Home Breaking News Loan Fraud Case: चंदा कोचर और उनके पति  गिरफ्तार, ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की कार्रवाई

Loan Fraud Case: चंदा कोचर और उनके पति  गिरफ्तार, ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की कार्रवाई

0
Loan Fraud Case: चंदा कोचर और उनके पति  गिरफ्तार, ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई की कार्रवाई

[ad_1]

चंदा कोचर

चंदा कोचर
– फोटो : Facebook

ख़बर सुनें

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। 

सीबीआई ने चंदा कोचर, उनके पति और वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत के साथ-साथ नूपावर रिन्यूएबल्स, सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी बनाया था।

आरोप है कि वीडियोकॉन के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत ने 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज मिलने के बाद कथित तौर पर नूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया। सीबीआई ने 2019 में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एक बयान में कहा था कि यह आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आईसीआईसीआई बैंक को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश में निजी कंपनियों को कुछ ऋण मंजूर किए थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहले 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ऋण घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच शुरू होने के बाद चंदा को 2018 में अपने पद से हटना पड़ा था। कोचर दंपति को सीबीआई ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ईडी ने सितंबर 2020 में दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था
सीबीआई द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन का आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने सितंबर 2020 में दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि चंदा कोचर की अध्यक्षता वाली आईसीआईसीआई बैंक की एक समिति ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को 300 करोड़ रुपये के कर्ज की मंजूरी दी और कर्ज जारी करने के अगले दिन वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज ने आठ सितंबर 2009 को 64 करोड़ रुपये न्यूपॉवर रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड (एनआरपीएल) को हस्तांतरित किए। एनआरपीएल के मालिक दीपक कोचर थे।

विस्तार

आईसीआईसीआई बैंक की पूर्व सीईओ चंदा कोचर और उनके पति दीपक कोचर को गिरफ्तार कर लिया गया है। वीडियोकॉन-आईसीआईसीआई बैंक ऋण धोखाधड़ी मामले में सीबीआई ने यह कार्रवाई की है। 

सीबीआई ने चंदा कोचर, उनके पति और वीडियोकॉन ग्रुप के वेणुगोपाल धूत के साथ-साथ नूपावर रिन्यूएबल्स, सुप्रीम एनर्जी, वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज लिमिटेड को आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम से संबंधित आईपीसी की धाराओं के तहत दर्ज प्राथमिकी में आरोपी बनाया था।

आरोप है कि वीडियोकॉन के प्रवर्तक वेणुगोपाल धूत ने 2012 में आईसीआईसीआई बैंक से वीडियोकॉन समूह को 3,250 करोड़ रुपये का कर्ज मिलने के बाद कथित तौर पर नूपावर में करोड़ों रुपये का निवेश किया। सीबीआई ने 2019 में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद एक बयान में कहा था कि यह आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने आईसीआईसीआई बैंक को धोखा देने के लिए आपराधिक साजिश में निजी कंपनियों को कुछ ऋण मंजूर किए थे।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पहले 3,000 करोड़ रुपये से अधिक के कथित ऋण घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज किया था। मामले की जांच शुरू होने के बाद चंदा को 2018 में अपने पद से हटना पड़ा था। कोचर दंपति को सीबीआई ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया है।

ईडी ने सितंबर 2020 में दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था

सीबीआई द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी के आधार पर धन शोधन का आपराधिक मामला दर्ज करने के बाद ईडी ने सितंबर 2020 में दीपक कोचर को गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि चंदा कोचर की अध्यक्षता वाली आईसीआईसीआई बैंक की एक समिति ने वीडियोकॉन इंटरनेशनल इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड को 300 करोड़ रुपये के कर्ज की मंजूरी दी और कर्ज जारी करने के अगले दिन वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज ने आठ सितंबर 2009 को 64 करोड़ रुपये न्यूपॉवर रिन्यूएबल प्राइवेट लिमिटेड (एनआरपीएल) को हस्तांतरित किए। एनआरपीएल के मालिक दीपक कोचर थे।



[ad_2]

Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here