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आरोपों के घेरे में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन….
– फोटो : अमर उजाला
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धोखाधड़ी मामले में जेल में बंद सुकेश चंद्रशेखर के आरोपों की जांच कर रही कमेटी ने रिपोर्ट उपराज्यपाल कार्यालय को सौंप दी है। कमेटी ने मामले की जांच किसी और एजेंसी से करवाने की सिफारिश की है। सुकेश से जेल में मुलाकात कर कमेटी इस सिलसिले में दो बार बयान दर्ज कर चुकी है। सुकेश ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए थे। इस मामले की जांच के लिए प्रधान सचिव (गृह) की अध्यक्षता में गठित तीन सदस्यीय कमेटी की रिपोर्ट में सुकेश ने करोड़ों रुपये देने के आरोप को दोहराया है।
सुकेश ने जेल में बंद दिल्ली सरकार के मंत्री सत्येंद्र जैन को 60 करोड़ (50 करोड़ आप से राज्यसभा सीट हासिल करने जबकि 10 करोड़ रुपये सुरक्षा राशि) सहित जेल के तत्कालीन महानिदेशक संदीप गोयल को देने का आरोप लगाया था। कमेटी ने 14-15 नवंबर को मंडोली जेल में दो बार सुकेश के बयान दर्ज किए। सुकेश ने बयान में आरोप को दोहराया है कि असोला माइंस स्थित परिवहन मंत्री के फार्म हाउस पर सत्येंद्र को 50 करोड़ रुपये का किश्तों में भुगतान किया गया। इस वित्तीय लेनदेन की मुख्यमंत्री को भी जानकारी होने की बात कही।
बयान में उसने कहा कि मुख्यमंत्री के साथ जैन और गहलोत भी सुकेश की ओर से एक अग्रणी होटल में आयोजित डिनर में शामिल हुए थे। 2017 में आयोजित इस पार्टी में आखिरी किश्त का सुकेश ने भुगतान करने की बात कही। सुकेश ने जांच समिति को दिए बयान में कहा है कि उसके पास सत्येंद्र के व्हाट्सएप चैट में राशि, भुगतान का समय और जगह के बारे में दी गई का भी सबूत है और जरूरत होने पर जांच एजेंसी के समक्ष इसे पेश किया जाएगा। सुकेश ने खुलासा किया है कि हर बार उसने सत्येंद्र जैन को उसी फार्महाउस में राशि का भुगतान किया।
इसी सिलसिले में मुख्यमंत्री से भी बातचीत करने की अनुमति भी दी गई। सुकेश ने बताया कि जैन ने ही उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से मुलाकात करवाई और उनके संपर्क में रहने को कहा। इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय और सीबीआई अधिकारियों को भी दी थी। सुकेश के दावों की सच्चाई जानने के लिए कमेटी ने ईडी और सीबीआई के अधिकारियों से भी मुलाकात की। समिति आरोपों की पड़ताल के बाद कहा कि सुकेश की तरफ से लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। साधनों की कमी का हवाला देते हुए कमेटी ने इस मामले की विशेष एजेंसी से जांच करवाने की सिफारिश की है।
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