[ad_1]
ऐसे में सवाल उठता है कि वह जनता की उम्मीदों पर कितना खरे उतरेंगे? उन्हें किन-किन चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा? आइए जानते हैं…
ऋषि ने सबसे पहले लिज ट्रस को देश और दुनिया की मुश्किल परिस्थितियों में उनके नेतृत्व के लिए शुक्रिया कहा। सुनक ने कहा कि सांसदों के समर्थन से वो “विनम्र और सम्मानित” महसूस कर रहे थे। ऋषि ने आगे कहा, ‘मैं वादा करता हूं कि मैं पूरी ईमानदारी और विनम्रता से सेवा करुंगा। दिन रात ब्रितानी लोगों के लिए काम करता रहूंगा।’
ऋषि ने कहा, ‘हमारा देश रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से आर्थिक संकट से जूझ रहा है। पहले कुछ गलतियां की गईं थीं, मैं उन्हीं गलतियों को ठीक करने के लिए चुना गया हूं। जो भी चुनौतियां आने वाली हैं, मैं पूरी निष्ठा के साथ उनसे निपटने वाला हूं। ये मेरा आप सभी से वादा है।’
अब जानिए ऋषि को किन-किन चुनौतियों का करना पड़ेगा सामना?
इसे समझने के लिए हमने विदेश मामलों के जानकार डॉ. आदित्य पटेल से बात की। उन्होंने कहा, ‘मौजूदा समय ब्रिटेन एक साथ कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। फिर वह आंतरिक हो या वैश्विक। इन तमाम चुनौतियों का सामना ऋषि को करना पड़ेगा। इन सबके बीच उन्हें खुद की पार्टी में भी एक लंबी लड़ाई लड़नी पड़ सकती है।’ आदित्य ने ऋषि के सामने तीन बड़ी चुनौतियां बताईं।
1. आर्थिक समस्याओं का करना पड़ेगा सामना: ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था काफी खराब है। डॉलर के मुकाबले पाउंड की हालत लगातार खराब हो रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते भी आर्थिक संकट बरकरार है। अब ऋषि को इस स्थिति का सामना करना होगा।
2. तीन पूर्व प्रधानमंत्रियों की रहेगी नजर: ब्रिटेन में तीन साल के अंदर तीन प्रधानमंत्री बदल चुके हैं। थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन और लिज ट्रस। पार्टी के अंदर इन तीनों पूर्व प्रधानमंत्रियों की पैनी नजर ऋषि पर रहेगी। ऋषि के हर कदम पर ये नेता सवाल खड़ा कर सकते हैं।
[ad_2]
Source link