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Delhi-NCR Air Pollution: हवा की बदली दशा और दिशा, गंभीर से निकलकर बेहद खराब श्रेणी में पहुंचीं ‘सांसें’

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Delhi-NCR Air Pollution: हवा की बदली दशा और दिशा, गंभीर से निकलकर बेहद खराब श्रेणी में पहुंचीं ‘सांसें’

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दमघोंटू हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा

दमघोंटू हुई दिल्ली-एनसीआर की हवा
– फोटो : अमर उजाला

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दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हवा की दशा और दिशा बदलने से वायु प्रदूषण में सुधार हुआ है। बीते 24 घंटे में हवा गंभीर श्रेणी से निकलकर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मामूली सुधार के बावजूद दमघोंटू हवा से लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ बनी रही। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी के िनचले स्तर में बनी रहेगी।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के मुताबिक, बुधवार को दिल्ली का औसतन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 376 दर्ज किया गया। इससे एक दिन पहले यह 424 के साथ सीजन में पहली बार गंभीर श्रेणी में दर्ज किया गया था। साथ ही फरीदाबाद और ग्रेटर नोएडा की हवा भी गंभीर दर्ज की गई थी। हालांकि, बीते 24 घंटे में एनसीआर के सभी शहरों की हवा में भी मामूली सुधार हुआ है। सबसे कम 310 एक्यूआई गुरुग्राम का रहा है।

इस वजह से हवा में हुआ सुधार
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) के मुताबिक, बुधवार को लगातार हवा की दिशा बदलती रही। साथ ही इसकी रफ्तार चार से आठ किलोमीटर प्रतिघंटे तक दर्ज की गई। लगातार हवा की दिशा बदलने से बाहरी प्रदूषक दिल्ली-एनसीआर में अधिक मात्रा में नहीं पहुंचे। इस वजह से एक्यूआई के स्तर में हल्का सुधार हुआ है। बुधवार को मिक्सिंग हाइट का स्तर 1600 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स नौ हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक रहा। 

आईआईटीएम का पूर्वानुमान है कि अगले 24 घंटे में हवा की दिशा उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्वी रह सकती है। साथ ही हवा की रफ्तार छह से 12 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की जा सकती है। मिक्सिंग हाइट 1650 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स 10 हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक पहुंचने का पूर्वानुमान है। वहीं, शुक्रवार को हवा की दिशा दक्षिण-पूर्वी और पूर्वी होने के साथ रफ्तार आठ से 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की जा सकती है। साथ ही मिक्सिंग हाइट 1150 मीटर व वेंटिलेशन इंडेक्स घटकर 1500 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड तक दर्ज किया जा सकता है। वेंटिलेशन इंडेक्स छह हजार वर्ग मीटर प्रति सेकेंड से कम व हवा की रफ्तार 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम होने पर प्रदूषकों को जमने में मदद मिलती है, जिससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता है।

पांच नवंबर से और बेहतर होगी हवा
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बीते 24 घंटे में 2.5 माइक्रोमीटर से बड़े कणों की पर्टिकुलेट मैटर (पीएम) 10 में 55 फीसदी तक हिस्सेदारी रही है। पीएम 10 का स्तर 329 और पीएम 2.5 का स्तर 179 माइक्रोमीटर प्रतिघन मीटर दर्ज किया गया। सफर का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की रफ्तार आठ से 15 किलोमीटर प्रतिघंटे तक दर्ज की जा सकती है। वहीं, पांच नवंबर से मौसमी दशाओं के बदलने की वजह से हवा की सेहत में और सुधार दर्ज किया जा सकता है।

पंजाब में सर्वाधिक तीन हजार से अधिक जगहों पर जली पराली
बीते 24 घंटे में पंजाब में अभी तक की सर्वाधिक तीन हजार से अधिक जगहों पर पराली जली है। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान के मुताबिक, 3634 जगहों पर पराली जलाने की घटनाएं रिकॉर्ड की गई हैं। वहीं, हरियाणा में 166, उत्तर प्रदेश में 25, दिल्ली में शून्य, मध्यप्रदेश में 284 और राजस्थान में 63 जगहों पर पराली जलाई गई हैं।

दिल्ली-एनसीआर का एक्यूआई

दो नवंबर एक नवंबर
दिल्ली 376   424
गुरुग्राम 310 390
नोएडा 339 398
फरीदाबाद 346 403
गाजियाबाद 332 381
ग्रेटर नोएडा 336 402

 

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर में बुधवार को हवा की दशा और दिशा बदलने से वायु प्रदूषण में सुधार हुआ है। बीते 24 घंटे में हवा गंभीर श्रेणी से निकलकर बेहद खराब श्रेणी में पहुंच गई है। मामूली सुधार के बावजूद दमघोंटू हवा से लोगों को आंखों में जलन व सांस लेने में तकलीफ बनी रही। वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि अगले तीन दिन तक हवा की गुणवत्ता बहुत खराब से गंभीर श्रेणी के िनचले स्तर में बनी रहेगी।



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