Home Breaking News आज का शब्द: स्वर और शिवमंगल सिंह सुमन की कविता ‘तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार’

आज का शब्द: स्वर और शिवमंगल सिंह सुमन की कविता ‘तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार’

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आज का शब्द: स्वर और शिवमंगल सिंह सुमन की कविता ‘तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार’

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हिंदी हैं हम शब्द-श्रृंखला में आज का शब्द है - स्वर जिसका अर्थ है 1. आवाज़; लय; ध्वनि 2. वह वर्णात्मक ध्वनि जिसका उच्चारण स्वतंत्रतापूर्वक होता है 3. संगीत के सुर। कवि शिवमंगल सिंह ‘सुमन’ ने अपनी इस कविता में इस शब्द का प्रयोग किया है। 

तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

आज सिन्धु ने विष उगला है
लहरों का यौवन मचला है
आज हृदय में और सिन्धु में
साथ उठा है ज्वार
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

लहरों के स्वर में कुछ बोलो
इस अंधड़ में साहस तोलो
कभी-कभी मिलता जीवन में
तूफानों का प्यार
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

यह असीम, निज सीमा जाने
सागर भी तो यह पहचाने
मिट्टी के पुतले मानव ने
कभी न मानी हार
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

सागर की अपनी क्षमता है
पर माँझी भी कब थकता है
जब तक साँसों में स्पन्दन है
उसका हाथ नहीं रुकता है
इसके ही बल पर कर डाले
सातों सागर पार
तूफानों की ओर घुमा दो नाविक निज पतवार

44 seconds ago

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