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मध्यप्रदेश में सुरक्षित नहीं बेटियां
– फोटो : अमर उजाला
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मध्यप्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती बनती जा रही है। प्रदेश में नाबालिग बच्चियों से लेकर युवतियां कर सुरक्षित नहीं हैं। हर दिन प्रदेश के किसी न किसी जिले से बच्चियों और युवतियों से रेप के मामले सामने आ रहे हैं। वहीं, दरिंदगी को छुपाने के लिए अब दुराचारी रेप के बाद उनकी हत्या करने से भी बाज नहीं आ रहे हैं। बीते पांच दिनों की ही बात करें तो रेप और गैंगरेप की पांच बड़ी वारदातें खंडवा, मुरैना, भिंड, शिवपुरी और ग्वालियर में सामने आई हैं। प्रदेश सरकार भले ही राज्य में महिला सुरक्षा का डंका पीट रही हो, लेकिन हकीकत सरकार के दावों से कोसों दूर है। अगर यहीं आलम रहा तो शायद बच्चियां घर से बाहर निकलना ही छोड़ देंगी। आइए आपको हाल ही के कुछ मामलों के बारे में बताते हैं।
खंडवा में चार साल की बच्ची से गैंगरेप
खंडवा में चार साल की आदिवासी बच्ची के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। वारदात के करीब 14 घंटे बाद पीड़ित बच्ची घर से डेढ़ किमी दूर झाड़ियों में जख्मी हालत में मिली। बच्ची छिंदवाड़ा जिले के पंधाना की रहने वाली है। दिवाली के कुछ वक्त पहले वह अपनी बुआ के साथ खंडवा के जसवाड़ी में एक गांव में आई थी। उसके फूफा एक खेत में काम करते हैं, खेत में बनी झोपड़ी में ही वह रहते हैं। खेत के पास बने एक ढाबे में काम करने वाला वेटर रात में खटिया पर सो रही बच्ची को झोपड़ी से उठाकर ले गया और अपने एक साथी के साथ मिलकर उससे दुराचार किया। वारदात के बाद दोनों आरोपियों ने उसकी हत्या करने की नियत से गला दबाया, नशे की हालत में आरोपी बेहोश बच्ची को मरा समझकर झाड़ियों में ही फेंककर चले गए। वारदात के कुछ घंटों बाद पुलिस ने आरोपी वेटर को तलाश कर लिया है। दूसरे की तलाश जारी है।
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