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Covid 19 in China: विशेषज्ञ ने किया आगाह, चीन में कोरोना के खतरे से निपटने के जल्द करें इंतजाम

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Covid 19 in China: विशेषज्ञ ने किया आगाह, चीन में कोरोना के खतरे से निपटने के जल्द करें इंतजाम

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covid 19 in China (file photo)

covid 19 in China (file photo)
– फोटो : PTI

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ब्रिटेन स्थित ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स फर्म ने चीन में कोरोना संक्रमण को लेकर बदल रहे हालात पर नया विश्लेषण प्रस्तुत किया है। इसमें कहा गया है कि चीन में हाइब्रिड इम्युनिटी की काफी कमी है और देश में कम टीकाकरण व बूस्टर खुराक वितरण के कारण हालात काफी विकट होंगे। विश्लेषण के मुताबिक, चीन सरकार यदि शून्य-कोविड नीति को पूरी तरह बदलती है तो देश के 13 से 21 लाख लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

इस बीच, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि बीजिंग में गंभीर मामले बहुत तेजी से बढ़ने वाले हैं, जिससे निपटने के उपाय जल्द करने होंगे। अखबार ने चीन के प्रमुख श्वांस रोग विशेषज्ञ वांग गुआंगफा के हवाले से लिखा है कि हमें जल्दी से तैयारी कर लेना चाहिए और बुखार, क्लीनिक, आपातकालीन तथा गंभीर उपचार संसाधन तैयार कर लेना चाहिए। उधर, देश में महामारी से अब तक कुल मौतों का आंकड़ा संशोधित कर 5,241 कर दिया है। एयरफिनिटी के विश्लेषण के अनुसार, चीन की आबादी में प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) का स्तर बहुत कम है। इसके नागरिकों को घरेलू स्तर पर उत्पादित जैब्स सिनोवैक और सिनोफार्म टीका लगाया गया था, जो संक्रमण व मौतों को रोकने में ज्यादा प्रभावशाली साबित नहीं हुए हैं। ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स के मुताबिक, अगर चीन में हांगकांग के समान संक्रमण बढ़ता है, तो इसकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली फेल हो सकती है, जिससे देश में 16.7 करोड़ से 27.9 करोड़ कोरोना के मामले सामने आ सकते हैं।

टीकाकरण तेज करना जरूरी
एयरफिनिटी के टीका और महामारी विज्ञान के प्रमुख डॉ लुईस ब्लेयर ने कहा कि चीन के लिए यह आवश्यक है कि वह अपनी शून्य-कोविड नीति को बदलने से पहले टीकाकरण को तेज करे। विशेष रूप से यह देखते हुए कि इसकी बुजुर्ग आबादी बहुत बड़ी है। इसके बाद, चीन को भविष्य में कोरोना के खतरे को रोकने के लिए देश को लोगों को हाइब्रिड इम्युनिटी भी देना होगी। यह अन्य देशों और क्षेत्रों में प्रभावी साबित हुआ है।

हालात अब भी सामान्य नहीं
चीन में बुधवार को भी हालात सामान्य नहीं दिखे। बीजिंग के मुर्दाघरों से शवों को तेजी से श्मशान घाटों की तरफ निकाला गया। अंत्येष्टि के लिए लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि सरकारी कोशिशों से यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही शहर के अन्य खाली मैदानों को भी अंत्येष्टि स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

हदयरोग या अन्य वजहों से हुई मौत कोरोना मृतकों से बाहर
वैश्विक मानकों के मुताबिक, चीन में कोविड से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बहुत कम बताने के बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने स्पष्ट किया कि हम सिर्फ उन्हीं मृतकों को कोविड मृतक के रूप में वर्गीकृत करते हैं जिनकी मौत निमोनिया और वायरस के संपर्क में आने के बाद सांस लेने में नाकामी की वजह से हो रही है। जबकि देश में कई मौतें दिल के दौरे या हृदयरोग से हो रही हैं। इनमें डाइबिटीज, दमा व हाई बीपी भी शामिल हैं। रक्त के थक्के, सेप्सिस आदि के कारण हुई मौतों को भी कोविड से हुई मौत में शामिल नहीं किया जाता है।

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ब्रिटेन स्थित ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स फर्म ने चीन में कोरोना संक्रमण को लेकर बदल रहे हालात पर नया विश्लेषण प्रस्तुत किया है। इसमें कहा गया है कि चीन में हाइब्रिड इम्युनिटी की काफी कमी है और देश में कम टीकाकरण व बूस्टर खुराक वितरण के कारण हालात काफी विकट होंगे। विश्लेषण के मुताबिक, चीन सरकार यदि शून्य-कोविड नीति को पूरी तरह बदलती है तो देश के 13 से 21 लाख लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है।

इस बीच, चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स ने कहा है कि बीजिंग में गंभीर मामले बहुत तेजी से बढ़ने वाले हैं, जिससे निपटने के उपाय जल्द करने होंगे। अखबार ने चीन के प्रमुख श्वांस रोग विशेषज्ञ वांग गुआंगफा के हवाले से लिखा है कि हमें जल्दी से तैयारी कर लेना चाहिए और बुखार, क्लीनिक, आपातकालीन तथा गंभीर उपचार संसाधन तैयार कर लेना चाहिए। उधर, देश में महामारी से अब तक कुल मौतों का आंकड़ा संशोधित कर 5,241 कर दिया है। एयरफिनिटी के विश्लेषण के अनुसार, चीन की आबादी में प्रतिरक्षा (इम्युनिटी) का स्तर बहुत कम है। इसके नागरिकों को घरेलू स्तर पर उत्पादित जैब्स सिनोवैक और सिनोफार्म टीका लगाया गया था, जो संक्रमण व मौतों को रोकने में ज्यादा प्रभावशाली साबित नहीं हुए हैं। ग्लोबल हेल्थ इंटेलिजेंस एंड एनालिटिक्स के मुताबिक, अगर चीन में हांगकांग के समान संक्रमण बढ़ता है, तो इसकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली फेल हो सकती है, जिससे देश में 16.7 करोड़ से 27.9 करोड़ कोरोना के मामले सामने आ सकते हैं।

टीकाकरण तेज करना जरूरी

एयरफिनिटी के टीका और महामारी विज्ञान के प्रमुख डॉ लुईस ब्लेयर ने कहा कि चीन के लिए यह आवश्यक है कि वह अपनी शून्य-कोविड नीति को बदलने से पहले टीकाकरण को तेज करे। विशेष रूप से यह देखते हुए कि इसकी बुजुर्ग आबादी बहुत बड़ी है। इसके बाद, चीन को भविष्य में कोरोना के खतरे को रोकने के लिए देश को लोगों को हाइब्रिड इम्युनिटी भी देना होगी। यह अन्य देशों और क्षेत्रों में प्रभावी साबित हुआ है।

हालात अब भी सामान्य नहीं

चीन में बुधवार को भी हालात सामान्य नहीं दिखे। बीजिंग के मुर्दाघरों से शवों को तेजी से श्मशान घाटों की तरफ निकाला गया। अंत्येष्टि के लिए लंबी कतारें देखी गईं। हालांकि सरकारी कोशिशों से यहां कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है। साथ ही शहर के अन्य खाली मैदानों को भी अंत्येष्टि स्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है।

हदयरोग या अन्य वजहों से हुई मौत कोरोना मृतकों से बाहर

वैश्विक मानकों के मुताबिक, चीन में कोविड से मरने वालों की आधिकारिक संख्या बहुत कम बताने के बीच राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने स्पष्ट किया कि हम सिर्फ उन्हीं मृतकों को कोविड मृतक के रूप में वर्गीकृत करते हैं जिनकी मौत निमोनिया और वायरस के संपर्क में आने के बाद सांस लेने में नाकामी की वजह से हो रही है। जबकि देश में कई मौतें दिल के दौरे या हृदयरोग से हो रही हैं। इनमें डाइबिटीज, दमा व हाई बीपी भी शामिल हैं। रक्त के थक्के, सेप्सिस आदि के कारण हुई मौतों को भी कोविड से हुई मौत में शामिल नहीं किया जाता है।



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