Home Breaking News Winter Season: सर्दियों के लिए अभी करना होगा और इंतजार, आईएमडी ने जताई गर्म नवंबर की आशंका

Winter Season: सर्दियों के लिए अभी करना होगा और इंतजार, आईएमडी ने जताई गर्म नवंबर की आशंका

0
Winter Season: सर्दियों के लिए अभी करना होगा और इंतजार, आईएमडी ने जताई गर्म नवंबर की आशंका

[ad_1]

सर्दी से सहमे लोग

सर्दी से सहमे लोग
– फोटो : अमर उजाला

ख़बर सुनें

देश में इस समय मौसम का मिजाज बदल रहा है। जहां दक्षिण के राज्यों में बारिश हो रह है, वहीं उत्तर भारत में अभी शुष्क मौसम है। इसके अलावा अगर देश के पहाड़ी राज्यों की बात करें तो वहां ठंड पड़नी शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने सर्दियों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी है कि पूरे भारत को सर्दियों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में नवंबर में रात का तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया है।   

दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि नवंबर के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि पहाणी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में भी दिन में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है।

सर्दी में अभी देरी
यहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने संभावना जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में बादलों के छाए रह सकते हैं इसका कारण यह है कि न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसका मतलब यह होगा कि इस बार नवंबर के दौरान शीत लहर की स्थिति कम होगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में नवंबर के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि नवंबर के लिए दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए औसत वर्षा 118.7 मिमी है जिसमें इस बार 23 प्रतिशत की कमी है। महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर मानसून तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में 29 अक्टूबर को दस्तक देगा।   

गौरतलब है कि उत्तर भारत में, सर्दियां नवंबर के मध्य से शुरू हो जाती हैं। जब न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है और रातें सर्द हो जाती हैं। 

बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान: केंद्रीय मंत्री
वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा है कि हाल में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ये बारिश जलवायु परिवर्तन का नतीजा है।  राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम मोदी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। 

विस्तार

देश में इस समय मौसम का मिजाज बदल रहा है। जहां दक्षिण के राज्यों में बारिश हो रह है, वहीं उत्तर भारत में अभी शुष्क मौसम है। इसके अलावा अगर देश के पहाड़ी राज्यों की बात करें तो वहां ठंड पड़नी शुरू हो गई है। लेकिन इस बीच, भारतीय मौसम विभाग ने सर्दियों को लेकर बड़ा अपडेट दिया है। भारतीय मौसम विभाग ने मंगलवार को जानकारी दी है कि पूरे भारत को सर्दियों के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना पड़ सकता है। विभाग ने देश के अधिकांश हिस्सों में नवंबर में रात का तापमान सामान्य से अधिक रहने का अनुमान जताया है।   

दिल्ली में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने कहा कि नवंबर के दौरान देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की उम्मीद है। उन्होंने यह भी कहा कि पहाणी राज्यों जैसे जम्मू-कश्मीर के बड़े हिस्से, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में भी दिन में सामान्य से अधिक तापमान रहने की संभावना है।

सर्दी में अभी देरी

यहां भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने संभावना जताते हुए कहा कि ऐसी स्थिति में बादलों के छाए रह सकते हैं इसका कारण यह है कि न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। इसका मतलब यह होगा कि इस बार नवंबर के दौरान शीत लहर की स्थिति कम होगी। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में नवंबर के दौरान सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है। गौरतलब है कि नवंबर के लिए दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत के लिए औसत वर्षा 118.7 मिमी है जिसमें इस बार 23 प्रतिशत की कमी है। महापात्र ने कहा कि पूर्वोत्तर मानसून तमिलनाडु और आसपास के क्षेत्रों में 29 अक्टूबर को दस्तक देगा।   

गौरतलब है कि उत्तर भारत में, सर्दियां नवंबर के मध्य से शुरू हो जाती हैं। जब न्यूनतम तापमान धीरे-धीरे गिरकर 15 डिग्री सेल्सियस से नीचे चला जाता है और रातें सर्द हो जाती हैं। 

बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान: केंद्रीय मंत्री

वहीं, केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने मंगलवार को कहा है कि हाल में हुई बेमौसम बारिश से फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ये बारिश जलवायु परिवर्तन का नतीजा है।  राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण किसानों को हुए नुकसान का आकलन कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए पीएम मोदी पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। 



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here