, भट्ठे व कोयला बनाने वाली इकाइयां तक शामिल हैं।


प्रदूषण कम करने के लिए ईवी नीति

ईवी नीति पर्यावरण संरक्षण, कार्बन फुटप्रिंट को कम करने के लिए लाई गई है। सरकार ईवी वाहनों को बढ़ावा देने के लिए खरीद पर विशेष छूट दे रही है। शैक्षिक व अनुसंधान संस्थानों में शोध को प्रोत्साहन दिया जाएगा। वर्ष 2030 तक हरियाणा राज्य परिवहन के स्वामित्व वाले बस बेड़े को शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक बसों या अन्य गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित प्रौद्योगिकियों में बदलने का प्रयास रहेगा। गुरुग्राम और फरीदाबाद शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी (ईएम) शहरों में शत-प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों में तबदील करने का फैसला लिया है।



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