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खाद की दुकान
– फोटो : अमर उजाला
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एटा में इन दिनों डीएपी के लिए जबरदस्त मारामारी चल रही है। दुकानों पर इसकी कमी दर्शाकर कालाबाजारी की जा रही है। रविवार को अलीगढ़ जाने वाले मार्ग पर स्थित दुकान पर 1350 रुपये कीमत वाली डीएपी की एक बोरी को 1650 रुपये में बेचा गया। किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया। इसके बावजूद दिन भर यहां कालाबाजारी से डीएपी बिकती रही और कोई अधिकारी कार्रवाई के लिए नहीं पहुंचा।
जिले में डीएपी की किल्लत बनी हुई है। ऐसे में निजी दुकानदार इसका जमकर फायदा उठा रहे हैं। जिन दुकानों पर डीएपी का स्टॉक है, वो मुंहमांगे दाम किसानों से वसूल रहे हैं। जरूरत की वजह से किसान महंगी डीएपी खरीदने को मजबूर है। जीटी रोड पर अलीगढ़ की ओर जाते वक्त चौथे मील स्थित एक निजी दुकान पर डीएपी की एक बोरी 1650 रुपये की दी जा रही थी। किसानों द्वारा मोल-भाव भी किया गया लेकिन एक रुपया कम नहीं किया गया। इसका सोशल मीडिया पर वीडियो भी वायरल हो रहा है। लेकिन कृषि विभाग की ओर से ओवररेट करने वाली निजी दुकानों पर शिकंजा नहीं कसा जा रहा है। जिसकी वजह से किसानों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
आज पहुंच जाएगी 1600 मीट्रिक टन डीएपी
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि सोमवार को जिले में करीब 1600 मीट्रिक टन इफ्को कंपनी की डीएपी पहुंच जाएगी। जहां से जिले के सभी केंद्रों पर डीएपी वितरण के लिए भेजी जाएगी। उन्होंने बताया कि रविवार को किसी कारणवश रैक नहीं पहुंची है। जिससे डीएपी वितरण में एक दिन की देरी हो सकती है।
जैथरा में भी डीएपी की मारामारी और कालाबाजारी
जैथरा। विकासखंड क्षेत्र में भी डीएपी की मारामारी बनी हुई है। साथ ही इसकी कालाबाजारी भी की जा रही है। खाद न मिलने से किसानों में आक्रोश पनप रहा है। कस्बा के बाजार में नामचीन दुकानों पर खुलेआम खाद की बोरी 1500 रुपये में बेची जा रही है। अधिकृत खाद बिक्री केंद्रों पर खाद के साथ-साथ अन्य सामान भी जबरन बेचा जा रहा है। 240 रुपये का लिक्विड यूरिया स्प्रे थमाया जा रहा है। संवाद
ये बोले जिला कृषि अधिकारी
जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह ने बताया कि चौथे मील पर स्थित एक दुकान पर डीएपी को ओवररेट पर बेचा जा रहा है। उस दुकान की जांच कराई जाएगी और कार्रवाई की जाएगी।
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