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Telecom Sector: 5जी से नए युग की शुरुआत, आसान होगा जीवन, 4जी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा स्पीड

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Telecom Sector: 5जी से नए युग की शुरुआत, आसान होगा जीवन, 4जी के मुकाबले 10 गुना ज्यादा स्पीड

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सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।
– फोटो : सोशल मीडिया

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देश में इस साल अक्तूबर में 5जी की शुरुआत हुई। 5जी न सिर्फ एक नए युग की शुरुआत है बल्कि इससे जीवन काफी आसान हो जाएगा। 4जी के मुकाबले इसकी स्पीड 10 गुना ज्यादा है। इसके जरिये सिर्फ 20 सेकंड में एक फिल्म डाउनलोड कर सकते हैं। 5जी की मदद से दूर बैठे कई उपकरणों को कंट्रोल किया जा सकता है। जिन ड्राइवरलेस कारों को भविष्य में बड़ी उम्मीद से देखा जा रहा है, उनका संचालन 5जी से ही संभव है।

  • सूचना मंत्रालय के मुताबिक, 2035 तक देश की जीडीपी में 5जी का योगदान 450 अरब डॉलर तक होगा।
  • एरिक्सन कंज्यूमर लैब के मुताबिक, भारत में करीब 10 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 5जी से जुड़ने के लिए तैयार हैं। इन उपभोक्ताओं के पास 5जी रेडी स्मार्टफोन हैं।

बैंकिंग : फंसे कर्ज में कमी से हुआ रिकॉर्ड मुनाफा
लंबे समय से एनपीए (फंसे कर्ज) और घाटे के दबाव से जूझ रहे बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह साल बेहतर रहा। एनपीए में कमी से सरकारी बैंकों को इस साल रिकॉर्ड मुनाफा हुआ। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सभी 12 सरकारी बैंकों का कुल लाभ 50 फीसदी बढ़कर 25,685 करोड़ रुपये पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सरकारी बैंकों को 40,991 करोड़ का मुनाफा हुआ, जो 2021-22 की समान अवधि से 32 फीसदी ज्यादा है। दूसरी तिमाही में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का फायदा 74 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 13,265 करोड़ पहुंच गया।

  • एक अक्तूबर से कार्ड टोकनाइजेशन लागू। 
  • डिजिटल लोन देने वाले एप पर सख्ती की गई। 
  • वैश्विक स्तर पर यूपीआई की स्वीकार्यता।
  • एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी का विलय।

रिकॉर्ड 291 लाख करोड़ पूंजीकरण
पिछले साल सेंसेक्स ने 62,245 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस साल भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद इसने अपना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। एक दिसंबर को यह 63,284 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। बाजार पूंजीकरण भी पहली बार 291 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। ।

  • हालांकि, इस साल सेंसेक्स में सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट और बढ़त भी रही। 24 फरवरी को 2,702 अंक की भारी गिरावट आई क्योंकि उसी दिन रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ था।
  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में इस साल 15 फरवरी को 1,700 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई।
सिर्फ गौतम अदाणी की संपत्ति बढ़ी
गौतम अदाणी की संपत्ति 75 अरब डॉलर बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। मुकेश अंबानी की संपत्ति 5 फीसदी और आरके दमानी की 6 फीसदी घटी है। शिव नाडर की संपत्ति 9.6 अरब डॉलर कम हुई है। 

1.21 लाख करोड़ निकाले
विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाले। अगस्त में सर्वाधिक 51 हजार करोड़ की निकासी हुई थी।

  • बार इस साल सेंसेक्स में एक हजार अंकों से ज्यादा की तेजी रही
  • बार ऐसा हुआ, जब बाजार 1,000 अंकों से ज्यादा लुढ़का
पिछले साल जैसा नहीं मिला समर्थन
प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिहाज से 2022 अच्छा नहीं रहा। इस साल कुल 39 कंपनियों ने  आईपीओ के जरिये 60,006 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह आंकड़ा 2021 में जुटाए गए रिकॉर्ड 1.20 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले आधा है। पूंजी जुटाने के लिहाज से पहले यह रिकॉर्ड 2017 के नाम रहा, जिसमें 75,279 करोड़ जुटाए गए थे। हालांकि, संख्या के लिहाज से 2007 में रिकॉर्ड 104 आईपीओ पेश हुए थे।

वैसे सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड भी इसी साल बना, जब एलआईसी ने 20,571 करोड़ रुपये जुटाए। पेटीएम ने आईपीओ से 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। नई उम्र वाली कंपनियों ने भी भारतीय बाजार से अच्छा खासा पैसा जुटाया। इसमें जोमैटो, नायका, पॉलिसी बाजार आदि हैं।  

  • 2023 में 89 कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं। इससे 1.40 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है। 
  • नए साल में जो बड़ी कंपनियां बाजार से पैसे जुटा सकती हैं, उनमें ओयो ने 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आवेदन किया है। 

विस्तार

देश में इस साल अक्तूबर में 5जी की शुरुआत हुई। 5जी न सिर्फ एक नए युग की शुरुआत है बल्कि इससे जीवन काफी आसान हो जाएगा। 4जी के मुकाबले इसकी स्पीड 10 गुना ज्यादा है। इसके जरिये सिर्फ 20 सेकंड में एक फिल्म डाउनलोड कर सकते हैं। 5जी की मदद से दूर बैठे कई उपकरणों को कंट्रोल किया जा सकता है। जिन ड्राइवरलेस कारों को भविष्य में बड़ी उम्मीद से देखा जा रहा है, उनका संचालन 5जी से ही संभव है।

  • सूचना मंत्रालय के मुताबिक, 2035 तक देश की जीडीपी में 5जी का योगदान 450 अरब डॉलर तक होगा।
  • एरिक्सन कंज्यूमर लैब के मुताबिक, भारत में करीब 10 करोड़ मोबाइल उपभोक्ता ऐसे हैं, जो 5जी से जुड़ने के लिए तैयार हैं। इन उपभोक्ताओं के पास 5जी रेडी स्मार्टफोन हैं।


बैंकिंग : फंसे कर्ज में कमी से हुआ रिकॉर्ड मुनाफा

लंबे समय से एनपीए (फंसे कर्ज) और घाटे के दबाव से जूझ रहे बैंकिंग क्षेत्र के लिए यह साल बेहतर रहा। एनपीए में कमी से सरकारी बैंकों को इस साल रिकॉर्ड मुनाफा हुआ। चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में सभी 12 सरकारी बैंकों का कुल लाभ 50 फीसदी बढ़कर 25,685 करोड़ रुपये पहुंच गया। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में सरकारी बैंकों को 40,991 करोड़ का मुनाफा हुआ, जो 2021-22 की समान अवधि से 32 फीसदी ज्यादा है। दूसरी तिमाही में देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई का फायदा 74 फीसदी बढ़कर रिकॉर्ड 13,265 करोड़ पहुंच गया।

  • एक अक्तूबर से कार्ड टोकनाइजेशन लागू। 
  • डिजिटल लोन देने वाले एप पर सख्ती की गई। 
  • वैश्विक स्तर पर यूपीआई की स्वीकार्यता।
  • एचडीएफसी बैंक और एचडीएफसी का विलय।


रिकॉर्ड 291 लाख करोड़ पूंजीकरण

पिछले साल सेंसेक्स ने 62,245 का ऐतिहासिक रिकॉर्ड बनाया था। इस साल भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद इसने अपना रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। एक दिसंबर को यह 63,284 के रिकॉर्ड स्तर पर बंद हुआ। बाजार पूंजीकरण भी पहली बार 291 लाख करोड़ रुपये को पार कर गया। ।

  • हालांकि, इस साल सेंसेक्स में सबसे बड़ी एक दिनी गिरावट और बढ़त भी रही। 24 फरवरी को 2,702 अंक की भारी गिरावट आई क्योंकि उसी दिन रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध शुरू हुआ था।
  • बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सेंसेक्स में इस साल 15 फरवरी को 1,700 अंकों की भारी बढ़त दर्ज की गई।


सिर्फ गौतम अदाणी की संपत्ति बढ़ी

गौतम अदाणी की संपत्ति 75 अरब डॉलर बढ़कर 12.1 लाख करोड़ रुपये पहुंच गई। मुकेश अंबानी की संपत्ति 5 फीसदी और आरके दमानी की 6 फीसदी घटी है। शिव नाडर की संपत्ति 9.6 अरब डॉलर कम हुई है। 

1.21 लाख करोड़ निकाले

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार से 1.21 लाख करोड़ रुपये निकाले। अगस्त में सर्वाधिक 51 हजार करोड़ की निकासी हुई थी।

  • बार इस साल सेंसेक्स में एक हजार अंकों से ज्यादा की तेजी रही
  • बार ऐसा हुआ, जब बाजार 1,000 अंकों से ज्यादा लुढ़का


पिछले साल जैसा नहीं मिला समर्थन

प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के लिहाज से 2022 अच्छा नहीं रहा। इस साल कुल 39 कंपनियों ने  आईपीओ के जरिये 60,006 करोड़ रुपये जुटाए हैं। यह आंकड़ा 2021 में जुटाए गए रिकॉर्ड 1.20 लाख करोड़ रुपये के मुकाबले आधा है। पूंजी जुटाने के लिहाज से पहले यह रिकॉर्ड 2017 के नाम रहा, जिसमें 75,279 करोड़ जुटाए गए थे। हालांकि, संख्या के लिहाज से 2007 में रिकॉर्ड 104 आईपीओ पेश हुए थे।

वैसे सबसे बड़े आईपीओ का रिकॉर्ड भी इसी साल बना, जब एलआईसी ने 20,571 करोड़ रुपये जुटाए। पेटीएम ने आईपीओ से 18,000 करोड़ रुपये जुटाए थे। नई उम्र वाली कंपनियों ने भी भारतीय बाजार से अच्छा खासा पैसा जुटाया। इसमें जोमैटो, नायका, पॉलिसी बाजार आदि हैं।  

  • 2023 में 89 कंपनियों के आईपीओ आने वाले हैं। इससे 1.40 लाख करोड़ रुपये जुटाए जाने का अनुमान है। 
  • नए साल में जो बड़ी कंपनियां बाजार से पैसे जुटा सकती हैं, उनमें ओयो ने 8,430 करोड़ रुपये जुटाने के लिए आवेदन किया है। 



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